US-ईरान वार्ता से पहले किले में तब्दील इस्लामाबाद, C-130 विमान तैनात, दो दिन छुट्टी-रास्ते ब्लॉक
US Iran Talks Islamabad: अमेरिका और ईरान के बीच 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में होने वाली अहम वार्ता से पहले पाकिस्तान की राजधानी को पूरी तरह सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया गया है.

US Iran Talks Islamabad: मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में जारी नाजुक संघर्षविराम के बीच पूरी दुनिया की नजरें अब पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पर टिकी हैं. कल यानी 11 अप्रैल से यहां अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक वार्ता शुरू होने जा रही है. इस हाई-प्रोफाइल बैठक की मेजबानी के लिए इस्लामाबाद को पूरी तरह एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है.
इस्लामाबाद की सड़कों पर सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा है. विशेष रूप से शहर के 'रेड जोन' को पूरी तरह सुरक्षित कर दिया गया है, जहां केवल सीमित नागरिक आवाजाही की अनुमति है. इस क्षेत्र में संसद, प्रमुख सरकारी प्रतिष्ठान, लग्जरी होटल, दूतावास और विदेशी संगठनों के कार्यालय स्थित हैं. नागरिक वाहनों के लिए इन रास्तों को ब्लॉक कर दिया गया है. शहर भर में सशस्त्र पुलिस गार्डों ने कई चौकियां (Checkpoints) स्थापित की हैं. विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए यातायात के रूट बदल दिए गए हैं.
राजधानी में दो दिन की छुट्टी घोषित
अधिकारियों ने नागरिक गतिविधियों को कम करने के लिए गुरुवार और शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है. अधिकांश स्कूल और दुकानें बंद हैं और सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है.
अमेरिका को फुलप्रूफ सुरक्षा का भरोसा
गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने अमेरिकी राजदूत को आश्वासन दिया है कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को फुलप्रूफ सुरक्षा प्रदान की जाएगी. सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए 30 सदस्यीय अमेरिकी अग्रिम टीम पहले ही इस्लामाबाद पहुंच चुकी है. हालांकि, सुरक्षा को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं. व्हाइट हाउस के पूर्व प्रेस सचिव एरी फ्लीशर ने अमेरिकी वार्ताकारों की सुरक्षा पर चिंता जताई है. उनका तर्क है कि पाकिस्तान एक खतरनाक जगह है क्योंकि वहां की सरकार का सुरक्षा व्यवस्था पर पूर्ण नियंत्रण नहीं है.
आसमान में भी 'सुरक्षा कवच'
इस्लामाबाद ने न केवल जमीन पर, बल्कि आसमान में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं. ओपन सोर्स डेटा के अनुसार, पाकिस्तान वायु सेना (PAF) ने सुरक्षित हवाई प्रोटोकॉल सुनिश्चित करने के लिए IL-78 रिफ्यूलिंग टैंकर्स और C-130 विमान तैनात किए हैं. ईरानी प्रतिनिधिमंडल के विमान को सुरक्षा देने के लिए पाकिस्तानी फाइटर जेट्स को ईरान के बंदर अब्बास के ऊपर देखा गया है. रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, एक AWACS प्लेटफॉर्म तैनात किया गया है ताकि उड़ान पथ पर एक सुरक्षा कवच बनाया जा सके. इसका उद्देश्य ईरानी प्रतिनिधिमंडल पर संभावित इजरायली हमले को रोकना है.
वीजा-ऑन-अराइवल की सुविधा
पाकिस्तान सरकार ने इस वार्ता में शामिल होने वाले सभी लोगों के लिए 'वीजा-ऑन-अराइवल' की घोषणा की है. गृह और नारकोटिक्स नियंत्रण मंत्रालय के दस्तावेज के अनुसार, पत्रकारों सहित सभी प्रतिनिधियों को आगमन पर वीजा दिया जाएगा. हवाई अड्डों पर विशेष सुविधा डेस्क भी स्थापित किए गए हैं. पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि सरकार ने वार्ता को सफल बनाने के लिए प्रवेश प्रक्रियाओं को सरल बनाया है. अब पूरी दुनिया यह देख रही है कि दो कट्टर प्रतिद्वंद्वियों के बीच इस महत्वपूर्ण मध्यस्थता को पाकिस्तान कितनी कुशलता से निभा पाता है.



















