'कभी इंडिया आकर देखो मिस्टर ट्रंप, फिर...', भारत को नरक बताने पर ईरान ने लगाई लताड़, शेयर किया वीडियो
भारत के खिलाफ डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की है, जिसे लेकर भारी बवाल मच गया है. विदेश मंत्रालय की नाराजगी के बाद अमेरिकी दूतावास ने मामले को संभालने की कोशिश की.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने बयानों से ज्यादा अपनी हरकतों के लिए चर्चा में रहते हैं. भारत को लेकर ट्रंप की एक हरकत से फिर बवाल मचा है. डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के बारे में एक विवादित पोस्ट शेयर किया है, जिसमें भारत को नरक बताया गया है. ईरान ने भी इसकी कड़ी निंदा की है.
अमेरिकी राष्ट्रपति के इस विवादित पोस्ट की कड़ी आलोचना हो रही है. विदेश मंत्रालय (MEA) ने डोनाल्ड ट्रंप के बयान को अज्ञानतापूर्ण अनुचित और खराब सोच वाला बताया है. मुंबई में स्थित ईरान के हाई कमीशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में वीडियो शेयर कर ट्रंप को न सिर्फ जमकर लताड़ लगाई बल्कि उन्हें भारत आकर वहां की संस्कृति देखने की सलाह दी है.
ईरान के हाई कमीशन ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि शायद किसी को मिस्टर ट्रंप के लिए एक तरफा सांस्कृतिक डिटॉक्स बुक करना चाहिए, इससे बेतरतीब बकवास कम हो सकती है. कभी इंडिया आ के देखो मिस्टर ट्रंप, फिर बोलना.
Maybe someone should book a one-way cultural detox for Mr. #Trump, it might just reduce the random bakwaas 😏
— Iran in Mumbai (@IRANinMumbai) April 23, 2026
Kabhi #India aa ke dekho, phir bolna. pic.twitter.com/kkocLZ31XX
अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने क्या कहा
अमेरिका ने बाद में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विवादित सोशल मीडिया री-पोस्ट से हुए नुकसान को संभालने की कोशिश की. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक भारत में अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रपति ने कहा है कि भारत एक महान देश है, जहां शीर्ष पद पर मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं.
किसने दिया था भारत के खिलाफ ये नफरती बयान
दरअसल, ये बयान रुढ़िवादी लेखक और रेडियो होस्ट माइकल सैवेज ने दिया था. डोनाल्ड ट्रंप ने इस बयान को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से शेयर कर दिया. माइकल सैवेज के बयान में लिखा था, 'यहां एक बच्चा तुरंत नागरिक बन जाता है और फिर वे पूरे परिवार को चीन या भारत या दुनिया की किसी और नरक से ले आते हैं. यह देखने के लिए आपको ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं है क्योंकि यहां अब इंग्लिश नहीं बोली जाती." सैवेज ने ये भी कहा कि प्रवासियों की वजह से अमेरिका के लोगों को नौकरी पाने में मुश्किलें आती हैं. उनका मानना है कि प्रवासी अमेरिकियों की नौकरी छीन रहे हैं.
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Source: IOCL

























