बुलंदशहर हिंसा मामले में हाईकोर्ट ने मांगा योगी सरकार से जवाब, SIT जांच की रिपोर्ट भी तलब
गोकशी विवाद में बुलंदशहर में हुई हिंसा के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए यूपी की योगी सरकार से जवाब तलब कर लिया है. इतना ही नहीं अदालत ने इस मामले गठित एसआईटी द्वारा की जा रही जांच की रिपोर्ट भी तलब कर ली है.

प्रयागराज: गोकशी विवाद में बुलंदशहर में हुई हिंसा के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए यूपी की योगी सरकार से जवाब तलब कर लिया है. इतना ही नहीं अदालत ने इस मामले गठित एसआईटी द्वारा की जा रही जांच की रिपोर्ट भी तलब कर ली है. अदालत ने फिलहाल मामले की जांच एसआईटी से वापस लेकर सीबीआई या किसी दूसरी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपने का आदेश देने से इंकार कर दिया है. हाईकोर्ट के इस आदेश से योगी सरकार को फिलहाल फौरी राहत ज़रूर मिल गई है. अदालत इस मामले में अठारह जनवरी को फिर से सुनवाई करेगी.
यह आदेश जस्टिस आरएस मौर्य और जस्टिस अनिल कुमार की डिवीजन बेंच ने हिंसा के आरोपी शिखर अग्रवाल उर्फ़ शिखर कुमार की अर्जी पर सुनवाई के बाद जारी किया है. यूपी सरकार की तरफ से अदालत में शिखर अग्रवाल पर जांच में सहयोग नहीं करने की बात कही गई.
आरोपी शिखर अग्रवाल की अर्जी में कहा गया है कि एसआईटी इस मामले में सही जांच नहीं कर रही है. वह घटना की निष्पक्ष विवेचना करने के बजाय आरोपी के परिवार का उत्पीड़न कर रही है. अर्जी में मामले की जांच यूपी सरकार की एसआईटी से वापस लेकर सीबीआई या किसी दूसरी एजेंसी से कराए जाने की अपील की गई.
अदालत ने इस पर सीधे तौर पर कोई आदेश देने के बजाय यूपी सरकार से जवाब तलब कर लिया है और साथ ही स्टेटस रिपोर्ट भी तलब कर ली है.
यूपी सरकार की तरफ से अदालत में कहा गया कि घटना की जांच एसआईटी के साथ ही मजिस्ट्रेट द्वारा भी की जा रही है. अर्जी दाखिल करने वाला शिखर अग्रवाल इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या में नामजद आरोपी है. वह और उसका परिवार जांच में कतई सहयोग नहीं कर रहा है, इसीलिये कुर्की की कार्यवाही भी की जा रही है.
Source: IOCL



























