Bastar News: कोरोना की तीसरी लहर से निपटने को कितना तैयार है बस्तर का 'सबसे बड़ा अस्पताल'? ग्राउंड रिपोर्ट
Bastar News:छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल कोरोना की तीसरी लहर के बीच संसाधनों की कमी का सामना कर रहा है. यहां जानें अस्पताल की ग्राउंड रिपोर्ट.

Bastar News: एक तरफ जहां देश के कई राज्यों में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर हाहाकार मचा हुआ है. बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अन्य राज्यों और छत्तीसगढ़ प्रदेश के अन्य शहरों में पहले से ही स्वास्थ्य सुविधा दुरुस्त रखी गई है, वहीं बस्तर संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल संकटकाल में संसाधनों की कमी से जूझ रहा है, खासकर अस्पताल में स्टाफ की भारी कमी बनी हुई है, जिसकी वजह से अस्पताल के रेगुलर कर्मचारियों को 12- 12 घंटे काम करना पड़ रहा है, दरअसल कोरोना के दूसरी लहर में DMFT फंड से रखे गए लगभग 600 कर्मचारियों को एक साथ निकाल दिए जाने से अस्पताल में स्टाफ की कमी बनी हुई है और संकट काल के इस समय में मरीजों को बेहतर स्वास्थ सुविधा नहीं मिल पा रही है..
600 बिस्तर के अस्पताल में स्टाफ की कमी
डिमरापाल मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल अधीक्षक टीकू सिन्हा से मिली जानकारी के मुताबिक जिला प्रशासन द्वारा DMFT फंड से रखे गए स्वास्थ्य विभाग के लगभग 600 कर्मचारियों को निकाले जाने से स्टाफ की कमी बनी हुई है, लगभग 600बिस्तर के इस अस्पताल में कोविड वार्ड अलग से बनाया गया है और तीसरी लहर को देखते हुए यहां डॉक्टर के साथ नर्सों की भी तैनाती की गई है, लेकिन इस वार्ड में भी स्टाफ की कमी बनी हुई है, इसके अलावा अस्पताल के अन्य सामान्य वार्डों में भी स्टाफ की कमी की वजह से दिक्कतें जा रही हैं और जिसकी वजह से रेगुलर कर्मचारियों से 12- 12 घंटे ड्यूटी ली जा रही है. इधर स्टाफ के लोगों का कहना है कि जबसे स्टाफ की कमी हुई है तब से विभाग उनसे 12 -12 घंटे काम ले रहा है, इतना ही नहीं किसी तरह की परेशानी होने पर छुट्टी व आराम करने से भी सीधे मना कर दिया गया है, ऐसे में उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
इन स्टाफों की बनी हुई है कमी
इधर अस्पताल में स्टाफ नर्सों के साथ ही, चिकित्सक, वार्ड बॉय, वार्ड आया और टेक्नीशियन की कमी पिछले लंबे समय से बनी हुई है, इधर जब कोरोना देश के कई राज्यो में तबाही मचा रहा है और अब छत्तीसगढ़ में भी लगातार संक्रमित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है, बावजूद इसके बस्तर संभाग के सबसे बड़े अस्पताल में व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई है और अस्पताल में स्टाफ की कमी बनी हुई है, लिहाजा अगर बस्तर में भी कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होती है तो अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा जाएगी, वहीं बस्तर वासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, इधर पिछले 15 दिन से एक साथ निकाले गए 600 कर्मचारी भी लगातार उन्हें वापस लेने की मांग कर रहे हैं, बावजूद इसके प्रशासन इन कर्मचारियों को वापस ड्यूटी में रखने के लिए बिल्कुल भी गंभीर होता दिखाई नहीं दे रहा है, फिलहाल संकटकाल में संभाग के सबसे बड़े डिमरापाल अस्पताल में स्वास्थ सुविधा हाशिये पर है.
इसे भी पढ़ें :

















