Nepal Plane Crash: 'हमने तेज आवाज सुनी और फिर...', हादसे के चश्मदीदों ने सुनाई पूरी कहानी
नेपाल के पोखरा में 72 लोगों को ले जा रहा प्लेन क्रैश हो गया, इस हादसे में कुल 68 लोगों की मौत हो गई, हादसे के वक्त स्थानीय लोगों ने घटना की पूरी कहानी सुनाई है.

Nepal Plane Crash: नेपाल के पोखरा में रविवार (15 जनवरी) को काठमांडू-पोखरा के लिए आ रहा एक प्लेन लैंडिंग के 10 सेकेंड पहले क्रैश हो गया. इस प्लेन में सवार सभी लोगों की मौत हो चुकी है, और 68 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं. प्लेन जहां पर क्रैश हुआ वहां पास में काम कर रहे स्थानीय लोगों ने हादसे की पूरी कहानी सुनाई है.
समाचार एजेंसी एएनआई ने हादसे की जगह पर काम कर रहे लोगों से बात की और उन्होंने हादसे के वक्त क्या हुआ था इसके बारे में पूरी जानकारी दी. एक चश्मदीद दीपक साही पोखरा ने बताया कि अचानक उसने एक तेज आवाज सुनी, उस आवाज के बाद जब वह घटनास्थल पर पहुंचा तो उसने देखा वहां कुछ लोग घायल हैं और मदद की गुहार लगा रहे हैं तो वहीं कुछ लोगों की मौत हो चुकी है.
Nepal Aircraft crash | We heard a loud sound and came rushing to the spot (where the plane crash happened). There we could spot a few injured people and dead bodies in the debris, an eye-witness Deepak Sahi recalls the horrific plane crash in Pokhara that left 68 people dead pic.twitter.com/9jgffTXA8U
— ANI (@ANI) January 15, 2023
क्या बोले दूसरे चश्मदीद?
एक अन्य चश्मदीद महमूद खान ने बताया कि जब हम अपने घरों में थे तब हमने एक तेज आवाज सुनी और वहां पर धुएं का एक बड़ा बादल देखा, उन्होंने कहा कि जब तक वह हादसे की जगह पहुंचे तब तक वहां पर भीषण आग लग चुकी थी.
नेपाल प्लेन हादसे में मारे गए लोगों की होगी डीएनए सैंपलिंग
नेपाल प्लेन हादसे में मारे गए लोगों की डीएनए सैंपलिंग की जाएगी. इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के शव को रिकवर कर लिया गया है. रिकवर किए गये जिन शवों को पहचाना मुमकिन नहीं है, नेपाल सरकार उन शवों की डीएनए सैंपलिंग कराने जा रही है.
मारे गए लोगों के शव हेलीकॉप्टर के जरिए काठमांडू भेजे जा चुके हैं. खबर लिखे जाने तक मिली जानकारी के मुताबिक अब तक 20 लोगों के शव की पहचान की जा चुकी है. विमान हादसे में जान गवाने वालों में संजय, सोनू जायसवाल, विशाल शर्मा, अनिल राजभर और अभिषेक कुशवाहा नाम के भारतीय नागरिक शामिल हैं.
Source: IOCL






















