पटना में 8 घण्टे के अंदर डबल मर्डर की घटनाएं, अपराधियों ने दी पुलिस को खुली चुनौती
बिहार की राजधानी पटना में सिर्फ 8 घण्टे के अंदर हत्या की दो घटनाओं ने शहर में पुलिस की कार्यशैली पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा दिया है.

पटनाः पटना में डबल मर्डर से पूरे शहर में सनसनी फैल गई. शहर में अपराधियों का तांडव ऐसा कि रात की अंधेरे में ही नहीं दिन हो या शाम किसी भी समय घटना को अंजाम देकर आसानी से फरार हो जा रहे है. राजधानी में सिर्फ 8 घण्टे के अंदर दो हत्या की घटना ने शहर में पुलिस की कार्यशैली पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा दिया है.
शहर की पहली वारदात आज की पहली घटना हवाई अड्डा थाना क्षेत्र महुआ बाग़ में सुबह तकरीबन 10 बजे हुई. कुछ अज्ञात अपराधियों ने चंदन कुमार नाम के एक यवुक की गोली मारकर हत्या कर दी. चंदन अपने बच्चे और पत्नी के साथ डॉक्टर के यहां जा रहा था, तभी कुछ बाइक सवार अपराधियों ने बीच सड़क पर अंधाधुंध फायरिंग करते हुए चंदन की हत्या कर दी.
शहर में हत्या की दूसरी वारदात पटना में हत्या की दूसरी वारदात शाम 6 बजे गर्दनीबाग थाना क्षेत्र रोड नंबर 25 में हुई. बाइक सवार अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग करते हुए एक और शख़्स को गोली मार दी. पुलिस के मुताबिक उस शख्स का नाम सरफराज है. घटना की सूचना पा कर पुलिस के तमाम आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए. घटनास्थल पर पहुंचे एसएसपी उपेन्द्र शर्मा ने बताया कि जिस गाड़ी से अपराधी ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया है, वह पल्सर बाइक थी. जिसपर पैशन प्रो का नंबर लगा है. पुलिस ने घटनास्थल से एक बाइक, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद किया है. वहीं प्रत्यक्षदर्शी की मानें तो घटना करीब 6 बजे की है. उन्होंने बताया कि अचानक गोलियों की आवाज से गली थर्रा उठी, उन्होंने झांककर देखा तो गली में एक व्यक्ति घायल अवस्था में पड़ा है. जिसे गोली लगी है. उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर कुल तीन-चार राउंड फायरिंग हुई है और घटना को अंजाम देकर अपराधी फौरन नौ दो ग्यारह हो गए. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
शहर में क्राइम का ग्राफ बिहार में भले ही अपराध कम होने को लेकर बिहार के डीजीपी अपराध में कमी होने का दावा कर रहे हो, लेकिन हकीकत कुछ और ही है. आपराधिक घटनाओं को कम करने के लिए पटना को तीन जोन में बांट दिया गया जिसमें एक एसएसपी, तीन सिटी एसपी, पांच थानों पर एक एएसपी, टाउन डीएसपी, ग्रामीण एसपी हैं. इसके बावजूद आपराधिक घटनाओं में कमी नही आ रही है. अगर बिहार पुलिस के द्वारा दी गई आपराधिक घटनाओं के आंकड़ों पर नजर डालें तो इससे यह पता चल जाएगा कि अपराधिक घटनाओं में कमी आई है, या फिर बढ़ रही हैं. 2019 में जनवरी से नवंबर तक हत्या, चोरी डकैती रेप लूट अपहरण फिरौती जैसी घटनाओं से लोग काफी दहशत में है.
घटनाओं का आंकड़ा/जनवरी 2019 से नवंबर 2019 तक का आंकड़ा
हत्या 293, डकैती 57, चोरी 6369, रेप 109, इन कई बड़ी घटनाओं में पुलिस के हाथ अभी खाली हैं.
पटना में ही हाल की घटनाओं पर नज़र डालें तो बड़ी घटनाओं में अभी भी पुलिस अपराधियों तक पहुंचने में नाकाम साबित हुई है.
31 दिसम्बर 2019 यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया में दिनदहाडे नौ लाख की लूट. 5 जनवरी कदमकुआं इलाके के उमा सिनेमा के पास कारोबारी के कर्मी से दिनदहाड़े साढ़े चार लाख की लूट. 5 जनवरी नौबतपुर थाना क्षेत्र में गैस एजेंसी के कर्मियों से ढाई लाख की लूट. 13 जनवरी को पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के हार्ट हॉस्पिटल के नजदीक दिनदहाड़े सरिया कंपनी में कर्मियों से छह लाख की लूट. 19 जनवरी दानापुर में पिस्टल के बल पर दवा दुकान से ढाई लाख की लूट. 6 जनवरी पीरबहोर थाना क्षेत्र में एनीबेसेंट रोड में दिनदहाड़े ढाई लाख की लूट. 2 फरवरी रामकृष्णा नगर थाना क्षेत्र में दवा दुकानदार हथियार के बल पर लूट.
इन सब घटनाओं के चलते पटना में अपराध काफी बढ़ गया है.
Source: IOCL
























