एक्सप्लोरर

2019 के सबसे बड़े खिलाड़ी साबित हो सकते हैं नीतीश कुमार

साल 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने २२ सीटें जीती थीं लेकिन 2019 में नीतीश की वजह से उन्हें अपनी जीती हुई पांच सीटों के साथ कंप्रोमाइज करना पड़ा.

पटना: सियासत के पैतरे भी गजब हैं. साल 2014 के बाद एक ऐसा भी वक्त था जब विपक्ष नीतीश कुमार में भावी पीएम ढूंढ रहा था. नीतीश की छवि से हर कोई प्रभावित था. ऐसा माना जाता था कि अगर नरेंद्र मोदी को चुनौती देनी है तो इसमें नीतीश सबसे सफल साबित हो सकते हैं. इसके पीछे वजह भी थी. वो ये कि जब देशभर में मोदी लहर चल रही थी तब नीतीश कुमार ने बीजेपी का साथ छोड़कर बिहार में महागठबंधन बना लिया. वो भी अपने सबसे बड़े विरोधी लालू यादव के साथ. इसमें कांग्रेस भी शामिल थी. कई दौर की बैठकों के बाद महागठबंधन की कल्पना को आकार मिला. मुलायम सिंह यादव जैसे नेता ने भी इसमें अपनी भूमिका अदा की थी.

इस नए प्रयोग ने सियासी गलियारे में गजब का माहौल बना दिया. नीतीश साल 2015 के विधानसभा चुनाव में बिहार के मुख्यमंत्री बने और ये चर्चा आम हो गई कि अब मोदी का विकल्प मिल गया है. लेकिन जैसा कि शुरुआत में ही कहा गया है कि सियासत के पैतरे भी गजब होते हैं, समय बदला तो नीतीश आज एक बार फिर सबकुछ भुलाकर नरेंद्र मोदी के साथ हैं. उनका कहना है कि देश में मोदी का कोई विकल्प नहीं है.

नीतीश कुमार के महागठबंधन को छोड़ने से विपक्ष को बड़ा झटका लगा. तमाम तरह की चर्चाओं पर पहाड़-सा टूट पड़ा. इस बड़े सियासी घटनाक्रम के बाद एनडीए एक बार फिर मजबूत हो गई. सुशासन बाबू की छवि वाले नीतीश का एक बार फिर बीजेपी से हाथ मिलाने के फैसले ने सियासी समीकरणों को बदल कर रख दिया. अपने इस फैसले से नीतीश ने सबको हैरान करके रख दिया.

जाने-माने चुनावी रणनीतिकार और अब जेडीयू के ‘तीर’ की कमान संभालने वाले पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने भी कई अलग-अलग मौकों पर नीतीश के इस फैसले पर अपनी बात रखी. पीके कहते हैं कि ये सच है कि जो लोग नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री का दावेदार मानते थे, उन्हें झटका लगा लेकिन कई लोगों ने इस पॉलिटकल मूव का स्वागत भी किया.

बीजेपी ने भी इस बात को बखूबी समझा कि नीतीश कुमार के साथ के क्या मायने हैं. वह किसी भी कीमत पर उन्हें नाराज नहीं कर सकती थी. बिहार में जब लोकसभा चुनावों को लेकर एनडीए में सीटों का बंटवारा चल रहा था तब कई तरह की खबरे सामने आईं. कहा जा रहा था कि बिहार में बीजेपी अधिक सीटों पर चुनाव लड़ सकती है तो कुछ खबरें ऐसी भी सामने आईं जिसमें इसका दावा किया गया कि जेडीयू बड़े भाई की भूमिका में होगी. दोनों पार्टियों की तरफ से हो रही बयानबाजी ने इन तमाम खबरों को हवा दी और कुछ दिनों तक माहौल को गरमाए रखा. लेकिन अंत में बात बराबरी पर खत्म हुई. ये तय हुआ कि बीजेपी और जेडीयू 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी और एलजेपी को छह सीटें दी जाएंगी. बिहार में लोकसभा की कुल चालीस सीटें हैं.

लेकिन बराबरी के इस समझौते में भी नीतीश बाजी मार गए. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने २२ सीटें जीती थीं लेकिन नीतीश की वजह से उन्हें अपनी जीती हुई पांच सीटों के साथ कंप्रोमाइज करना पड़ा. इससे पहले जेडीयू के हरिवंश को राज्यसभा का उपसभापति बनाकर बीजेपी ने नीतीश का मान रखा. यानी जेडीयू के मुखिया के लिए बीजेपी ने वो सबकुछ किया जो वह कर सकती थी क्योंकि उन्हें साथ रखना सियासी मायनों में बेहद अहम था.

बात यहीं खत्म नहीं होती है. सीट बंटवारे के बाद अब सीटों की पसंद में भी नीतीश ने अपनी मांग पूरी करवा ली. उनके करीबी और बिहार सरकार में मंत्री ललन सिंह मुंगेर से चुनाव लड़ना चाहते थे. मुंगेर सीट पर पिछले लोकसभा चुनाव में रामविलास पासवान की पार्टी एलजेपी ने जीत दर्ज की थी. लेकिन नीतीश कुमार की पसंद को नजरअंदाज करने का जोखिम कोई नहीं उठाना चाहता था. ऐसे में मुंगेर के बदले एलजेपी को नवादा की सीट दी गई. नवादा से बीजेपी के फायरब्रांड नेता गिरिराज सिंह सांसद थे. सीट बदलने के बाद वो बेहद नाराज हुए. बाद में अमित शाह ने उन्हें मनाया और वे बेगूसराय से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हुए.

एक समय जब नीतीश एनडीए में नहीं तो थे तो गिरिराज सिंह उनके खिलाफ बयान दिया करते थे. अमित शाह से मुलाकात में बाद गिरिराज सिंह की नाराजगी खत्म हुई तो उन्होंने नीतीश से मुलाकात के लिए समय मांगा और वे राजी हो गए. इस मुलाकात के बाद गिरिराज सिंह ने नीतीश को बिहार एनडीए का सबसे बड़ा नेता बताया और ट्विटर पर तस्वीर भी शेयर की. इससे पहले नीतीश के जन्मदिन पर खुद पीएम मोदी ने उन्हें अपना दोस्त बताया.

कहा जाता है कि सियासत में कोई स्थायी दुश्मन या दोस्त नहीं होता. यूपी के पड़ोसी राज्य सपा-बसपा के गठबंधन ने नया सियासी समीकरण प्रस्तुत किया. बीजेपी को भी अपने पुराने दोस्त नीतीश का साथ मिला.

अब नतीजे जो भी हो लेकिन ये तमाम घटनाक्रम इस बात की तस्दीक करते दिखाई पड़ते हैं कि 2019 लोकसभा चुनाव में नीतीश बीजेपी के लिए कितने अहम हैं. वे बड़ा रोल अदा कर सकते हैं, सरकार चाहे जिसकी बने.

ये भी देखें: बेगूसराय में प्रकाश राज ने कन्हैया के लिए मांगे वोट, पीएम मोदी को कहा- 'बेशर्म', देखिए इंटरव्यू

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

'मोहन यादव को बदनाम करने की साजिश...', अखिलेश यादव का दावा- BJP तीन मुख्यमंत्री बदलना चाहती है
'मोहन यादव को बदनाम करने की साजिश...', अखिलेश यादव का दावा- BJP तीन मुख्यमंत्री बदलना चाहती है
राम मंदिर के दान से 200 चांदी की ईंट गायब? अखिलेश यादव ने कहा- महापाप की परतें यूँ ही खुलती...
राम मंदिर के दान से 200 चांदी की ईंट गायब? अखिलेश यादव ने कहा- महापाप की परतें यूँ ही खुलती...
पुणे में राजा रघुवंशी हत्याकांड! केतन अग्रवाल को मंगेतर सिया ने प्रेमी के साथ मिलकर खाई में धकेला
पुणे में राजा रघुवंशी हत्याकांड! केतन अग्रवाल को मंगेतर सिया ने प्रेमी के साथ मिलकर खाई में धकेला
भरत तिवारी केस के बीच प्रशांत किशोर का CM सम्राट पर हमला, 'एक नंबर का अपराधी आदमी है'
भरत तिवारी केस के बीच प्रशांत किशोर का CM सम्राट पर हमला, 'एक नंबर का अपराधी आदमी है'

वीडियोज

Honda Elevate facelift में नहीं होगा Hybrid! #honda #hondaelevate #autolive
Ali Fazal की Crime Series 'Raakh' पर बड़ा दावा, क्या बनेगी अगली Paatal Lok?
Lucknow Coaching Centre Fire: लखनऊ अग्निकांड: न भागने की जगह, न बचने का चांस...ऐसे काल बन गई कोचिंग!
Rajkumar Hirani ने दिया बड़ा अपडेट, जल्द लौट सकते हैं Munna Bhai और 3 Idiots
नई SUV खरीदनी है? July में launch होंगी ये सबसे बड़ी SUVs! #suv #autolive

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
थलापति विजय ने विधानसभा के अंदर की MK स्टालिन की मिमिक्री, द्रविड़ नेता की तरह लहराया हाथ, DMK ने किया वॉकआउट, VIDEO वायरल
CM विजय ने की स्टालिन की मिमिक्री, DMK चीफ की तरह लहराया हाथ, VIDEO वायरल
भरत तिवारी केस के बीच प्रशांत किशोर का CM सम्राट पर हमला, 'एक नंबर का अपराधी आदमी है'
भरत तिवारी केस के बीच प्रशांत किशोर का CM सम्राट पर हमला, 'एक नंबर का अपराधी आदमी है'
El Nino Impact: NASA ने डराया! प्रशांत महासागर में खतरनाक अल नीनो एक्टिव, भारत पर मंडराया बड़ा खतरा
NASA ने डराया! प्रशांत महासागर में खतरनाक अल नीनो एक्टिव, भारत पर मंडराया बड़ा खतरा
IPL का दूसरा सबसे बड़ा ट्रेड! इस खिलाड़ी के बदले राजस्थान रॉयल्स में जाएंगे हार्दिक पांड्या
IPL का दूसरा सबसे बड़ा ट्रेड! इस खिलाड़ी के बदले राजस्थान रॉयल्स में जाएंगे हार्दिक पांड्या
Box Office: 10 करोड़ के बजट में बनी 'देऊळ बंद 2' ने बॉक्स ऑफिस पर कर दी रिकॉर्ड्स की बारिश, अब 100 करोड़ से कितना दूर?
10 करोड़ के बजट में बनी 'देऊळ बंद 2' ने बॉक्स ऑफिस पर कर दी रिकॉर्ड्स की बारिश, अब 100 करोड़ से कितना दूर?
Explained: मोदी कैबिनेट में बड़ा फेरबदल! क्या जॉर्ज कुरियन के बाद पंकज, हर्ष और बिट्टू का अगला नंबर, अंदरखाने क्या चल रहा?
मोदी कैबिनेट में बड़ा फेरबदल! क्या जॉर्ज कुरियन के बाद पंकज, हर्ष और बिट्टू का अगला नंबर?
India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका की 500 अरब डॉलर की डील पर फैसला कब? दिल्ली में हुई बड़ी बैठक
भारत-अमेरिका की 500 अरब डॉलर की डील पर फैसला कब? दिल्ली में हुई बड़ी बैठक
सदी का सबसे सूखा जून बनने की कगार पर जून 2026, MP, महाराष्ट्र और गुजरात में हाहाकार; सामान्य से 85% तक कम बरसे बादल
सदी का सबसे सूखा जून बनने की कगार पर जून 2026! MP, महाराष्ट्र में हाहाकार, सामान्य से 85% तक कम बारिश
Embed widget