लोकसभा चुनाव लड़ने से मायावती का इंकार, कहा- नतीजों के बाद जरूरत पड़ने पर लड़ूंगी चुनाव
बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने साफ कहा कि वे लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी लेकिन अगर नतीजों के बाद अगर ऐसी जरूरत पड़ती है तो वो किसी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी.

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव से ठीक पहले बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने चुनावी समर में खुद के चुनाव लड़ने को लेकर बड़ा बयान दिया है. बीएसपी सुप्रीमो ने कहा है कि वे लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी. हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर चुनाव के बाद ऐसी जरूरत पड़ी तो वो किसी सीट को खाली कराकर लोकसभा का चुनाव लड़ेंगी.
इसके साथ ही बीएसपी सुप्रीमो ने यह भी कहा कि उनका महागठबंधन सही तरीके से काम कर रहा है. मायावती की पार्टी लोकसभा चुनाव में चिर प्रतिद्वंदी समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करके मैदान में है. राष्ट्रीय लोकदल भी इस गठबंधन का हिस्सा है. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीएसपी को 20 फीसदी वोट मिले थे, लेकिन पार्टी सूबे में अपना खाता खोल पाने में नाकाम रही थी. 2014 में एसपी को 22.2 फीसदी वोट मिले थे. बीजेपी को अकेले दम पर 42.3 फीसदी वोट मिले थे. आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में एसपी-बीएसपी-आरएलडी के बीच जो गठबंधन हुआ है उसके तहत बीएसपी 38 सीटों पर, एसपी 37 सीटों पर और आरएलडी 3 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. दो सीटें रायबरेली और अमेठी पर गठबंधन चुनाव नहीं लड़ेगा. मायावती इन दिनों लगातार पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर निशाना साध रही हैं. वे ट्विटर पर भी सक्रिय हो गई हैं और वहां भी वे अपनी बात रख रही हैं. कल ही उन्होंने ट्वीट किया 'सादा जीवन उच्च विचार के विपरीत शाही अन्दाज में जीने वाले जिस व्यक्ति ने पिछले लोकसभा चुनाव के समय वोट की खातिर अपने आपको चायवाला प्रचारित किया था, वह अब इस चुनाव में वोट के लिये ही बड़े तामझाम और शान के साथ अपने आपको चौकीदार घोषित कर रहे हैं. देश वाकई बदल रहा है." वे कांग्रेस को भी बक्शने के मूड में नहीं हैं. उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस चाहे तो यूपी की सभी 80 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार ले. दरअसल यूपी कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर ने कहा था कि वे सात सीटें गठबंधन के लिए छोड़ रहे हैं. इसी के जवाब में मायावती ने तंज कसा. मायावती इन दिनों चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई हैं. उन्होंने हाल ही में आरएलडी उपाध्यक्ष जयंक चौधरी से मुलाकात कर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सियासी माहौल पर चर्चा की थी. गौरतलब है कि मायावती, अखिलेश के साथ संयुक्त रैलियां करेंगी. कुछ रैलियों में आरएलडी प्रमुख अजीत सिंह और जयंत चौधरी भी शामिल होंगे.चौकीदार मुद्दे पर मायावती ने पीएम को घेरा, कहा- पहले चायवाला और अब चौकीदार, देश वाकई बदल रहा है
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