JDU में खुलकर सामने आई कलह, प्रशांत किशोर बोले- प्रचार की जिम्मेदारी आरसीपी सिंह की, मेरी भूमिका सहयोग की
प्रशान्त किशोर के शुभकामनाओं में उनका दर्द छलका है. उन्होंने बताया है कि लोकसभा चुनाव प्रचार कि जिम्मेदारी नीतीश के बेहद करीबी राज्य सभा सांसद आरसीपी सिंह पर है.

नई दिल्ली: नीतीश कुमार के जेडीयू में नंबर दो की हैसियत रखने वाले चुनाव रणनीतिकार और जनता दल यूनाइटेट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने एक ट्वीट किया है. उनके इस ट्वीट के बाद एक बार फिर कयास लगने लगा है कि क्या प्रशांत किशोर और जेडीयू के अन्य वरिष्ठ नेताओं के बीच सबकुछ ठीक है? दरअसल जब लोकसभा चुनाव में जेडीयू के प्रदर्शन को बिहार में बेहतर करने की प्रशांत किशोर पर जिम्मेदारी है तभी उन्होंने ट्वीट कर के कहा है कि चुनाव में उनकी भूमिका सीखने और सहयोग की है.
प्रशांत किशोर ने ट्वीट किया, ''बिहार में NDA माननीय मोदी जी एवं नीतीश जी के नेतृत्व में मजबूती से चुनाव लड़ रहा है. JDU की ओर से चुनाव-प्रचार एवं प्रबंधन की जिम्मेदारी पार्टी के वरीय एवं अनुभवी नेता श्री आरसीपी सिंह जी के मजबूत कंधों पर है. मेरे राजनीति के इस शुरुआती दौर में मेरी भूमिका सीखने और सहयोग की है.''
बिहार में NDA माननीय मोदी जी एवं नीतीश जी के नेतृत्व में मजबूती से चुनाव लड़ रहा है।
JDU की ओर से चुनाव-प्रचार एवं प्रबंधन की जिम्मेदारी पार्टी के वरीय एवं अनुभवी नेता श्री RCP सिंह जी के मजबूत कंधों पर है। मेरे राजनीति के इस शुरुआती दौर में मेरी भूमिका सीखने और सहयोग की है। — Prashant Kishor (@PrashantKishor) March 29, 2019
बता दें कि जब से प्रशांत किशोर का कद पार्टी में बढ़ा है तभी से खबर है कि पार्टी के महासचीव केसी त्यागी, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह और राज्य सभा में जेडीयू के नेता आरसीपी सिंह जैसे बड़े नेता इस बात से खफा हैं. जेडीयू के सीनियर नेताओं को प्रशांत किशोर का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर नियुक्ति खटक रही है. खबरों के मुताबिक जेडीयू के कुछ नेताओं ने माना कि प्रशांत किशोर का कद अचानक इतना बढ़ जाएगा उसकी उन्हें उम्मीद नहीं थी.
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प्रशांत किशोर बेशक नीतीश कुमार के विश्वस्त रहे है, लेकिन हाल में प्रशांत किशोर के कुछ बयान से पार्टी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ गए हैं. इसी कारण पार्टी में उनका विरोध होना शुरू हो गया है.
हाल में ही मुजफ्फरपुर के आम्रपाली ऑडिटोरियम में युवाओं के साथ बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर का एक बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया था. उन्होंने कहा था, ''अगर किसी को मैं मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बनने में मदद कर सकता हूं तो बिहार के नौजवानों को मुखिया और विधायक भी बना सकता हूं.' इस बयान को लेकर बिहार की सियासत में हलचल शुरू हो गई थी. प्रशांत किशोर के इस बयान से जेडीयू का एक खेमा नाराज है. जेडीयू के कुछ नेता तो उनके इस बयान को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं.
जेडीयू ने प्रशांत किशोर के बयान पर कहा कि इससे पार्टी कोई इत्तेफाक नहीं रखती. जेडीयू के नीरज कुमार ने प्रशांत किशोर के बयान को लेकर उनपर हमला बोला था. उन्होंने कहा था कि यह उनका निजी बयान है. किसी को नेता जनता बनाती है. नीरज कुमार ने फिर ट्वीट कर लिखा है था कि ” सच को सच कबूल करिए, दुष्प्रचार नहीं, आपके अह्म को आईना दिखाया गया है.''
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