गुजरात: कैंसर पीड़ित पिता ने दो बच्चों को मारकर की आत्महत्या, पढ़ें पूरा मामला
Gujarat Murder Case : गुजरात के द्वारका में कैंसर से पीड़ित एक व्यक्ति ने अपने दो छोटे बच्चों को जहरीला पदार्थ खिलाकर मार डाला और फिर खुद आत्महत्या कर ली. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

गुजरात के द्वारका जिले से सोमवार (6 अक्टूबर) शाम एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई. यहां एक 40 वर्षीय कैंसर पीड़ित व्यक्ति ने अपनी दो नाबालिग बच्चों को जहरीला पदार्थ खिलाकर उनकी हत्या कर दी और फिर खुद भी जान दे दी. यह दर्दनाक घटना कल्याणपुर थाना क्षेत्र के लांबा गांव में हुई.
कल्याणपुर थाने के निरीक्षक टी.सी. पटेल ने बताया कि मृतक का नाम मेरामन छेत्रिया था. वह पिछले पांच वर्षों से कैंसर से पीड़ित था और लगातार अपनी बिगड़ती सेहत से परेशान था. पुलिस अधिकारी के अनुसार, छेत्रिया कई बार अपने रिश्तेदारों और गांव के लोगों से कह चुका था कि उसे अब अपनी मौत करीब नजर आती है. उसे इस बात की सबसे ज्यादा चिंता सता रही थी कि उसके गुजर जाने के बाद उसके छोटे बच्चों का क्या होगा, कौन उनकी देखभाल करेगा.
कैंसर पीड़ित ने अपने बच्चों को जहर देकर की हत्या
इसी मानसिक तनाव और चिंता के बीच सोमवार शाम उसने ऐसा कदम उठा लिया जिसने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया. पुलिस के मुताबिक, मेरामन ने पहले अपनी पांच साल की बेटी और तीन साल के बेटे को जहरीला पदार्थ दिया. कुछ देर बाद उसने खुद भी वही जहर खा लिया. थोड़ी ही देर में तीनों की हालत बिगड़ गई और जब परिवार के लोग कमरे में पहुंचे, तो सभी बेहोश पड़े थे. अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया.
लंबे समय से बीमार था आरोपी मेरामन
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मेरामन लंबे समय से बीमारी, आर्थिक कठिनाइयों और भविष्य की चिंता से जूझ रहा था. उसके पास इलाज कराने के लिए पर्याप्त साधन नहीं थे और वह अवसाद की स्थिति में आ गया था.
घटना की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस निरीक्षक टी.सी. पटेल ने बताया कि मेरामन छेत्रिया कैंसर से पीड़ित था. वह अक्सर यह कहा करता था कि उसकी मौत के बाद बच्चों की देखभाल कौन करेगा. इसी सोच में डूबकर उसने यह दर्दनाक कदम उठा लिया. पुलिस ने इस मामले में हत्या और आत्महत्या का केस दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है.
Source: IOCL

























