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ढाई साल की जंग... एक करोड़ लोग कहां गए? रूसी हमलों के बाद यूक्रेन की आबादी में आई बड़ी गिरावट, यूएन की बढ़ी टेंशन

यूएन पॉपुलेशन फंड ने राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के हवाले से बताया कि साल 2014 में यूक्रेन की आबादी 4 करोड़ 50 लाख थी, लेकिन फरवरी, 2022 में रूस के हमले के बाद जनसंख्या में 80 लाख की कमी आई.

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू हुए दो साल से भी ज्यादा समय बीत चुका है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह इस वक्त सबसे बड़े चिंता का विषय बन चुका है. अब युद्ध को लेकर एक ऐसा डेटा आया है, जिसने संयुक्त राष्ट्र की टेंशन और ज्यादा बढ़ा दी है. यूएन ने मंगलवार (22 अक्टूबर, 2024) को बताया कि इन दो सालों में यूक्रेन की आबादी में 80 लाख की कमी आई है और 2014 से अब तक एक करोड़ लोग कम हो गए हैं.

रूस ने पहली बार साल 2014 में यूक्रेन पर हमला किया था. ईस्टर्न यूरोप एंड सेंट्रल एशिया के लिए यूएन पॉपुलेशन फंड की रीजनल डायरेक्टर फ्लोरेंस बाउर ने बताया कि 2014 से अब तक पूरे यूक्रेन की जनसंख्या 1 करोड़ घट गई है, जबकि 2022 के हमले के बाद सिर्फ दो साल में आबादी में 80 लाख की कमी दर्ज की गई. हालांकि, रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि यह आंकड़ा जनगणना से नहीं लिया गया है. इस दौरान यूक्रेन में जनगणना नहीं हुई. 

यूएन पॉपुलेशन फंड ने राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के हवाले से बताया कि साल 2014 में यूक्रेन की आबादी 4 करोड़ 50 लाख थी. उस वक्त रूस ने सिर्फ क्रीमिया पर कब्जा किया था, लेकिन फरवरी, 2022 में रूस का हमला बड़े स्तर पर था. इसमें पूरे यूक्रेन पर हमले हुए और उस वक्त आबादी घटकर चार करोड़ 30 लाख हो गई, लेकिन 2024 तक यह आंकड़ा तीन करोड़ 50 लाख पर पहुंच चुका है.

फ्लोरेंस बाउर ने पत्रकारों के साथ बातचीत में यह जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि आबादी में इस बदलाव के लिए कई फैक्टर्स जिम्मेदार हैं. बर्थ रेट और पलायन आबादी में कमी की मुख्य वजह हैं. उन्होंने कहा कि यूक्रेन सबसे कम बर्थ रेट वाले यूरोपीय देशों में से एक है. यहां औसतन एक महिला एक ही बच्चा पैदा करती है. यह पूरी दुनिया में सबसे कम बर्थ रेट है. 

फ्लोरेंस बाउर ने आगे बताया कि जॉब और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए भी लोग दूसरे देशों में शिफ्ट हुए हैं. खासतौर से यंग जेनरेशन. फ्लोरेंस बाउर ने कहा कि पिछले ढाई साल में 67 लाख लोग शरणार्थी के तौर पर देश छोड़कर भाग गए हैं. हालांकि, उनका यह भी कहना है कि ढाई साल से जारी युद्ध में भी हजारों लोग हताहत हुए हैं. रूस और यूक्रेन की ओर से कभी भी मरने वालों का आंकड़ा जारी नहीं किया गया है. वैसे रूस और यूक्रेन की ओर से कभी भी मरन वालों का आंकड़ा जारी नहीं किया गया है, लेकिन अगस्त, 2023 में अमेरिकी अधिकारियों ने हमलों में 70 हजार यूक्रीन सर्विस मेंबर्स की मौत का अनुमान लगाया था.

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