बिजली चोरी पर सख्त हुई योगी सरकार, पकड़े गए तो दर्ज होगी एफआईआऱ
केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आर.के. सिंह ने कहा कि यूपी में बिजली का बैकलॉग बहुत अधिक है, जो चिंता की बात है. हर मजरे और हर घर तक बिजली पहुंचाना एक चुनौती है. ऐसे में अगर कोई भी बिजली चोरी करता पाया गया तो तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाएगी.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी पहुंचे केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आर.के. सिंह ने गुरुवार को कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर घर को बिजली उपलब्ध कराई जाए, लेकिन इस दिशा में बिजली चोरी रोकने के लिए कठोर कदम उठाना होगा. उन्होंने कहा कि अगर कोई भी बिजली चोरी करता पाया गया तो तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. सिंह ने यह बात लखनऊ स्थित लालबहादुर शास्त्री भवन में बातचीत के दौरान कही. उन्होंने कहा कि यूपी में बिजली की उपलब्धता को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप्र के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा की मौजूदगी में समीक्षा बैठक हुई है.
उन्होंने कहा, "यूपी में बिजली को लेकर किए जा रहे कार्यो को लेकर हम पूरी तरह से संतुष्ट हैं. उप्र में प्रतिदिन 42 हजार घर रौशन हो रहे हैं. यूपी में बिजली का बैकलॉग बहुत अधिक है, जो चिंता की बात है. हर मजरे और हर घर तक बिजली पहुंचाना एक चुनौती है."
सिंह ने कहा, "यूपी में ऊर्जा विभाग का काम काफी सराहनीय है. अभी तक 54 लाख घरों में बिजली पहुंचाई जा चुकी है, जबकि 99 लाख घर अभी बाकी हैं. प्रतिदिन 42 हजार घर का विद्युतीकरण हो रहा है."
उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने तय किया है कि जिस मजरे में विद्युतीकरण का काम पूरा हो जाएगा, उसके बाद वहां इस बात का प्रचार भी किया जाएगा. सरकार गाड़ियों के माध्यम से प्रचार कराएगी कि इस मजरे में विद्युतीकरण का काम पूरा हो चुका है. अगर वहां कोई घर छूटा होगा तो वह तत्काल प्रचार वाहन से संपर्क कर अपने घर के लिए बिजली का कनेक्शन ले सकते हैं.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यूपी में बिजली के ट्रांशमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर अभी बुनियादी ढांचे का आभाव है. इसलिए सरकार ने पहले 14 हजार करोड़ रुपये मंजूर किए थे. इसके अलावा केंद्र सरकार ने 6 हजार करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. पैसे की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी.
केंद्रीय गृह सचिव रहते मालेगांव विस्फोट की घटना को 'भगवा आतंकवाद' नाम देने के लिए चर्चित आर.के. सिंह ने कहा कि ऊर्जा विभाग का प्रयास है कि बिजली की बिलिंग एवं मीटर रीडिंग का काम जल्द ही बंद किया जाएगा. इसकी जगह पर सरकार अब प्रीपेड और स्मार्ट मीटर की व्यवस्था को धीरे-धीरे लागू करेगी. यूपी सरकार ने अभी तक एक करोड़ प्रीपेड मीटर एवं 40 लाख स्मार्ट मीटर का ऑर्डर दिया है, जो जल्द ही मिल जाएंगे.
Source: IOCL


























