PM Modi Israel visit: 'PM मोदी की इजरायल यात्रा के बाद ईरान पर हमला कर देगा अमेरिका...', ओवैसी का चौंकाने वाला बयान
PM Modi Israel visit: प्रधानमंत्री मोदी के इजरायल दौरे पर असदुद्दीन ओवैसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने गाजा के हो रहे अत्याचार को लेकर बेंजामिन नेतन्याहू पर निशाना साधा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर इजरायल पहुंचे हुए हैं. इस बीच लोकसभा सदस्य और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने इस यात्रा को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है. ओवैसी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें गाज़ा में हुए नरसंहार के लिए याद रखा जाएगा. उन्होंने नेतन्याहू को युद्ध अपराधी करार देते हुए आरोप लगाया कि उनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वारंट जारी है. ओवैसी ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के बाद अमेरिका ईरान पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है.
ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का नेतन्याहू से गले मिलना भारत की उस पारंपरिक नीति के विपरीत है, जिसके तहत भारत लंबे समय से फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों और उनके समर्थन की बात करता रहा है. हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. भारत ने अतीत में कई बार दोहराया है कि वह इजरायल और फिलिस्तीन दोनों के साथ संतुलित संबंधों का पक्षधर है और दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन करता है. प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है.
भारत और इजरायल के संबंध
भारत और इजरायल के संबंध पिछले एक दशक में काफी मजबूत हुए हैं. रक्षा, साइबर सुरक्षा, कृषि तकनीक, जल प्रबंधन और स्टार्टअप इकोसिस्टम जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार गहराता गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा को इसी साझेदारी के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. भारत और इजरायल के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग सबसे प्रमुख स्तंभ रहा है. इजरायल भारत को एडवांल सिक्योरिटी सिस्टम, मिसाइल तकनीक, रडार सिस्टम और सर्विलांस मशीन उपलब्ध कराता रहा है. ड्रोन तकनीक, एंटी-मिसाइल सिस्टम और सीमा सुरक्षा उपकरणों में इजरायली विशेषज्ञता भारत की सुरक्षा जरूरतों के लिए अहम मानी जाती है. इस यात्रा के दौरान रक्षा तकनीक के क्षेत्र में नए समझौतों या सहयोग को और गहरा करने की संभावना पर भी नजर है.
Source: IOCL


























