राफेल सौदे पर पीएम मोदी का कभी समर्थन नहीं किया, न करूंगा: शरद पवार
पवार ने मराठवाड़ा क्षेत्र में पार्टी की एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘कुछ लोगों ने यह कहते हुए मेरी आलोचना की कि मैंने उनका (मोदी का) समर्थन किया. मैंने उनका (मोदी का) कभी समर्थन नहीं किया और ना कभी करूंगा.’’

बीड: विवादित राफेल सौदे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कथित तौर पर बचाव करने को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि वह ऐसा कभी नहीं करेंगे. गौरतलब है कि पवार ने टिप्पणी की थी कि उन्हें नहीं लगता कि फ्रांस से लड़ाकू विमानों की खरीद में मोदी के इरादों के बारे में लोगों में कोई संदेह है.
पवार ने मराठवाड़ा क्षेत्र में पार्टी की एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘कुछ लोगों ने यह कहते हुए मेरी आलोचना की कि मैंने उनका (मोदी का) समर्थन किया. मैंने उनका (मोदी का) कभी समर्थन नहीं किया और ना कभी करूंगा.’’ उन्होंने कहा, ‘‘उसने (सरकार ने) विमान खरीदे हैं. मैं यह स्पष्ट रूप से कहता हूं कि सरकार को इस बारे में संसद को स्पष्टीकरण देना चाहिए कि विमान की कीमत 650 करोड़ रुपये (प्रति विमान) से बढ़ कर 1600 करोड़ रूपया कैसे हो गई.’’
बता दें कि पवार की टिप्पणी पर ऐतराज जताते हुए पार्टी के संस्थापक सदस्य तारिक अनवर और महासचिव मुनाफ हकीम ने पिछले हफ्ते पार्टी छोड़ दी थी. एनसीपी प्रमुख का यह बयान ऐसे वक्त आया, जब कांग्रेस ने राफेल सौदे को लेकर प्रधानमंत्री पर जोरदार प्रहार किया है और वह भविष्य के चुनावों के लिए एनसीपी के साथ गठजोड़ करने की कोशिश कर रही है.
शरद पवार की हालिया टिप्पणी को मोदी का बचाव करने वाला बताया गया था. इसका बीजेपी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने स्वागत किया था और इसे लेकर पवार का शुक्रिया अदा किया था. एनसीपी प्रमुख ने सोमवार को राफेल सौदे की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराने की मांग दोहराई. साथ ही, सरकार से 36 लड़ाकू विमानों की कीमत का ब्योरा भी देने को कहा. पूर्व रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि विमान के तकनीकी ब्योरे को सार्वजनिक करने की कोई जरूरत नहीं है. एनसीपी प्रमुख ने कृषि संकट को लेकर केंद्र और महाराष्ट्र सरकार की आलोचना की जबकि 71,000 करोड़ रुपये का कृषि कर्ज माफ करने के पिछली यूपीए सरकार के फैसले की सराहना भी की.






















