न ट्रंप, न ईरान... दोनों अड़े, फिर चीन ने किससे कर दिया जंग खत्म कराने का वादा, उठाया बड़ा कदम
Israel Iran War: वांग यी ने बातचीत में स्पष्ट किया कि चीन आक्रामकता का विरोध करता है और शांति का समर्थन करता है. उन्होंने बताया कि हाल ही में चीन और पाकिस्तान ने मिलकर पांच सूत्रीय पहल पेश की है.

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं. एक तरफ जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान जंग खत्म ना करने की जिद पर अड़े हैं, वहीं चीन ने इस तनाव को खत्म कराने के लिए पहल शुरू की है. चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने गुरुवार को कहा कि चीन बहरीन के साथ मिलकर क्षेत्र में युद्ध खत्म करने, शांति बहाल करने और दीर्घकालिक स्थिरता स्थापित करने के लिए तैयार है. यह जानकारी शिन्हुआ न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट में दी गई है.
फोन पर हुई अहम बातचीत
रिपोर्ट के अनुसार, वांग यी, जो कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य भी हैं, ने यह बात बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल्लातिफ बिन राशिद अल ज़यानी के साथ फोन पर बातचीत के दौरान कही.
शांति और स्थिरता पर चीन का रुख
वांग यी ने बातचीत में स्पष्ट किया कि चीन आक्रामकता का विरोध करता है और शांति का समर्थन करता है. उन्होंने बताया कि हाल ही में चीन और पाकिस्तान ने मिलकर पांच सूत्रीय पहल पेश की है, जिसका उद्देश्य खाड़ी क्षेत्र और मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता बहाल करना है. इस पहल में नागरिकों और गैर-सैन्य ठिकानों पर हमले रोकने, होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा सुनिश्चित करने और समुद्री यातायात को सामान्य करने पर जोर दिया गया है.
संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर जोर
चीन ने कहा कि युद्धविराम और संघर्ष समाप्त करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा इच्छा है.UN सिक्योरिटी काउंसिल की कार्रवाई का उद्देश्य तनाव कम करना और संवाद को बढ़ावा देना होना चाहिए, न कि संघर्ष को और बढ़ाना.
चीन ने यह भी दोहराया कि एक स्थायी सदस्य और जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में वह पाकिस्तान के साथ मिलकर क्षेत्र में शांति बहाल करने और ग्लोबल साउथ देशों, खासकर छोटे और मध्यम देशों के हितों की रक्षा के लिए काम करेगा.
बहरीन की चिंता और पहल
वहीं, बहरीन के विदेश मंत्री ने मध्य पूर्व की ताजा स्थिति की जानकारी देते हुए कहा कि खाड़ी देशों की सुरक्षा गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में समुद्री आवाजाही प्रभावित हुई है.
उन्होंने यह भी कहा कि बहरीन इस मुद्दे के समाधान के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के माध्यम से भूमिका निभाने को तैयार है और चीन के साथ संवाद व समन्वय को मजबूत करना चाहता है.
Source: IOCL


























