नागालैंड का गोरखा यूनियन, सशस्त्र सीमा बल (SSB) की टीम और लालपहाड़ सेमा स्टूडेंट्स यूनियन जैसे कई संगठन बाढ़ पीड़ितों की सहायता कर रहे हैं।
असम में बाढ़ प्रभावित लोगों की खामोशी से सेवा कर रहे कई असली नायक
Assam Floods: हेमंत कलिता ने कहा कि राहत सामग्री ज्यादातर प्लास्टिक पैकेटों में दिए जा रहे हैं. यदि इन प्लास्टिकों का उचित निपटान नहीं किया गया, तो यह भविष्य में एक बड़ी पर्यावरणीय समस्या बन सकती है.

- अन्य संगठन बिना प्रचार के बाढ़ पीड़ितों की मदद कर रहे।
असम के शिवसागर और चराइदेव जिले विनाशकारी बाढ़ से पूरी तरह प्रभावित हुए हैं. ऐसे मुश्किल समय में देश के विभिन्न हिस्सों से लोग और कई संगठन राहत कार्यों के लिए आगे आए हैं. जहां कई नामी हस्तियों और सेलिब्रिटीज ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत सामग्री वितरित की, वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो बिना किसी प्रचार-प्रसार के चुपचाप मानवता की सेवा में जुटे हुए हैं.
ऐसे ही एक व्यक्ति हैं हेमंत कलिता, जो लगभग 400 किलोमीटर दूर सुवालकुची से अपने क्षेत्र के कुछ युवाओं के साथ शिवसागर पहुंचे. वे व्यक्तिगत रूप से बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचा रहे हैं. इसके साथ ही वे राहत कार्यों के दौरान बढ़ते प्लास्टिक कचरे को लेकर भी लोगों को जागरूक कर रहे हैं.
हेमंत कलिता ने सरकार से क्या की अपील?
हेमंत कलिता ने कहा, ‘हम यहां सिर्फ बाढ़ पीड़ित लोगों की मदद करने आए हैं. राहत सामग्री का अधिकांश हिस्सा प्लास्टिक के पैकेटों में दिया जा रहा है. यदि इन प्लास्टिकों का उचित निपटान नहीं किया गया, तो यह भविष्य में एक बड़ी पर्यावरणीय समस्या बन सकती है. मैं सरकार से अपील करता हूं कि राहत कार्य के बाद इन प्लास्टिक कचरों को एकत्र कर उचित तरीके से नष्ट करने की व्यवस्था की जाए.’
कई संगठन दे रहे बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास में योगदान
नागालैंड के नागिनीजान स्थित गोरखा यूनियन के सदस्य नेपाली खूटी गांव में छोटे-छोटे बांस के घर बना रहे हैं. यह वही गांव है, जिसे विनाशकारी बाढ़ ने पूरी तरह तबाह कर दिया था और जहां अधिकांश घर पानी में बह गए.
इधर, लगभग 250 किलोमीटर दूर तेजपुर से सशस्त्र सीमा बल (SSB) के कंपोजिट अस्पताल की एक टीम भी शिवसागर पहुंची. 'मानवतार स्वार्थत आमी' नामक गैर-सरकारी संगठन के माध्यम से टीम ने जिले के दूर-दराज और पिछड़े इलाकों में रहने वाले बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच आवश्यक राहत सामग्री वितरित की. वहीं, लगभग 200 किलोमीटर दूर जगुन से लालपहाड़ सेमा स्टूडेंट्स यूनियन के सदस्य भी शिवसागर पहुंचे और राहत सामग्री लेकर बाढ़ पीड़ितों की सहायता की.
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मदद कर रहे मशहूर हस्तियां
लालपहाड़ सेमा स्टूडेंट्स यूनियन के अध्यक्ष ने कहा, ‘हम शिवसागर के बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ खड़े होने के लिए यहां आए हैं. हम आवश्यक राहत सामग्री लेकर आए हैं और इसे दिखौमुख कॉलेज के प्राचार्य को सौंपा है, ताकि वे इसे जरूरतमंद लोगों तक पहुंचा सकें.’
जहां एक ओर कई मशहूर हस्तियों और चर्चित लोगों की राहत यात्राओं ने सुर्खियां बटोरीं, वहीं दूसरी ओर ये गुमनाम नायक बिना किसी पहचान या प्रचार की इच्छा के लगातार लोगों की सेवा में लगे हुए हैं. राहत सामग्री पहुंचाने से लेकर बेघर परिवारों के लिए आश्रय बनाने तक, उनके निस्वार्थ प्रयास इस आपदा के बीच इंसानियत की सबसे खूबसूरत मिसाल पेश कर रहे हैं.
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