कोविड-19 वैक्सीन निर्माता मॉडर्ना के CEO ने कोरोना वायरस के लिए कहा, 'ये वायरस हमेशा के लिए रहेगा'
कोविड-19 वैक्सीन बनानेवाली कंपनी मॉडर्ना के सीईओ ने बुधवार को एक परिचर्चा में भाग लेते हुए बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कोरोना वायरस के हवाले से कहा कि ये 'दूर नहीं जा रहा' है और दुनिया को उसके साथ 'हमेशा' के लिए रहना होगा. न्होंने कहा कि स्वास्थ्य अधिकारियों को कोरोना वायरस के नए वेरिएंट की निरंतर तलाश में रहना होगा, ताकि वैज्ञानिक उससे लड़ने के लिए नई वैक्सीन का उत्पादन कर सकें क्योंकि 'कोरोना वायरस दूर नहीं जा रहा है'.

कोविड-19 वैक्सीन बनानेवाली कंपनी मॉडर्ना के सीईओ ने बुधवार को चेताया है कि कोरोना वायरस 'दूर नहीं जा रहा' है और दुनिया को उसके साथ 'हमेशा' के लिए रहना होगा. स्टीफन बंसेल ने कहा, "हम इस वायरस के साथ रहने जा रहे हैं, हमारा मानना है, हमेशा के लिए."
कोविड-19 वैक्सीन बनानेवाली कंपनी के प्रमुख ने कही बड़ी बात
बंसेल ने ये बात जेपी मॉर्गन हेल्थकेयर कांफ्रेंस के पैनल परिचर्चा में बोलते हुए कही. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अधिकारियों को कोरोना वायरस के नए वेरिएंट की निरंतर तलाश में रहना होगा, ताकि वैज्ञानिक उससे लड़ने के लिए नई वैक्सीन का उत्पादन कर सकें क्योंकि 'कोरोना वायरस दूर नहीं जा रहा है'. जन स्वास्थ्य अधिकारियों और महामारी रोग विशेषज्ञों ने कोविड-19 के स्थानीय बीमारी होने की आशंका जताई है. इसका मतलब हुआ कि ये बीमारी हर वक्त लोगों के बीच मौजूद रहेगी, हालांकि वर्तमान से उसका दर कम होगा.
बुधवार को शोधकर्ताओं ने ओहियो में बताया कि उन्होंने दो नए वेरिएंट की खोज की है और अमेरिका में उनकी उत्पत्ति की संभावना है. ये जल्दी से कोलंबस, ओहियो में तीन सप्ताह के समय में प्रमुख स्ट्रेन बन गया है. फाइजर के शोधकर्ताओं का कहना है बायोनटेक के साथ विकसित उनकी वैक्सीन ब्रिटिश स्ट्रेन और दक्षिण अफ्रीकी वेरिएंट के खिलाफ सुरक्षित पाई गई है. मॉडर्ना की वैक्सीन को फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेश ने 18 वर्षीय अमेरिकी लोगों के लिए मंजूर किया है. बच्चों पर अतिरिक्त रिसर्च को पूरा करने की अभी भी जरूरत है. जिससे उनका इम्यून सिस्टम वैक्सीन के प्रति व्यस्कों के मुकाबले अलग तरह की प्रतिक्रिया कर सके.
इस वायरस के साथ रहने जा रहे हैं, हमेशा के लिए: मॉडर्ना CEO
बंसेल ने बताया कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका वायरस के खिलाफ 'प्रयाप्त सुरक्षा' हासिल करनेवाले देशों में से एक होगा. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, दुनिया में पहले ही चार स्थानीय कोरोना वायरस हैं. लेकिन ये सब उतने ज्यादा संक्रामक या खतरनाक नहीं हैं जितना कोविड-19. कोरोना वायरस के कई नए वेरिएन्ट को खोजा गया है. उनमें से एक ब्रिटेन का स्पष्ट रूप से ज्यादा संक्रामक है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सोमवार को बताया कि जापान में भी एक नया, अलग वेरिएन्ट का पता चला है.
स्वास्थ्य एजेंसी के महानिदेशक ट्रेडोस अदनोम घेब्रेयसस ने नए वेरिएन्ट्स के बारे में कहा, "वायरस जितना ज्यादा फैलेगा वायरस में नए बदलाव की संभावना उतनी ही ज्यादा होगी." मॉडर्ना की दो डोज ने वैक्सीन के परीक्षण में कोरोना वायरस के खिलाफ 95 फीसद इम्यूनिटी दिखाई थी. कंपनी के अधिकारियों ने मंगलवार को जेपी मॉर्गन हेल्थकेयर कांफ्रेंस में बताया कि वैक्सीन से एक साल तक इम्यूनिटी मिलने की उम्मीद है.
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Source: IOCL
























