अंतरिक्ष में उगेंगी दवाइयां! वैज्ञानिकों का बड़ा दावा, चांद-मंगल मिशन में खत्म हो सकती है दवाओं की कमी
अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, सैन डिएगो के इंजीनियरों की एक नई रिसर्च में दावा किया गया है कि अंतरिक्ष में उगाए जाने वाले पौधों का इस्तेमाल दवाइयों के उत्पादन के लिए किया जा सकता है.

क्या भविष्य में अंतरिक्ष यात्री अपनी जरूरत की दवाइयां अंतरिक्ष में ही उगा सकेंगे? यह सवाल अब विज्ञान कथा नहीं, बल्कि वास्तविकता के करीब पहुंचता दिख रहा है. वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जो लंबी अंतरिक्ष यात्राओं के दौरान पौधों की मदद से जरूरत पड़ने पर दवाइयां तैयार करने का रास्ता खोल सकती है.
अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, सैन डिएगो के इंजीनियरों की एक नई रिसर्च में दावा किया गया है कि अंतरिक्ष में उगाए जाने वाले पौधों का इस्तेमाल दवाइयों के उत्पादन के लिए किया जा सकता है. phys.org में छपे लेख के मुताबिक यह तकनीक भविष्य में चांद और मंगल जैसे लंबे मिशनों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है.
अंतरिक्ष में दवाइयां
फिलहाल अंतरिक्ष यात्राओं में दवाइयों का पूरा स्टॉक पृथ्वी से ही भेजा जाता है. लेकिन जब मिशन कई महीनों या वर्षों तक चलने लगें, तब दवाओं की उपलब्धता और उनकी गुणवत्ता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन जाती है. वैज्ञानिकों का कहना है कि लंबी अवधि के मिशनों में कुछ दवाइयां खराब भी हो सकती हैं या उनकी प्रभावशीलता कम हो सकती है.
यहीं से "स्पेस फार्मेसी" का विचार सामने आता है. नई तकनीक के तहत पौधों को इस तरह तैयार किया जा सकता है कि वे जरूरत पड़ने पर विशेष औषधीय तत्व पैदा करें. यानी अंतरिक्ष यात्री मांग के अनुसार ताजा दवाइयां तैयार कर सकेंगे, बजाय इसके कि वे वर्षों पुरानी दवाओं पर निर्भर रहें.
विशेषज्ञों के अनुसार, मंगल ग्रह तक की यात्रा में कई महीने लग सकते हैं. ऐसी स्थिति में हर संभावित बीमारी के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाइयां साथ ले जाना व्यावहारिक नहीं होगा. अगर अंतरिक्ष में ही दवाइयां बनाई जा सकें तो मिशन की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता दोनों बढ़ जाएंगी.
अंतरिक्ष में 'स्पेस फार्मेसी'
यह शोध केवल अंतरिक्ष तक सीमित नहीं है. वैज्ञानिकों का मानना है कि इस तकनीक का फायदा पृथ्वी पर भी मिल सकता है. दूरदराज के इलाकों, आपदा प्रभावित क्षेत्रों या सीमित चिकित्सा संसाधनों वाले स्थानों पर जरूरत के मुताबिक दवाइयां तैयार करने का नया रास्ता खुल सकता है.
चांद और मंगल पर मानव बस्तियां बसाने की योजनाओं के बीच यह शोध एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. जिस तरह अंतरिक्ष में भोजन उगाने पर काम चल रहा है, उसी तरह अब दवाइयों के उत्पादन की दिशा में भी बड़ी प्रगति होती दिख रही है.
अगर यह तकनीक सफल होती है, तो आने वाले वर्षों में अंतरिक्ष यात्रियों को दवाइयों की कमी की चिंता नहीं करनी पड़ेगी. संभव है कि भविष्य की "स्पेस फार्मेसी" किसी अस्पताल में नहीं, बल्कि अंतरिक्ष में उग रहे पौधों के बीच दिखाई दे.
























