पेट्रोल-डीजल के ऊंचे दाम के लिए सरकार जिम्मेदार, तुरंत जीएसटी में डाला जाए: चिदंबरम
चिदंबरम ने मंगलवार को इस बारे में ट्विटर पर एक के बाद कई बयान जारी किए. उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल को तुरंत माल और सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाया जाना चाहिए.

नई दिल्ली: कांग्रेस के नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के लिए एनडीए सरकार को जिम्मेदार बताते हुए मंगलवार को कहा कि टैक्स बहुत ऊंचे होने के कारण इन ईंधनों के दाम बढ़ रहे हैं. चिदंबरम ने मंगलवार को इस बारे में ट्विटर पर एक के बाद कई बयान जारी किए. उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल को तुरंत माल और सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाया जाना चाहिए.
Relentless rise in prices of petrol and diesel is not inevitable. Because, the price is built up by excessive taxes on petrol and diesel. If taxes are cut, prices will decline significantly.
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) September 3, 2018
पूर्व वित्त मंत्री ने कहा, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि टल नहीं सकती, ऐसा नहीं है. इनकी कीमतें बहुत ऊंचे टैक्स की वजह से बढ़ी हैं. अगर टैक्स कम कर दिये जाएं, तो कीमतें काफी कम हो जाएंगी. चिदंबरम ने कहा कि केंद्र सरकार इसके लिए राज्यों को दोष दे रही है पर उसका तर्क भ्रामक है.
Congress demands that petrol and diesel be brought under GST immediately.
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) September 3, 2018
डीजल-पेट्रोल को जीएसटी के दायरे में लाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा, भारतीय जनता पार्टी 19 राज्यों में सत्ता में होने का दम ठोंकती है. केंद्र और राज्यों को साथ मिलकर काम करना चाहिए और डीजल-पेट्रोल को जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए. कांग्रेस यह मांग करती है कि डीजल-पेट्रोल को यथाशीघ्र जीएसटी में लाया जाना चाहिए. बता दें कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें सोमवार को सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गयीं. पेट्रोल 79.15 रुपये प्रति लीटर और डीजल 71.15 रुपये लीटर हो गया.
Source: IOCL


























