नेपाल में जलप्रलय: 165 की मौत, 826 लापता, 133 से ज्यादा भारतीय मिसिंग
तिब्बत सीमा से लगे मध्य नेपाल के इलाकों में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ से भारी तबाही हुई. करीब 165 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि 133 भारतीय नागरिकों समेत 826 लोग लापता बताए जा रहे हैं.

तिब्बत की सीमा से लगे मध्य नेपाल के जिलों में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी. बाढ़ में करीब 165 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 133 भारतीय नागरिकों समेत 826 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है.
बाढ़ के तेज बहाव में शहरों और गांवों के बड़े हिस्से प्रभावित हुए हैं. कई महत्वपूर्ण पुल बह गए और कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है. नेपाल और चीन की सीमा से लगे इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है.
भूकंप के कुछ मिनट बाद आई बाढ़
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने संसद को बताया कि स्थानीय समय के अनुसार सुबह 8:37 बजे तिब्बत क्षेत्र में भूकंप आया था. इसके करीब तीन मिनट बाद अचानक बाढ़ आने की सूचना मिली. इससे आशंका जताई जा रही है कि भूकंप के झटकों से हिमनद फटा होगा और उसके कारण बाढ़ आई होगी.
अधिकारियों के अनुसार, भोटे कोशी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा, जिससे तिब्बत की सीमा से लगे रसुवा और धादिंग जिले प्रभावित हुए.
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के मुताबिक, नेपाल-तिब्बत सीमा पर लेंडे नदी में पानी बढ़ने और चट्टानों के खिसकने से रसुवा जिले के सीमावर्ती शहर तिमुरे में भोटे कोशी के रास्ते त्रिशूली नदी में भीषण बाढ़ आ गई.
इसके बाद बाढ़ का पानी नदी के रास्ते नुवाकोट, चितवन, गोरखा, तनहुं और नवलपरासी पूर्व समेत अन्य जिलों तक पहुंच गया. इससे काठमांडू से करीब 70 से 200 किलोमीटर दूर तक के इलाके प्रभावित हुए.
165 लोगों की मौत की पुष्टि
अचानक आई बाढ़ में 165 लोगों की मौत हुई है जबकि 73 लोग घायल हैं. इसी तरह 826 सुरक्षा कर्मी लापता हैं, इनमें नेपाल आर्मी के 44, नेपाल पुलिस के 28 और नेपाल आर्म्ड पुलिस के 13 जवान शामिल हैं. 579 पर्यटकों का पता भी नहीं लग पा रहा है.
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से सामने आए वीडियो में तेज रफ्तार से बहते कीचड़, चट्टानों और मलबे ने तबाही का मंजर दिखाया. पानी इमारतों और वाहनों की ओर तेजी से बढ़ता नजर आया, जिसके चलते लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते दिखे.
एक वीडियो में चार मंजिला इमारत बाढ़ के तेज बहाव में बहती दिखाई दी. दूसरे वीडियो में रसुवा में एक कार बाढ़ के पानी में बह गई. एक अन्य वीडियो में पानी के तेज दबाव के कारण लंबा पुल दो हिस्सों में टूटता दिखाई दिया.
धादिंग के एक वीडियो में बाढ़ का पानी पुल से टकराने के बाद उसे बहाकर ले जाता दिखाई दिया. एक अन्य वीडियो में कीचड़ भरा पानी करीब 30 सेकंड में एक पुल को पूरी तरह अपनी चपेट में लेकर बहा ले गया.
करीब 100 लोगों को बचाया गया
अधिकारियों के अनुसार प्रभावित इलाकों के अलग-अलग हिस्सों से करीब 100 लोगों को बचाया गया है. इनमें से 30 लोगों का इलाज काठमांडू स्थित त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल में चल रहा है.
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने स्थिति का जायजा लेने के लिए आपात बैठक की. इसके बाद प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य के लिए नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को तैनात किया गया.
शाह ने जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना जताई और उनके परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की. उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए अधिकारियों को प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.
133 भारतीय और 37 एनआरआई भी लापता
अधिकारियों ने बताया कि लापता लोगों में कम से कम 133 भारतीय और 37 अप्रवासी भारतीय (एनआरआई) शामिल हैं. इनमें कम से कम 50 भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्री हैं.
गैर-लाभकारी संस्था ईशा फाउंडेशन ने बताया कि उसके 77 सदस्य भी लापता हैं. ये लोग एक आव्रजन केंद्र में मौजूद थे. संस्था के संस्थापक सद्गुरु ने कहा कि आव्रजन कार्यालय में मौजूद लोगों के बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. उन्होंने बताया कि 495 लोग सुरक्षित लौट चुके हैं.
तमिलनाडु के अधिकारियों के मुताबिक लापता 37 पर्यटक तंजावुर के रहने वाले हैं. उत्तर प्रदेश और केरल समेत कई अन्य भारतीय राज्यों ने भी हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. राज्यों को आशंका है कि नेपाल में फंसे लोगों में उनके निवासी भी शामिल हो सकते हैं.
भारतीयों और एनआरआई के अलावा लापता लोगों में दो दर्जन से ज्यादा देशों के नागरिक शामिल हैं. इनमें अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड के नागरिक भी हैं.
भारत ने मदद का भरोसा दिया, राहत सामग्री भेजी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से फोन पर बात की और उन्हें हालात से निपटने के लिए हरसंभव मानवीय सहायता का भरोसा दिया. नई दिल्ली ने नेपाल के लिए राहत सामग्री की पहली खेप भी भेज दी है.
उत्तर प्रदेश-बिहार में एनडीआरएफ हाई अलर्ट पर
वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नेपाल में आई बाढ़ की विभीषिका अत्यंत दुखद है. जिन परिवारों ने इस आपदा में अपने प्रियजनों को खोया है, मेरी संवेदनाएं उनके साथ हैं. संकट की इस घड़ी में भारत सरकार नेपाल के साथ खड़ी है. नेपाल में आई इस आपदा के संबंध में बिहार व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से बात की. इसका प्रभाव जिन सीमावर्ती क्षेत्रों पर पड़ सकता है, वहां के स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव की टीमों के साथ NDRF को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है.
#WATCH | Valmikinagar, West Champaran (Bihar): The administration is on high alert due to the apprehension of a rise in the Gandak River's water level following flash floods in Tibet and Nepal.
— ANI (@ANI) August 26, 2026
West Champaran District Magistrate (DM) Taranjot Singh said, "Administrative… pic.twitter.com/yDG2oGcxyF






















