स्वास्थ्य मंत्री के शहर में सरकारी अस्पताल के डॉक्टर्स हड़ताल पर, दी सामूहिक इस्तीफे की धमकी
स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के शहर इलाहबाद का यह मामला शहर के बीचो-बीच स्थित सरकारी अस्पताल टीबी सप्रू हॉस्पिटल का है. जहां इलाज के दौरान मरीज की मौत के बाद हंगामा हुआ था.

इलाहाबाद : यूपी के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के शहर इलाहाबाद के एक सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ. मरीज के परिवार वालों ने ड्यूटी पर मौजूद डाक्टर और स्टाफ नर्स के साथ बदसलूकी और हाथापाई की तो नाराज़ डॉक्टर्स समेत दूसरे सभी स्टाफ ने कामकाज ठप्प कर हड़ताल कर दी.
हड़ताली डॉक्टर्स और स्टाफ ने इस मौके पर अस्पताल की सीएमएस को सामूहिक तौर पर इस्तीफ़ा दिए जाने की भी पेशकश कर दी. डॉक्टरों और स्टाफ के हड़ताल पर जाने के बाद इलाज के लिए मरीजों और उनके परिजनों ने हड़ताल के विरोध में जमकर हंगामा किया. इस दौरान हड़ताली डॉक्टर्स और इलाज के लिए आए नागरिकों में भी तीखी झड़प हुई.
डॉक्टर्स ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम
बहरहाल प्रशासन के बड़े अफसरों के दखल पर डॉक्टर्स और स्टाफ को हड़ताल ख़त्म कर न सिर्फ काम पर वापस आ गए हैं, बल्कि उन्होंने अपने इस्तीफे भी दो दिनों के लिए रोक दिए हैं. हड़तालियों ने अल्टीमेटम दिया है कि अगर अड़तालीस घंटे के अंदर दोषी लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई और साथ ही अस्पताल में सुरक्षा के पुख्ता नहीं किए गए तो वह न सिर्फ दोबारा हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे, बल्कि इस्तीफ़ा देने की जिद पर भी कायम रहेंगे. दूसरी तरफ सिद्धार्थनाथ सिंह ने एक संदेश जारी कर इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और डॉक्टर्स से संयम बरतने की अपील भी की है.
मरीज की मौत के बाद डॉक्टरों के साथ हुई थी हाथापाई
स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के शहर इलाहबाद का यह मामला शहर के बीचो-बीच स्थित सरकारी अस्पताल टीबी सप्रू हॉस्पिटल का है. इलाहाबाद में तमाम नई सुविधाओं से लैस इस हॉस्पिटल में सोमवार की देर रात इलाज के दौरान एक मरीज की मौत हो गई. मरीज के परिवार वालों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया और ड्यूटी पर मौजूद डाक्टर व नर्स के साथ हाथापाई और बदसलूकी की.
घंटों चले ड्रामे के बाद प्रशासन के अफसरों ने नाराज़ डॉक्टर्स और स्टाफ को शांत कराया
मौके पर पहुंची पुलिस ने जल्द ही कार्रवाई का भरोसा दिलाया. दोपहर तक कोई कार्रवाई नहीं हुई तो अस्पताल के सभी डॉक्टर्स और दूसरे स्टाफ ने बेमियादी हड़ताल का एलान कर दिया. तकरीबन डेढ़ सौ से ज़्यादा लोगों ने इस मौके पर सामूहिक इस्तीफ़ा दिए जाने की चिट्ठी भी सीएमएस को सौंपी. कामकाज ठप्प होने के बाद इलाज के लिए आए मरीजों और उनके साथ के लोगों ने भी हंगामा किया. घंटों चले ड्रामे के बाद प्रशासन के अफसरों ने नाराज़ डॉक्टर्स और स्टाफ को शांत कराया और उनकी हड़ताल स्थगित कराई. डॉक्टर्स ने अड़तालीस घंटे का अल्टीमेटम दिया है.
























