एक्सप्लोरर

Explained: 'जब शिवाजी महाराज दुश्मनों में घिरे तब यहूदी...', अब इजरायल क्यों लगवा रहा छत्रपति शिवबा का स्टेच्यू?

Shivaji Maharaj Statue in Israel: इजरायल में शिवाजी महाराज की प्रतिमा लगाने का फैसला PM मोदी के दौरे के बाद लिया गया है. इजरायल का कहना है कि इस कदम से दोनों देश और ज्यादा करीब आ जाएंगे.

जब खबर आई कि इजरायल अपने यहां छत्रपति शिवाजी महाराज की एक प्रतिमा स्थापित करने जा रहा है, तो कई लोगों के लिए यह किसी अजूबे से कम नहीं था. आखिर एक मराठा योद्धा राजा और उस देश के बीच भला क्या रिश्ता हो सकता है जो हजारों किलोमीटर दूर पश्चिम एशिया में है? मगर जो लोग इतिहास की तहों में थोड़ा भी झांकते हैं, उन्हें पता चलता है कि यह रिश्ता 350 साल पुराना है. इसकी नींव उस दौर में पड़ी जब शिवाजी महाराज पूरे पश्चिमी भारत में मुगलों और विदेशी ताकतों के खिलाफ हिंदवी स्वराज्य की नींव रख रहे थे...

सबसे पहले जान लीजिए कि इजरायल का ताजा ऐलान क्या है?

इजरायल सरकार ने यह तय किया है कि छत्रपति शिवाजी महाराज की एक विशालकाय प्रतिमा इजरायल के एक प्रमुख तटीय शहर में स्थापित की जाएगी. द संडे गार्जियन के मुताबिक, यह प्रतिमा हाइफा या तेल अवीव जैसे शहर में लगाई जाएगी, जहां भारतीय मूल के यहूदियों और खासकर बेने इजराइल समुदाय के लोग रहते हैं. इस प्रतिमा के अनावरण समारोह में इजरायल के मंत्री और भारत के प्रतिनिधि शामिल होंगे. यह आयोजन दोनों देशों के रिश्तों में एक नया अध्याय जोड़ेगा.

शिवाजी महाराज का यहूदियों से क्या लगाव था जो इजरायल उनकी मूर्ति लगा रहा है?

इस कहानी को समझने के लिए हमें भारत के पश्चिमी तट पर बसे एक बेहद खास समुदाय को जानना होगा. ये हैं 'बेने इजरायल' यानी 'इजरायल की संतान'. माना जाता है कि करीब दो हजार साल पहले गैलिली से निकले यहूदियों का एक जत्था जहाज दुर्घटना के बाद भारत के कोंकण तट पर आकर बस गया था. ये लोग स्थानीय मराठी संस्कृति में पूरी तरह घुल-मिल गए. मराठी बोलने लगे, पारंपरिक पोशाक पहनने लगे और अपने नाम भी मराठी रख लिए. लेकिन अपनी यहूदी आस्था, सब्त का दिन और खान-पान के नियम उन्होंने कभी नहीं छोड़े.

बेने इजरायल समुदाय सदियों तक कोंकण के गांवों में तेल निकालने और खेती-बाड़ी का काम करता रहा. यह बाकी दुनिया के यहूदियों से पूरी तरह कटा हुआ था. उन्हें विदेशी हमलावरों या बुरे शासकों की वजह से कभी उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ा, जैसे यूरोप या मिडिल-ईस्ट के यहूदियों को झेलना पड़ा.

भारत की मिट्टी ने उन्हें अपना लिया और वे फले-फूले. तभी इतिहास के पन्नों पर एक ऐसे शासक का उदय हुआ जिसने न सिर्फ इस समुदाय की हिफाजत की, बल्कि उन्हें अपने साम्राज्य का हिस्सा बना लिया.

शिवाजी महाराज की सेना में यहूदी सैनिक और कमांडर

छत्रपति शिवाजी महाराज की सबको साथ लेकर चलने की नीति का एक चमकता उदाहरण उनकी सेना और नौसेना में मिलता है. द संडे गार्जियन की रिपोर्ट बताती है कि शिवाजी ने कोंकण तट के बेने इजरायल युवाओं को बड़ी संख्या में अपनी मराठा सेना में भर्ती किया. उनकी नौसेना में यहूदी नाविक और अफसर अहम पदों पर थे, क्योंकि इन लोगों को समुद्र की गहरी समझ थी. इतना ही नहीं, कई ऐतिहासिक दस्तावेजों के मुताबिक, स्वयं शिवाजी महाराज के निजी अंगरक्षक दल में भी बेने इजरायल समुदाय के वीर सैनिक शामिल थे.

टाइम्स ऑफ इंडिया ने मुंबई के इतिहासकारों के हवाले से लिखा है कि शिवाजी के शासनकाल में बेने इजरायल परिवारों को रायगढ़ और अन्य किलों के आसपास बसने के लिए जमीन दी गई ताकि वे सुरक्षित रह सकें और सेना को तत्काल मदद कर सकें.

शिवाजी की प्रशासनिक व्यवस्था में सबके लिए समान न्याय और धार्मिक स्वतंत्रता की जो नीति थी, उसका सीधा फायदा इस छोटे से अल्पसंख्यक समुदाय को मिला. जब दूसरे देशों में यहूदी मारे जा रहे थे और उन्हें दोयम दर्जे का जीवन जीने को मजबूर किया जा रहा था, तब हिंदवी स्वराज्य में वे बराबरी के नागरिक थे. यही बात इस समुदाय की सामूहिक यादों में आज भी जिंदा है.

एक दिलचस्प किस्सा: जब यहूदी सैनिक ने बचाई थी शिवाजी की जान

बेने इजरायल समुदाय के बीच एक कहानी पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही है. एक बार दुश्मन के साथ युद्ध के दौरान शिवाजी महाराज बुरी तरह घिर गए थे और उनकी जान पर बन आई थी. तब एक यहूदी सिपाही ने अपनी सूझबूझ और बहादुरी से न सिर्फ महाराज को सुरक्षित निकाला बल्कि दुश्मनों को चकमा देकर पूरी टुकड़ी को बचा लिया.

इस घटना के बाद शिवाजी ने उस सैनिक को जमीन और इनाम से नवाजा. हालांकि इसे लेकर लिखित ऐतिहासिक दस्तावेज कम हैं, लेकिन बेने इजरायल के लोगों के लिए यह गौरव गाथा उतनी ही सच है जितना उनका अस्तित्व. इसी भावना ने सदियों बाद आज इजरायल में शिवाजी की प्रतिमा लगवाने की प्रेरणा दी है.

इजरायल और भारत के रिश्तों में शिवाजी महाराज क्यों अहम हैं?

यह सिर्फ अतीत को सलाम करने की बात नहीं है, बल्कि इसके आज के राजनीतिक और कूटनीतिक मायने भी बहुत गहरे हैं. पिछले तीन दशकों में भारत और इजरायल के संबंध जिस तरह मजबूत हुए हैं, उसमें आपसी सुरक्षा सहयोग, कृषि, जल संरक्षण और टेक्नोलॉजी बड़े कारक रहे हैं. लेकिन इन सबके मूल में एक साझा सांस्कृतिक मूल्य भी है. दोनों ही देश प्राचीन सभ्यताएं हैं जो अपनी पहचान और अस्तित्व के लिए लंबी लड़ाइयां लड़ चुके हैं.

इजरायल में भारतीय मूल के यहूदी पिछले 70-80 सालों में बड़ी संख्या में इजरायल जाकर बस गए हैं और वहां की राजनीति, सेना और समाज में अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं. उनके लिए शिवाजी महाराज सिर्फ एक राजा नहीं, बल्कि उस उदार और शक्तिशाली शासन की पहचान हैं जिसने सदियों पहले उनके पूर्वजों को सीना से लगाया था.

ज़ाहिद अहमद इस वक्त ABP न्यूज़ में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. टेलीविजन और डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में उन्हें करीब 9 साल का तजुर्बा है. इससे पहले वे 3 बड़े मीडिया संस्थानों में भी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. वे ओरिजिनल सेक्शन की एक्सप्लेनर टीम में सीनियर सब एडिटर रहे. ज़ाहिद आउटपुट डेस्क, बुलेटिन प्रोड्यूसिंग और बॉलीवुड सेक्शन को बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर लीड भी कर चुके हैं. देश-विदेश, सियासत, कारोबार, एजुकेशन, एंटरटेनमेंट, चुनाव और समाजी मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़ है. आसान लहजे में असरदार और भरोसेमंद एक्सप्लेनर पेश करना उनकी पहचान है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

'कदम रखते ही शेख हसीना होंगी गिरफ्तार', बांग्लादेश के मंत्री की धमकी
'कदम रखते ही शेख हसीना होंगी गिरफ्तार', बांग्लादेश के मंत्री की धमकी
PoK में उबाल! रेंजर्स पर फायरिंग, मारपीट और एम्बुलेंस जलाने के आरोप
PoK में उबाल! रेंजर्स पर फायरिंग, मारपीट और एम्बुलेंस जलाने के आरोप
ईरान अपने करीबी चीन को मिसाइल से बना रहा निशाना, IRGC ने कहा- देंगे सजा
ईरान अपने करीबी चीन को मिसाइल से बना रहा निशाना, IRGC ने कहा- देंगे सजा
क्या है ईरान की Mosquito Fleet, जिसकी पुतिन ने की जमकर तारीफ, चिढ़ा अमेरिका
क्या है ईरान की Mosquito Fleet, जिसकी पुतिन ने की जमकर तारीफ, चिढ़ा अमेरिका
Advertisement

वीडियोज

24 घंटे...4 मर्डर...दिल्ली में लगता है डर !
Ramayana Trailer Review: Ranbir Kapoor के Ram और Yash के Ravan लुक ने जीता दिल
Spider-Man Brand New Day Review: Tom Holland ने फिर जीता दिल, Emotions और Action का शानदार मेल
Ramayana Trailer Review: Yash का Ravan अवतार शानदार, Ranbir Kapoor ने भी जीता दिल
Ranveer Singh का मजेदार जवाब हुआ वायरल, Female फैन की बात पर हंसी नहीं रोक पाए लोग
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
चीन ने J-20 फाइटर जेट LAC के करीब किया तैनात, सैटेलाइट से सामने आयी तस्वीर
चीन ने J-20 फाइटर जेट LAC के करीब किया तैनात, सैटेलाइट से सामने आयी तस्वीर
215 वाइस चांसलरों ने लिखा प्रियंका गांधी को ओपन लेटर, पढ़ें पूरा मामला
215 वाइस चांसलरों ने लिखा प्रियंका गांधी को ओपन लेटर, पढ़ें पूरा मामला
बांकीपुर: 34.30% वोटिंग, प्रशांत किशोर, BJP या RJD किसे बड़ा झटका?
बांकीपुर: 34.30% वोटिंग, प्रशांत किशोर, BJP या RJD किसे बड़ा झटका?
BO Collection: 'द ओडिसी' से 'बॉर्डर 2' तक, 'स्पाइडर मैन' ने तोड़े 9 बड़ी फिल्मों के ओपनिंग डे रिकॉर्ड्स
'द ओडिसी' से 'बॉर्डर 2' तक, 'स्पाइडर मैन' ने तोड़े 9 बड़ी फिल्मों के ओपनिंग डे रिकॉर्ड्स
रहाणे की रिटायरमेंट पर किसने क्या कहा, सचिन-युवराज और सूर्या ने किया भावुक पोस्ट
रहाणे की रिटायरमेंट पर किसने क्या कहा, सचिन-युवराज और सूर्या ने किया भावुक पोस्ट
पेपर लीक बवाल के बीच ओडिशा में पेपर लीक, व्हाट्सएप पर वायरल, जांच के आदेश
पेपर लीक बवाल के बीच ओडिशा में पेपर लीक, व्हाट्सएप पर वायरल, जांच के आदेश
Xप्लेन: देश के दो बड़े नौकरशाह होंगे रिटायर्ड! कैबिनेट सेक्रेटरी और गृह सचिव के लिए अब कौन?
देश के दो बड़े नौकरशाह होंगे रिटायर्ड! कैबिनेट सेक्रेटरी और गृह सचिव के लिए अब कौन?
मनुस्मृति पर खरगे का बयान, भड़के BJP सांसद, नड्डा बोले- अशांति फैलेगी
मनुस्मृति पर खरगे का बयान, भड़के BJP सांसद, नड्डा बोले- अशांति फैलेगी
Embed widget