Dantewada: के.के रेल मार्ग पर नक्सलियों ने मचाया उत्पात, मालगाड़ी के इंजन में आग लगाकर किया खाक, रेलवे को करोड़ों का नुकसान
Dantewada Naxalite Attack: नक्सल प्रभावित इलाके दंतेवाड़ा में एक बार फिर नक्सलियों ने हमला बोलकर एक मालगाड़ी के इंजन को आग लगा दी है. इस घटना में रेलवे को भारी नुकसान हुआ है.

Dantewada Naxalite Put Rail On Fire: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा (Dantewada) में नक्सलियों ने मंगलवार देर रात बचेली और भांसी स्टेशन के बीच मालगाड़ी को रोककर इंजन में आग लगा दी है. आगजनी से पहले नक्सलियों ने इंजन में सवार लोको पायलट और अन्य स्टाफ को उतार दिया और आगजनी की वारदात को अंजाम दिया. घटना के वक्त मालगाड़ी किरंदुल से लौह अयस्क (Iron Ore)भरकर विशाखापट्टनम जा रही थी. इस बीच बचेली स्टेशन पार कर करीब 1 किलोमीटर दूर पहुंचने पर नक्सलियों ने ट्रैक पर अवरोध लगाकर माल गाड़ी को रोक दिया और उसके बाद गाड़ी रोककर लोको पायलट को नीचे उतरने को कहा और इंजन में आग लगा दी.
हालांकि घटना की सूचना मिलने पर देर रात ही किरंदुल एसडओपी और बचेली के थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस फोर्स को रवाना किया गया, लेकिन तब तक नक्सली घटना को अंजाम देकर फरार हो चुके थे. इधर इस घटना से रेलवे को काफी नुकसान पहुंचा है, रेल के इंजन में नक्सली द्वारा आगजनी से इंजन जलकर खाक हो गया है.
रेल इंजन हुआ जलकर खाक
दंतेवाड़ा एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि नक्सली अपने टीसीओसी (TCOC) अभियान के तहत एक बार फिर से इलाके में सक्रिय हो रहे हैं. ऐसे में उन्होंने इस बार मालवाहक रेलगाड़ी को नुकसान पहुंचाया है. एसपी ने बताया कि भांसी और बचेली के बीच नक्सली हमेशा वारदात को अंजाम देते हैं, हालांकि यहां पहले से ज्यादा सुरक्षा के इंतजाम पुलिस के द्वारा किए गए हैं, लेकिन नक्सलियों ने देर रात इस वारदात को अंजाम दिया. इधर इस आगजनी की घटना से रेल इंजन पूरी तरह से जलकर खाक हो गया है, हालांकि मालगाड़ी में लदी लोहा अयस्क को नक्सलियों ने कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है और ना ही लोको पायलट और अन्य स्टाफ से मारपीट की गई है, लेकिन एक बार फिर इस इलाके में नक्सलियों की सक्रियता देखी जा रही है.
नहीं हुई RPF की तैनाती
गौरतलब है कि किरंदुल से जगदलपुर के बीच के.के रेल मार्ग पर हमेशा से ही नक्सली वारदात को अंजाम देते आ रहे हैं, हालांकि इस बढ़ती घटना को देखते हुए आरपीएफ के आईजी ने पुलिस फोर्स की भी तैनाती की बात कही थी और आरपीएफ के जवानों के लिए बैरक निर्माण की भी घोषणा रेल प्रशासन की ओर से की गई थी. लेकिन इस घोषणा के कई साल बीतने के बाद भी अब तक इस रेल मार्ग में सुरक्षा के लिए आरपीएफ की तैनाती नहीं की गई है, जिसके चलते नक्सली आए दिन रेल विभाग को इस तरह के वारदात को अंजाम देकर करोड़ों रुपए का नुकसान पहुंचा रहे हैं.















