भारतीय फार्मा कंपनी के वेयरहाउस पर 'दोस्त' रूस ने दागी मिसाइलें, बोला यूक्रेन दूतावास
Russia Attack On Indian Pharma Warehouse: यूक्रेनी दूतावास ने कहा कि भारत का खास दोस्त होने का दावा करने वाले रूस जानबूझकर भारतीय व्यवसायों को निशाना बना रहा है.

Russia Attack On Kiev: यूक्रेन की राजधानी कीव में रूस के ताजा हमले में एक भारतीय दवा कंपनी की गोदाम तबाह हो गई. इस बात की जानकारी भारत में यूक्रेन के दूतावास ने शनिवार (12 अप्रैल, 2025) को दी. दूतावास ने कहा कि रूसी मिसाइल ने यूक्रेन में भारतीय दवा कंपनी कुसुम के गोदाम पर हमला किया.
यूक्रेनी दूतावास ने कहा कि भारत का खास दोस्त का दावा करते हुए मास्को जानबूझकर भारतीय व्यवसायों को निशाना बना रहा है. बच्चों और बुजुर्गों के लिए बनी दवाओं को तबाह कर रहा है. दरअसल, भारत में यूक्रेन दूतावास ने यूक्रेन में ब्रिटिश राजदूत मार्टिन हैरिस की ओर से शेयर की गई पोस्ट का जवाब दिया था, जिसमें कहा गया, "आज सुबह रूसी ड्रोन ने कीव में एक प्रमुख फार्मास्यूटिकल्स गोदाम को पूरी तरह से नष्ट कर दिया, बुजुर्गों और बच्चों के लिए आवश्यक दवाओं के स्टॉक को जला दिया. यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ रूस का आतंक अभियान जारी है."
पुतिन ने की ट्रंप के विशेष दूत से बातचीत
इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन संघर्ष पर बातचीत के लिए सेंट पीटर्सबर्ग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से मुलाकात की. इस साल दोनों की यह तीसरी बार बातचीत हुई. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक क्रेमलिन ने कहा कि बैठक चार घंटे से ज्यादा चली और इसमें 'यूक्रेनी समझौते के पहलुओं' पर ध्यान केंद्रित किया गया. पुतिन से मिलने से पहले, विटकॉफ ने किरिल दिमित्रिएव के साथ बातचीत की. दिमित्रिएव ने बाद में कहा कि बातचीत 'सार्थक' रही.
Today, a Russian missile struck the warehouse of Indian pharmaceutical company Kusum in Ukraine.
— UKR Embassy in India (@UkrembInd) April 12, 2025
While claiming “special friendship” with India, Moscow deliberately targets Indian businesses — destroying medicines meant for children and the elderly.#russiaIsATerroristState https://t.co/AW2JMKulst
रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद लाखों लोग हुए विस्थापित
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है जो फरवरी 2022 में शुरू हुआ था, जब रूस ने यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण किया. रूस ने यह दावा किया कि वह पूर्वी यूक्रेन में रूसी भाषी क्षेत्रों की रक्षा कर रहा था और नाटो के विस्तार को रोक रहा था. युद्ध शुरू होने के बाद से कीव और खार्किव जैसे प्रमुख शहरों को निशाना बनाया गया और लाखों यूक्रेनवासी या तो विस्थापित हो गए या शरणार्थी बन गए हैं.
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Source: IOCL





















