IND vs WIN: साल के अंतिम वनडे के साथ सीरीज जीतने मैदान पर उतरेगी टीम इंडिया
पिछले दो साल से भारत को भारत में किसी टीम ने एक सीरीज के दो मैच में नहीं हराया है क्या विंडीज की टीम ऐसा कर पाएगी

भारत और विंडीज के बीच खेली जा रही पांच मैचों की वनडे सीरीज रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है. सीरीज का आखिरी मैच भारत का साल 2018 का आखिरी वनडे मुकाबला भी है, जो कि गुरूवार को तिरुवनंतपुरम के ग्रीन फील्ड मैदान पर खेला जाएगा. भारतीय टीम अभी इस सीरीज में 2-1 से आगे है और इस मुकाबले को जीत कर सीरीज के साथ-साथ साल का अंत भी सुखद करना चाहेगी.
मुंबई में 224 रनों की विशाल जीत के साथ भारत के हौसले बुलंद हैं और ऐसे में टीम की कोशिश विंडीज के खिलाफ लगातार 8वीं सीरीज जीतने की होगी. हालाकि विंडीज की टीम भी वापसी करने की कोशिश करेगी. इस मैदान पर पहली बार वनडे मुकाबला(दूसरा अंतरराष्ट्रीय मैच) खेला जा रहा है इससे पहले भारत और न्यूजीलैंड के बीच एकमात्र टी 20 खेला गया था.
भारत ने पहला मैच अपने नाम किया था तो वहीं विंडीज ने दूसरा मैच टाई करा दिया और फिर तीसरे मैच में जीत हासिल करते हुए सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली थी. चौथे मैच में हालांकि भारत ने एकतरफा जीत हासिल करते हुए बढ़त ले ली थी.
भले ही भारतीय टीम यहां से सीरीज हार नहीं सकती लेकिन विंडीज के खिलाफ किसी तरह की कोताही नहीं बरतना चाहेगी.
विंडीज ने खेल के इस फॉर्मेट में भारत को पटखनी देने का पूरा माद्दा है और इस बात को उसने साबित किया है इसलिए वह पांचवें मैच में आत्मविश्वास के साथ ही उतरेगी. विंडीज अगर भारत को इस मैच में हरा देती है तो वह अक्टूबर-2016 से भारत को घर में वनडे सीरीज में दो हार सौंपने वाली पहली टीम बन जाएगी.
Here's all the action from the final training session. We are set for the 5th @paytm ODI in #Thiruvananthapuram tomorrow ✌🏽 #TeamIndia #INDvWI pic.twitter.com/TjJnuR3gXL
— BCCI (@BCCI) October 31, 2018
भारत को हराना आसान नहीं होगा क्योंकि अभी तक सभी मैचों में उसकी बल्लेबाजी शानदार रही है. खास तौर पर टॉप ऑर्डर की. कप्तान विराट कोहली ने जहां पहले तीन मैच में शतक जड़ा तो वहीं रोहित शर्मा के बल्ले से भी दो शतक आ चुके हैं. चौथे नंबर पर अंबाटी रायुडु ने पिछले मुकाबले में शतकीय पारी खेल टीम की परेशानी को हल कर दिया है.
भारत के लिए चिंता की बात महेंद्र सिंह धोनी का फॉर्म है जो लगातार गिरावट का रुख अपनाए हुए है. हालाकि टीम मैनेजमेंट विश्व कप से पहले अब कोई बदलाव नहीं करना चाहेगी. वहीं केदार जाधव लगातार चोटों से जूझ रहे हैं.
गेंदबाजी में खलील अहमद ने पिछले मैच में तीन विकेट लेकर काफी प्रभावित किया था. उनके साथ भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, रवींद्र जड़ेजा तथा कुलदीप यादव ने अच्छा साथ दिया. टीम में दोनों विभागों में अच्छा किया था इस लिहाज से प्लेइंग इलेवन में में बदलाव की संभावना कम ही दिख रही है.
वहीं विंडीज की बात की जाए तो बल्लेबाजी में उसकी उम्मीदें शाई होप और शिमरोन हेटमायेर से हैं. इन दोनों बल्लेबाजों के दम पर ही मेहमान टीम दूसरा मैच टाई और तीसरा मैच जीतने में सफल रही थी. एक बार फिर कप्तान जेसन होल्डर इन दोनों पर निर्भर होंगे. आखिरी मुकाबले से पहले टीम मैनेजमेंट को उम्मीद होगी की सबसे अनुभवी बल्लेबाज मार्लन सैमुएल्स का बल्ला भी बोले.
गेंदबाजी में टीम केमरन रोच और कीमो पॉल के दम पर है, लेकिन एशले नर्स भारत के लिए सिर दर्द साबित हो सकते हैं. वहीं कप्तान होल्डर के जिम्मे भी बड़ी जिम्मेदारी है.
टीमें :-
भारत :- विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा (उप-कप्तान), शिखर धवन, अंबाती रायडू, ऋषभ पंत, महेंद्र सिंह धोनी (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, खलील अहमद, उमेश यादव, लोकेश राहुल और मनीष पांडे.
विंडीज :- जेसन होल्डर (कप्तान), फाबियान एलेन, सुनील ऐंब्रिस, देवेंद्र बिशू, चंद्रपाल हेमराज, शिमरोन हेटमायेर, शाई होप (विकेटकीपर), अल्जारी जोसेफ, इविन लुइस, एश्ले नर्स, कीमो पॉल, रोवमैन पोवेल, केमर रोच, मार्लन सैमुएल्स, ओशाने थॉमस.















