बिहार MLC चुनाव के बीच शिक्षकों से PK का सम्राट को चैलेंज, कहा- सरकार झुक जाएगी
प्रशांत किशोर ने बिहार के शिक्षकों से सातवें वेतनमान के लिए एकजुट होने की अपील की. बोले- 2 लाख शिक्षक साथ आए तो मांग पूरी होगी. नौकरी के मुद्दे पर भी बड़ा दावा किया.

जन सुराज पार्टी के संस्थापक और विधायक प्रशांत किशोर ने बिहार के शिक्षकों से सातवें वेतनमान की मांग को लेकर एकजुट होने और आंदोलन करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि अगर दो लाख शिक्षक एक साथ आकर अपनी मांग को लेकर धरना देते हैं तो सरकार को सातवां वेतनमान देना पड़ेगा.
प्रशांत किशोर ने शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि लोकसभा चुनाव से पहले अगर सातवां वेतनमान लागू नहीं करा पाए तो वह उनसे वोट मांगने नहीं जाएंगे. हालिया कार्यक्रमों में भी वह 2029 लोकसभा चुनाव से पहले शिक्षकों को सातवां वेतनमान दिलाने का वादा कर चुके हैं.
जनसुराज नेता का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब राज्य में स्नातक एमएलसी चुनाव चल रहे हैं और पार्टी ने भी अपने उम्मीदवार उतारे हैं.
प्रशांत ने शिक्षकों से जाति और दल से ऊपर उठकर अपनी मांग के लिए एकजुट होने को कहा. उन्होंने कहा कि शिक्षक अगर बड़ी संख्या में साथ आएं और धरना दें तो सरकार पर दबाव बनेगा. उनका कहना है कि दो लाख शिक्षकों का एक साथ खड़ा होना सातवें वेतनमान के लिए निर्णायक दबाव बना सकता है.प्रशांत किशोर ने भाजपा और पूर्ववर्ती सरकारों पर भी सवाल उठाया कि इतने वर्षों में शिक्षकों को सातवां वेतनमान क्यों नहीं मिला.
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नौकरी के मुद्दे पर भी बड़ा दावा
प्रशांत किशोर ने रोजगार देने का वादा किया था. पूछा गया कि एनडीए के लोग सवाल उठा रहे हैं रोजगार कहां से देंगे? इस पर उन्होंने कहा कि जनता जानती है कि वह जितना बोलते हैं, उतना करने का प्रयास करते हैं. हालिया MLC अभियान के दौरान जन सुराज ने स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवारों की जीत की स्थिति में 10 हजार शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलाने का वादा किया है.
पटना, बिहार: जन सुराज पार्टी के संस्थापक और विधायक प्रशांत किशोर ने कहा, "लोगों को ये याद दिलाना चाहता हूं कि हम लोगों की सरकार नहीं है, ना हम विपक्ष में हैं, ना हमारा कोई विधायक था फिर भी 1 करोड़ से ज्यादा बिहार के बुजुर्गों को 400 के बजाय 1100 पेंशन मिल रहा है, आज भी मिल रहा है क्योंकि जन सुराज ने वो मुद्दा उठाया है, प्रशांत किशोर ने वो मुद्दा उठाया है। आपके जरिए शिक्षकों को ये आश्वस्त कर रहा हूं कि अगर लोकसभा चुनाव से पहले सातवाँ वेतनमान नहीं दिला पाए, तो लोकसभा में आपसे वोट मांगने नहीं आएंगे। अंतिम बार किसी ने कहा कि सत्तारूढ़ दल भी यही कर रहा है, तो भाई वो ये वादा कर दें शिक्षकों से कि अगर वो अगले साल सातवाँ वेतनमान आपको प्रशांत किशोर, जनसुराज दिला कर रहेंगे...अगर लोकसभा चुनाव से पहले सातवां वेतनमान नहीं दिला पाए, तो लोकसभा में आपसे वोट मांगने नहीं आएंगे..."
— IANS Hindi (@IANSKhabar) October 8, 2026
‘जनता ने जाति-धर्म के नाम पर वोट दिया’
प्रशांत किशोर ने कहा कि जनता ने अब तक जाति, धर्म और दल के नाम पर वोट दिया है. कभी सरकार बनाने तो कभी किसी को हटाने के लिए वोट किया गया. उन्होंने कहा कि विधान परिषद चुनाव का उद्देश्य सरकार बनाना या हटाना नहीं, बल्कि सरकार को जवाबदेह बनाना है. उन्होंने दावा किया कि जन सुराज सत्ता में नहीं होने के बावजूद मुद्दे उठाकर सरकार से फैसले कराने में भूमिका निभा रहा है. पेंशन बढ़ने समेत कुछ फैसलों का श्रेय भी उन्होंने जन सुराज के उठाए मुद्दों को दिया.
उन्होंने कहा कि हम लोगों की सरकार नहीं है, ना हम विपक्ष में हैं, ना हमारा कोई विधायक था फिर भी 1 करोड़ से ज्यादा बिहार के बुजुर्गों को 400 के बजाय 1100 पेंशन मिल रहा है, आज भी मिल रहा है क्योंकि जन सुराज ने वो मुद्दा उठाया है, प्रशांत किशोर ने वो मुद्दा उठाया है.
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