Gujarat News: गुजरात में संपत्ति कानून में बड़ा बदलाव, ‘लैंड जिहाद’ पर सियासत के बीच विधानसभा में पास बिल
Gujarat News In Hindi: गुजरात विधानसभा ने अवैध संपत्ति हस्तांतरण पर रोक लगाने के लिए 1991 के कानून में संशोधन को मंजूरी दी. इस पर सरकार और विपक्ष के बीच जनसांख्यिकीय बदलाव को लेकर तीखी बहस हुई.

गुजरात विधानसभा में विपक्ष के विरोध के बीच एक और विधेयक पारित हो गया. विधानसभा ने 25 मार्च को अवैध संपत्ति हस्तांतरण पर अंकुश लगाने वाले संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी. यह विधेयक 1991 के अशांत क्षेत्र अधिनियम में बदलाव से जुड़ा है, जिसे बजट सत्र के अंतिम दिन ध्वनि मत से पारित किया गया. इस विधेयक का उद्देश्य वैध संपत्ति मालिकों को सुरक्षा देना और जबरन या संदिग्ध लेनदेन को रोकना है.
इस संशोधन का मुख्य लक्ष्य अशांत घोषित क्षेत्रों में अचल संपत्ति के हस्तांतरण को नियंत्रित करना और किरायेदारों को बेदखली से सुरक्षा देना है. सरकार के अनुसार, यह कानून अवैध या दबाव में किए गए सौदों पर रोक लगाने के लिए लाया गया है. साथ ही, वैध मालिकों के अधिकारों को मजबूत करने और सामाजिक संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया गया है.
सरकार का पक्ष और तर्क
राजस्व राज्य मंत्री संजयसिंह महिदा ने विधेयक को एक विशेष समुदाय के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय बताया. उन्होंने सदन में ‘लैंड जिहाद’ और ‘लव जिहाद’ जैसे मुद्दों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे कारकों के कारण जबरन पलायन की स्थिति बनती है. पीटीआई के अनुसार, महिदा ने अहमदाबाद के दानिलिम्दा जैसे क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए जनसांख्यिकीय बदलावों पर चिंता जताई और कहा कि ‘निर्दिष्ट क्षेत्र’ टैग लोगों को अनैच्छिक पलायन से बचाने का माध्यम है।
विपक्ष का विरोध और बहस
कांग्रेस ने इस विधेयक का समर्थन करने से इनकार किया और इसे लेकर सदन में तीखी बहस हुई. कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला ने सरकार के दंगा-मुक्त राज्य के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर स्थिति सामान्य है तो ऐसे कानून का विस्तार क्यों किया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि 1986 में अस्थायी तौर पर लाया गया यह कानून अब 744 क्षेत्रों तक फैल चुका है, जिसमें छोटे गांव भी शामिल हैं, जो इसकी आवश्यकता पर सवाल खड़े करता है.

















