पुलिस बनाम पप्पू यादव: रात में गिरफ्तारी पर कानूनी टकराव, जानें क्या कहता है नियम?
Pappu Yadav News: इस गिरफ्तारी के मामले पर रात्रि में ही पप्पू यादव तथा समर्थकों एवं पुलिस के बीच नोक झोंक भी हुई. पप्पू यादव कहते रहे की रात में आप हमें गिरफ्तार नहीं कर सकते हैं.

पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को पुलिस ने 31 साल पुराने मामले पर बीते शुक्रवार (6 फरवरी) की देर रात गिरफ्तार कर लिया. उनको पहले इलाज के लिए आईजीआईएमएस ले जाया गया. उसके बाद शनिवार ( 7 फरवरी) की सुबह पुलिस उन्हें PMCH ले गई. वहां से पप्पू यादव को पुलिस कोर्ट ले गई.
इस गिरफ्तारी के मामले पर रात्रि में ही पप्पू यादव तथा समर्थकों एवं पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई. पप्पू यादव कहते रहे की रात में आप हमें गिरफ्तार नहीं कर सकते हैं. ऐसा कोई प्रावधान नहीं. हालांकि पूर्वी एसपी अभिनव कुमार यह कहते रहे कि यह प्रावधान है, लेकिन क्या वाकई में रात्रि में गिरफ्तारी करना कोई प्रावधान नहीं है. आइए समझते हैं कि नियम क्या कहते हैं.
रात में गिरफ्तारी पर सीनियर वकील ने क्या कहा?
इस पर पटना हाई कोर्ट के सीनियर वकील शिवानंद भारती ने कहा कि कुछ ऐसे मामले होते हैं जिन पर किसी भी वक्त गिरफ्तार किया जा सकता है. शिवानंद भारती ने कहा कि ऐसी प्रावधान है कि अगर वारंट है तो विकट परिस्थितियों में ही या कुछ धारा होती है, जिन पर किसी भी वक्त गिरफ्तार किया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि यह पुरुषों के मामलों में होता है महिलाओं में तो किसी भी मामले में पुलिस रात में गिरफ्तार नहीं कर सकती. हालांकि पप्पू यादव की रात्रि में गिरफ्तारी पर उन्होंने कहा कि पप्पू यादव का जो मामला था यह उस तरह का नहीं है जो देर रात में पुलिस का गिरफ्तार कर सके.
कबका है पप्पू यादव पर मामला?
पप्पू यादव पर यह मामला साल 1995 का है. इस मामले में 2024 में वारंट आए थे. किसी कारणवश पप्पू यादव बेल (जमानत) नहीं करा पाए और कुर्की के वारंट आ गए. उन्होंने कहा कि सवाल उठता है कि उनकी बेल टूटी हुई थी. इस पर पप्पू यादव ने कहा है कि हमें जानकारी नहीं थी, तो पुलिस को यह बात समझनी चाहिए थी.
वकील ने कहा कि पप्पू यादव कोई भगोड़े व्यक्ति नहीं है. वह दिल्ली से पटना हमेशा आते-जाते रहते हैं. उनके साथ सिक्योरिटी रहती है. उनके आने-जाने के बारे में जिले के एसपी को सूचना दी जाती है, तो फिर इस तरह से रात्रि में 11:00 बजे के बाद जाकर गिरफ्तारी करना यह मेरी समझ से कुछ बाहर लग रहा है.
विकट परिस्थिति में है गिरफ्तारी का प्रावधान
उन्होंने कहा कि विकट परिस्थिति में गिरफ्तार करने का प्रावधान है, लेकिन वैसी स्थिति वाले ये वारंट नहीं थे. 2024 में जब बेल टूटी थी और पुलिस को जब जानकारी थी तो पहले इस पर क्यों एक्शन नहीं लिया गया और कुर्की का वारंट आने की नौबत कैसे आई. जो हमेशा पुलिस के बीच में रहते हैं उसके लिए पुलिस इतनी लापरवाह कैसे हो गई.
उन्होंने कहा कि हमेशा वह बेल पर रहते हैं. अक्सर ऐसा होता है कि जो हाजिरी होती है वह कभी-कभी छूट जाती है. वही उनके साथ भी हुआ है. जिस समय बेलबॉन्ड कैंसिल हुआ और नॉन-बेलेबल वारंट जारी हुआ. इस समय पुलिस को एक्शन लेना चाहिए था या इनको बताना चाहिए था या नोटिस देना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया.
मामले पर क्या बोले पुलिस एसपी?
पप्पू यादव की गिरफ्तारी के मामले पर पूर्वी एसपी अभिनव कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि वारंट पर प्रावधान रात्रि में गिरफ्तारी के लिए सिर्फ महिलाओं के लिए यह प्रतिबंध है. ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि पुरुष या कोई वीआईपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता.
Source: IOCL


























