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पत्नी से जल्द लौटने का वादा किया था पंकज ने, लेकिन आतंकी हमले में हो गए शहीद
पुलवामा में हुए आतंकी हमले में महराजगंज का भी एक लाल पंकज कुमार त्रिपाठी शहीद हो गया. शहीद के गांव में शहादत की खबर मिलते ही लोग गमगीन हो गए.

महराजगंजः पुलवामा में हुए आतंकी हमले में महराजगंज का भी एक लाल पंकज कुमार त्रिपाठी शहीद हो गया. शहीद के गांव में शहादत की खबर मिलते ही लोग गमगीन हो गए. शुक्रवार की सुबह से ही उनके गांव हरपुर मिश्र ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, पंकज तेरा नाम रहेगा’ का जयघोष से गूंजता रहा. दो माह बाद फिर आने का वायदा करके ड्यूटी पर लौटे पंकज के शहादत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, उनकी मां सुशीला देवी और पत्नी रोहिणी बेसुध हो गईं. महराजगंज जिले के फरेंदा थानाक्षेत्र के हरपुर मिश्र गांव के बेलहिया टोला के टोला निवासी पंकज त्रिपाठी (35 वर्ष) पुत्र ओम प्रकाश त्रिपाठी शहीद हुए हैं. उनके शहीद होने की खबर गांव में आते ही मातम पसर गया है. उनके घर में कोहराम मचा हुआ है. जम्मू कश्मीर के पुलवामा सेक्टर में उनकी तैनाती रही है. वे तीन दिन पहले अपने घर से छुट्टी बिताकर ड्यूटी पर गए थे. बुधवार को उन्होंने वहां पर ड्यूटी ज्वाइन की थी. चंदौली के शहीद रमेश की कैंसर पीड़िता मां को अभी भी है अपने लाल का इंतजार शहीद विजय की पत्नी को पति पर गर्व, सीएम योगी को बुलाने की मांग पर अड़े ग्रामीण घटनास्थल पर मिला शहीद पंकज का आईडी और कपड़े शहीद पंकज के किसान पिता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने जम्मू सीआरपीएफ मुख्यालय से आए फोन के हवाले से उनके शहीद होने की जानकारी दी है. उनके परिवार के लोग जम्मू रवाना हो गए हैं. शहीद पंकज का शव भी अब तक नही मिला है. परिजनों के पास फोन आया था कि केवल पंकज त्रिपाठी की आईडी मिली है. उनका मोबाइल नंबर भी ऑफ जा रहा है. पंकज की तीन साल पहले शादी हुई थी. उनकी मां सुशीला देवी और पत्नी रोहिणी बेसुध हैं. उनका रो-रोकर बुरा हाल है. छोटे भाई शुभम को सेना में भर्ती होने की तैयारी को कहा था फरेन्दा थाना क्षेत्र के हरपुर गांव के टोला बेलहिया निवासी ओमप्रकाश त्रिपाठी के दो बेटों में पंकज त्रिपाठी बड़े थे. पंकज त्रिपाठी के पिता ओम प्रकाश ने बताया कि उनकी शादी छह साल पहले हुई थी. उसका तीन साल का बेटा प्रतीक है. कुछ दिन पहले पिता की गोद में खेल रहे प्रतीक को इस बात का एहसास भी नहीं है कि उसके पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं. पंकज अप्रैल माह में वापस आने का वायदा करके 10 फरवरी को ड्यूटी पर गए थे. उन्होंने छोटे भाई शुभम को भी सेना में भर्ती होने के लिए तैयारी करने के लिए कहा था.
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Source: IOCL



























