Kanker News: कांकेर में आकाशीय बिजली का कहर, पेड़ के नीचे छिपे गांव के उप-सरपंच समेत 3 की मौत
Kanker News In Hindi: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादस हो गया. तालाब गहरीकरण कर रहे मनरेगा मजदूरों पर गाज गिरी गई जहां उप सरपंच समेत 3 की मौत और 5 महिलाएं घायल हो गए.

मानसून की दस्तक के साथ ही मौसम का मिजाज जानलेवा साबित हो रहा है. शुक्रवार (12 जून) को कांकेर जिले के अंतागढ़ ब्लॉक स्थित कालगाव गांव में आकाशीय बिजली (गाज) गिरने से एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया. बारिश से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे शरण लिए हुए मनरेगा मजदूरों पर अचानक आकाशीय बिजली गिर गई. इस घटना में गांव के उप सरपंच समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं.
हादसे के मुख्य बिंदु
मृतकों की पहचान: जान गंवाने वालों में कालगाव के उप सरपंच मनराज पटेल, ग्रामीण संतोष पटेल और प्रकाश पटेल शामिल हैं. अंतागढ़ पुलिस स्टेशन के अनुसार, हादसे में 5 महिलाएं घायल हुई हैं. इनमें से एक की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए कांकेर रेफर किया गया है, जबकि अन्य 4 का इलाज अंतागढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है.
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कैसे हुआ हादसा
गांव में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत तालाब गहरीकरण का काम चल रहा था, जहां करीब 50 से 60 मजदूर इकट्ठा थे.
अचानक बदला मौसम और पेड़ के नीचे ली शरण
ग्रामीणों ने बताया कि काम सामान्य रूप से चल रहा था, तभी अचानक मौसम तूफानी हो गया और तेज बारिश शुरू हो गई. बारिश से खुद को बचाने के लिए कुछ मजदूरों ने पास के ही एक बड़े पेड़ के नीचे शरण ली थी. कुछ ही सेकंड बाद उस पेड़ पर एक बेहद शक्तिशाली आकाशीय बिजली गिरी. बिजली सीधे 8 लोगों पर गिरी, जिससे तीन मजदूरों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया.
गांव में पसरा मातम, प्रशासन अलर्ट
इस अचानक हुई घटना से पूरे गांव में मातम का माहौल है. पुलिस ने तीनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. प्रशासन का ध्यान फिलहाल पीड़ित परिवारों को फौरी सहायता और घायलों को उचित चिकित्सा उपलब्ध कराने पर है. इस दर्दनाक घटना के बाद मनरेगा कार्य स्थलों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा किए जाने की भी उम्मीद है.
मौसम विभाग की चेतावनी
बता दें कि मानसून के आगमन के साथ ही मध्य भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और 70 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम में पेड़ों के नीचे या खुले मैदान में खड़े होने से बचें.
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