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न्यूजीलैंड के आम चुनावों में जेसिंडा अर्डर्न की बंपर जीत, दोबारा प्रधानमंत्री बनेंगी

वोटों की गिनती के शुरुआती रुझान ही जेसिंडा अर्डर्न की बड़ी जीत की तरफ इशारा कर रहे थे. उन्होंने कहा कि वह जनादेश का इस्तेमाल सामाजिक असमानता को दूर करने के लिए करेंगी.

ऑकलैंड: न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने अपने दूसरे कार्यकाल के लिए आम चुनाव में शनिवार को शानदार जीत दर्ज की. वह विश्व की दूसरी ऐसा नेता हैं, जिन्होंने इस संवैधानिक पद पर रहने के दौरान 2017 में एक बच्चे को जन्म दिया था और पूरी दुनिया में कामकाजी माताओं के लिये ‘रोल मॉडल’ बन गईं.

कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने की सफल कोशिशें करने को लेकर भी इस साल की शुरूआत में उनकी लोकप्रियता का ग्राफ ऊपर चढ़ गया था. साथ ही, 50 लाख की आबादी वाले इस देश में अभी सामुदायिक स्तर पर इस वायरस का प्रसार नहीं हो रहा है.

ज्यादातर वोटों की गिनती हो चुकी है और 40 वर्षीय जेसिंडा की लिबरल लेबर पार्टी ने कुल मतों में अब तक 49 प्रतिशत मत हासिल किये हैं, जबकि प्रमुख प्रतिद्वंद्वी एवं कंजरवेटिव नेशनल पार्टी को सिर्फ 27 प्रतिशत मत ही प्राप्त हुए हैं.

लिबरल लेबर पार्टी संसद में काफी समय से प्रचंड बहुमत हासिल करना चाहती थी, जो देश में 24 साल पहले आनुपातिक मतदान प्रणाली लागू होने के बाद से नहीं हुआ था. सरकार बनाने के लिये विभिन्न दलों को गठबंधन करना पड़ता था लेकिन इस बार जेसिंडा और उनकी पार्टी अपने बूते सरकार बनाएगी.

विजयी भाषण में हजारों की संख्या में समर्थकों के समक्ष जेसिंडा ने कहा कि उनकी पार्टी को देश वासियों से कम से कम 50 साल के इतिहास में इस बार जबरदस्त समर्थन मिला है. उन्होंने कहा, ‘‘यह कोई सामान्य समय नहीं है. हम ऐसे धुव्रीकृत हो जा रहे विश्व में रह रहे हैं जहां अधिक से अधिक लोगों ने दूसरों का नजरिया सुनने की क्षमता खो दी है. ’’

इस साल मार्च के अंत में जब देश में सिर्फ 100 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी, जब उन्होंने न्यूजीलैंड में कठोर पाबंदियों वाला लॉकडाउन लागू कर दिया. उनकी यह योजना काम कर गई और देश ने 102 दिनों तक सामुदायिक स्तर पर संक्रमण नहीं होने दिया.

हालांकि, अगस्त में ऑकलैंड में कोविड-19 के नये मामले सामने आये. इसके बाद उन्होंने यहां तत्परता से दूसरा लॉकडाउन लागू किया और वायरस के नये प्रसार को रोक दिया. नये मामले सिर्फ उन लोगों में गये जो विदेशों से लौट रहे थे. ऑकलैंड में महामारी फैलने के कारण जेसिंडा ने चुनाव को भी एक महीने के लिये टाल दिया.

साल 2017 के चुनाव में लेबर पार्टी के दो अन्य दलों के साथ गठजोड़ करने के बाद जेसिंडा प्रधानमंत्री बनीं थी. वहीं, नेशनल पार्टी नेता जुडिथ कोलिंस ने ऑकलैंड में अपने समर्थकों से कहा कि वह जेसिंडा को कॉल कर उन्हें शुभकामनाएं देंगी. कोलिंस वकील रह चुकी हैं. उन्होंने कोविड-19 महामारी से अर्थव्यवस्था में आई मंदी को लेकर करों में कटौती का चुनावी वादा किया था.

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