पटनाः बेली रोड पर सड़क धंसने से मचा हड़कंप, सीएम नीतीश कुमार ने किया निरीक्षण
मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेली रोड जिसे अब जवाहर लाल नेहरू मार्ग के नाम से जाना जाता है उसपर बन रहे फ्लाई ओवर के समीप क्षतिग्रस्त हुयी सड़क का निरीक्षण किया. निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई दिशानिर्देश दिए.

नई दिल्लीः पटना के बेली रोड पर सड़क धंसने से हड़कंप मच गया. सूबे के मुखिया नीतीश कुमार वहां जायज़ा लेने पहुंचे. रात में करीब 2 बजे बेली रोड पर अचानक तेज आवाज के साथ सड़क में दरार पड़ गई. रात होने की वजह से ट्रैफिक नहीं था इसलिए हादसा नहीं हुआ. सुबह आननफानन में नीतीश कुमार ने अपने आवास पर बैठक बुलाई और खुद निरीक्षण करने पहुंच गए. मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेली रोड जिसे अब जवाहर लाल नेहरू मार्ग के नाम से जाना जाता है उसपर बन रहे फ्लाई ओवर के समीप क्षतिग्रस्त हुयी सड़क का निरीक्षण किया. निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई दिशानिर्देश दिए.
निरीक्षण के बाद पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नेहरु पथ है जिसे लोग आज भी बेली रोड के नाम से जानते हैं. अंग्रेजों के जमाने में ही यह सड़क बनायी गयी थी. यह सड़क लगभग 100 साल पुरानी है. इसका चौड़ीकरण भी हुआ है. इसके ड्रेनेज पर भी काम किया गया है. इस सड़क पर यातायात की बहुलता को देखते हुए आईआईटी के विशेषज्ञों ने अध्ययन करके पथ चक्र बनाने की सलाह दी थी. उन्होंने कहा कि चूंकि यहां से साईड में कई सड़कें खुलती हैं और यातायात कई जगहों पर बाधित होता है, उसका एक मात्र उपाय था पथ चक्र, जिसका नामकरण किया गया “लोहिया पथ चक्र” और उस पर राज्य सरकार के पथ निर्माण विभाग ने काम करना प्रारंभ कर दिया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो मेट्रो रेल बनेगी और उसका अलाइन्मेंट होगा उसके साथ इसका तालमेल होना चाहिए, ताकि किसी तरह का विरोधाभास न हो. इसके अलावे ड्रेनेज और सीवरेज सहित सभी चीजों को देखकर जो डिजायन बनाया गया है उसी के हिसाब से काम चल रहा था. जिस ढंग से रात में वर्षा हुई और उसके बाद जो यह हादसा हुआ है तो इसकी पूरी समीक्षा की जायेगी. यूं तो सड़क को री-स्टोर करने के लिए विभाग अपना काम करेगा, लेकिन ऐसी स्थिति सिर्फ किनारे के पानी से ही उत्पन्न हुई ऐसा नहीं लगता है. यह भी देखना होगा कि इसका ग्राउंड वॉटर लेवल क्या है. सोन नदी का अलाइन्मेंट इसी इलाके से होकर गुजरता था. उसके बाद सोन नदी की धार बदल गई और जब 1912 में बंगाल से अलग होकर नया बिहार बना, उसके बाद ये कैपिटल एरिया अंग्रेजों के जमाने में विकसित हुआ. न्यू कैपिटल एरिया में जो आवास बने हुए हैं उनमें अभी भी बोरिंग करने के बाद उसमें से सोन नदी का बालू ही निकलता है, जो इस बात को प्रमाणित करता है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना ने एक तरह से सचेत भी कर दिया है. अभी यहां खुदाई चल रही थी और यहां एलिवेटेड रोड बनाना था. वैसी स्थिति में अगर ऐसा हुआ होता तो भारी नुकसान होता. इस घटना ने कम से कम एक तरह से आगाह भी किया और सचेत भी कर दिया है. हमने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस सड़क का और नीचे से गहराई से अध्ययन किया जाए. हमने पथ निर्माण विभाग को भी कहा है और चूंकि मेट्रो रेल का भी निर्माण यहां पर अंडरग्राउंड ही रहेगा लिहाजा उसके प्रोजेक्ट के हिसाब से इस रोड को एक बार फिर से देखना होगा.

सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि चूंकि एक छोटी सी जगह पर जब ऐसी घटना घट गई तो आगे भी इसकी गहन समीक्षा करके ही काम करना चाहिए. सड़क बहुत पुरानी है और कभी भी इस तरह की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई है. वर्षापात पहले भी हुआ है इससे कई गुना ज्यादा वर्षा हुई है, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ है. सड़क के बीच में खोदकर जो काम किया जा रहा था, उसी सिलसिले में यह बात उजागर हो गई तो इसको री-स्टोर करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे. साथ ही इसका गहन अध्ययन भी करेंगे और जिन विशेषज्ञों के परामर्श से यह पथ चक्र बन रहा है उन्हें भी बुला लेंगे. साथ ही जो मेट्रो रेल के विशेषज्ञ हैं उनको भी बुलाकर पूरे रोड का यानि नेहरु पथ का पूरा अध्ययन कर लेंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटना न घटे.'
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं समझता हूं कि इस घटना ने सबको आगाह कर दिया है. एलिवेटेड रोड बनाने के सिलसिले में जो काम चल रहा था उसमें अगर एक दिन की वर्षा से ऐसी बात हो गई तो यह जानने और समझने का विषय है. इस सड़क पर किसी भी तरह के आवागमन में कोई कठिनाई नहीं हो इसके लिए सड़क के उत्तर और दक्षिण दिशा में जितना सड़क का एरिया है उन सबका उपयोग होगा. भारी वाहन किधर से जाएंगे और हल्के वाहन किधर से जाएंगे इसको प्लान किया जायेगा. इसकी आज समीक्षा करके यह काम संबंधित अधिकारियों द्वारा कर लिया जायेगा. हर सूरत-ए-हाल में सुविधा ऐसी हो कि आवागमन में ज्यादा दिक्कत न हो. उन्होंने कहा कि नदियों में जिस प्रकार से कटाव का दृश्य होता है, वैसा ही कुछ दृश्य यहां दिखायी पड़ रहा है. इसलिए हमने अधिकारियों से कहा है कि आप नीचे का भी अध्ययन कर लीजिए. मुख्य सचिव भी मौजूद हैं और उनसे कह दिया गया है कि अगर किसी भी तरह की कोई लापरवाही होगी तो निश्चित तौर पर उसको सरकार द्वारा देखा जाएगा.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL


























