Gujarat News: नवजात बच्चों को चोरी कर बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, तेलंगाना से सरगना गिरफ्तार
Banaskantha News In Hindi: बनासकांठा पुलिस ने बताया कि ये गिरोह जन्म के 24 से 48 घंटों के भीतर ही नवजात शिशुओं को हासिल कर लेता था और उन्हें मोटी रकम में बेच देता था.

गुजरात के बनासकांठा जिले से इस महीने की शुरुआत में चार वर्षीय बच्चे के अपहरण की जांच कर रही पुलिस ने एक अंतरराज्यीय बच्चा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने इस गिरोह के सरगना को तेलंगाना से गिरफ्तार किया है. ये गिरोह नवजात बच्चों को चोरी कर उन्हें ऊंचे दामों में बेच देता था.
पुलिस के मुताबिक 'मुरुगन गैंग' के नाम से कुख्यात यह गिरोह कथित तौर पर गुजरात, दिल्ली, तेलंगाना और महाराष्ट्र से नवजात शिशुओं की तस्करी करने और उन्हें ऊंचे दामों पर बेचने में शामिल था. अब तक की जांच में पुलिस ने कम से कम पांच बच्चों के अपहरण और उन्हें बेचे जाने की पुष्टि की है.
बच्चा तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़
दरअसल बीते छह अप्रैल को वडगाम से से एक चार साल के बच्चे को अगवा कर लिया गया था, जिसे पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर लिया. इस मामले में बनासकांठा पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया था. पूछताछ के दौरान पुलिस को इस अपराध से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पता चला. जाँच में सामने आया कि गिरोह का एक मुख्य संदिग्ध तेलंगाना से अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा है.
बनासकांठा के पुलिस अधीक्षक प्रशांत सुम्बे ने कहा, 'पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए मुख्य आरोपी की पहचान बोदाशु नागराजू उर्फ मुरुगन के रूप में की और उसे उसके दो साथियों कसरापु तिरुपति और केलेती गंगाराजन के साथ गिरफ्तार कर लिया. ये सभी तेलंगाना के निवासी हैं.'
पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
अधिकारियों के अनुसार, मुख्य आरोपी मुरुगन शुरू में कृत्रिम गर्भाधान (आईवीएफ) केंद्रों के लिए 'अंडाणु दाता' (एग डोनर) के रूप में महिलाओं की व्यवस्था करने का काम करता था. वह ऐसी महिलाओं की पहचान करता था जो प्राकृतिक रूप से गर्भधारण करने में असमर्थ थीं और उन्हें उन स्वस्थ महिलाओं से मिलवाता था जो आर्थिक लाभ के बदले अपने अंडाणु देने या 'सरोगेसी' (किराये की कोख) के लिए तैयार होती थीं.
इस दलाली के काम के बदले उसे प्रति महिला 5,000 से 6,000 रुपये का कमीशन मिलता था. हालांकि, नवजात शिशुओं को बेचने से होने वाले अधिक मुनाफे के लालच में वह बाद में अंतरराज्यीय बच्चा तस्करी एजेंटों के संपर्क में आ गया.
मोटी रकम में बेचते थे नवजात शिशु
बनासकांठा पुलिस ने बताया कि ये गिरोह जन्म के 24 से 48 घंटों के भीतर ही नवजात शिशुओं को हासिल कर लेता था और उन्हें मोटी रकम में बेच देता था. आरोपियों ने कथित तौर पर गुजरात, महाराष्ट्र और दिल्ली से शिशुओं का अपहरण किया और उन्हें स्थानीय बिचौलियों के माध्यम से बेचा.
पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पालनपुर में पूछताछ की गई. जिसमें पता चला कि इस गिरोह ने गुजरात और महाराष्ट्र से दो-दो, तेलंगाना से तीन और दिल्ली से एक बच्चा बेचा है. इस मामले की जांच की जा रही है और तस्करी किए गए बच्चों को सुरक्षित छुड़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं.
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Source: IOCL

























