एक्सप्लोरर

एक बार फिर टल सकती है निर्भया के हत्यारों की फांसी, अब पवन ने लगाई क्यूरेटिव याचिका

निर्भया केस के चारों दोषियों को 3 मार्च को फांसी देने का डेथ वारंट निचली अदालत ने जारी किया था. वहीं अब दोषी पवन ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका दाखिल कर दी है. इसके बाद 3 मार्च को फांसी मुश्किल लग रही है.

नई दिल्ली: निर्भया के गुनहगारों की फांसी एक बार फिर टल सकती है. चारों गुनहगारों को तीन मार्च को फांसी देने का डेथ वारंट निचली अदालत ने जारी किया था लेकिन पवन नाम के दोषी ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका दाखिल कर दी है. इसके चलते तीन मार्च को फांसी हो पाना मुश्किल लग रहा है.

16 दिसंबर 2012 को दिल्ली की सड़कों पर निर्भया के साथ दरिंदगी हुई थी. चलती बस में उसका गैंगरेप हुआ और उसे मौत की कगार पर पहुंचा दिया गया था. उससे पूरे देश में दुख और गुस्सा देखने को मिला था. बाद में निर्भया की मौत भी हो गई थी. निचली अदालत ने चारों दोषियों को रेप और हत्या का दोषी मानते हुए 2013 में फांसी की सजा दी थी. 2014 में दिल्ली हाईकोर्ट और 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की पुष्टि की.

तीन दोषियों की दया याचिका हो चुकी है खारिज

इसके बाद एक-एक करके पवन, विनय, मुकेश और अक्षय की पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की. आखिरकार, निर्भया के परिवार की याचिका पर निचली अदालत ने इस साल 22 जनवरी को चारों को फांसी देने का वारंट जारी कर दिया. इसके बाद दोषियों ने कानूनी प्रक्रिया का इस्तेमाल कर फांसी से बचने की कवायद शुरू कर दी. विनय अक्षय और पवन ने बारी-बारी से सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका दाखिल की. इसके खारिज होने के बाद बाद तीनों ने एक-एक करके राष्ट्रपति को दया याचिका भेजी. इस वजह से निचली अदालत को बार-बार डेथ वारंट पर रोक लगानी पड़ी.

तीन मार्च को दी जानी है फांसी

22 जनवरी के बाद एक फरवरी को फांसी की तारीख तय हुई और अब 3 मार्च को चारों को फांसी दी जानी है लेकिन उससे पहले पवन शर्मा ने क्यूरेटिव याचिका दाखिल कर दी. शनिवार और रविवार को सुप्रीम कोर्ट में अवकाश होने के चलते अब सुनवाई सोमवार यानि 2 मार्च को ही हो सकती है. अगर उस दिन सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करता है और पवन की याचिका को खारिज भी कर देता है तो वह शाम तक राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेज देगा क्योंकि पवन के पास अभी राष्ट्रपति को दया याचिका भेजने का विकल्प बचा हुआ है. इसके चलते निचली अदालत को डेथ वारंट पर एक बार फिर रोक लगानी पड़ेगी.

अलग-अलग फांसी देने के लिए केंद्र ने दायर की याचिका

1982 में आए हरबंस सिंह बनाम यूपी मामले में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के चलते हत्या के किसी एक मामले में फांसी की सजा पाने वाले सभी दोषियों को एक साथ फांसी देने का प्रावधान है. यही वजह है कि जब भी चारों में से कोई एक दोषी किसी कानूनी विकल्प का इस्तेमाल करता है, तो उसके चलते बाकी तीनों की भी फांसी रुक जाती है. इसके खिलाफ केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक अर्जी भी दाखिल कर रखी है. केंद्र का कहना है कि जिस तरह से निर्भया के गुनहगार फांसी से बार-बार बच जा रहे हैं, उससे समाज में अच्छा संदेश नहीं जा रहा है. इसलिए, सुप्रीम कोर्ट चारों को अलग-अलग फांसी देने की इजाजत दे.

क्यूरेटिव याचिका के बाद पवन के पास दया याचिका का विकल्प

सुप्रीम कोर्ट ने 3 मार्च को चारों की फांसी का डेथ वारंट जारी हो जाने के चलते केंद्र की अर्जी पर सुनवाई को 5 मार्च तक के लिए टाल दिया था. बहरहाल, आज की स्थिति यही है कि किसी गुनाह के लिए फांसी की सजा पाने वाले सभी दोषियों को एक साथ ही फांसी दी जाती है. ऐसे में पवन के कानूनी विकल्प का इस्तेमाल करने के चलते चारों दोषियों की फांसी पर रोक लगा देना निचली अदालत के लिए बाध्यकारी होगा. निचली अदालत तभी नया डेथ वारंट जारी करेगी, जब क्यूरेटिव याचिका के बाद पवन की दया याचिका भी राष्ट्रपति भवन से ठुकरा दी जाए.

शत्रुघ्न चौहान मामले में 2014 में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर राष्ट्रपति के पास से दया याचिका खारिज होने के 14 दिन बाद ही किसी व्यक्ति को फांसी दी जा सकती है. ऐसे में अगर राष्ट्रपति पवन की दया याचिका खारिज करेंगे तो उसके कम से कम 14 दिन बाद ही चारों दोषियों को फांसी हो सकेगी.

ये भी पढ़ें CBI घूसकांड मामला: सीबीआई की अंदरूनी लड़ाई खुलकर आई सामने, कोर्ट ने किया हस्तक्षेप, 7 मार्च को अगली सुनवाई

दिल्ली हिंसा के विरोध में जम्मू में लोगों ने किया प्रदर्शन, शाहीनबाग के प्रदर्शन को तुरंत हटाने की मांग की

करीब 2 दशक से सुप्रीम कोर्ट के गलियारों का एक जाना-पहचाना चेहरा. पत्रकारिता में बिताया समय उससे भी अधिक. कानूनी ख़बरों की जटिलता को सरलता में बदलने का कौशल. खाली समय में सिनेमा, संगीत और इतिहास में रुचि.
Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

पूर्वोत्तर में बाढ़ से बहे पुल, यूपी-दिल्ली में अब भी आग उगल रहा सूरज, मानसून आखिर कहां पहुंचा?
पूर्वोत्तर में बाढ़ से बहे पुल, यूपी-दिल्ली में अब भी आग उगल रहा सूरज, मानसून आखिर कहां पहुंचा?
बचा कौन रहा था? 3 महीने पहले ही चढ़ावा चोरी का चल गया था पता! राम मंदिर ट्रस्ट ने फिर भी कर दी गलती
बचा कौन रहा था? 3 महीने पहले ही चढ़ावा चोरी का चल गया था पता! राम मंदिर ट्रस्ट ने फिर भी कर दी गलती
तेलंगाना के वनापर्थी में दो-पहिया वाहन से बचने की कोशिश में RTC बस पलटी, एक की मौत, 13 घायल
तेलंगाना के वनापर्थी में दो-पहिया वाहन से बचने की कोशिश में RTC बस पलटी, एक की मौत, 13 घायल
राम मंदिर ट्रस्ट पर उठे सवालों के बीच VHP का बड़ा बयान, अध्यक्ष आलोक कुमार ने किया बचाव, विपक्ष को लिया निशाने पर
राम मंदिर ट्रस्ट पर उठे सवालों के बीच VHP का बड़ा बयान, अध्यक्ष आलोक कुमार ने किया बचाव

वीडियोज

लॉरेन्स का खूनी प्लान...टारगेट पर सलमान ?
Panna Diamond Mine| Labourer Found Diamond: रातों-रात करोड़पति बना मजदूर!
Climate Change | Global Weather Update | Janhit: मौसम की मार या प्रलय की आहट?
Weather Update | Bharat ki Baat | अलनीनो का आफत काल,मॉनसून का मायाजाल | Latest News | Breaking News
Bharat Ki Baat : चढ़ावा चोरी से UP चुनाव में किसको होगा घाटा? | Ram Mandir Theft | Pratima Mishra

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
अमेरिका में अब कुछ भी करेंगे डोनाल्ड ट्रंप? सुप्रीम कोर्ट ने दी राष्ट्रपति को खुली छूट, जानें क्या सुनाया फैसला?
अमेरिका में अब कुछ भी करेंगे ट्रंप? SC ने दी राष्ट्रपति को खुली छूट, जानें क्या सुनाया फैसला?
महाराष्ट्र TET पेपर लीक केस में बड़ा अपडेट, समस्तीपुर का बिजेन्द्र निकला मास्टरमाइंड, 3 अरेस्ट
महाराष्ट्र TET पेपर लीक केस में बड़ा अपडेट, समस्तीपुर का बिजेन्द्र निकला मास्टरमाइंड, 3 अरेस्ट
पूर्वोत्तर में बाढ़ से बहे पुल, यूपी-दिल्ली में अब भी आग उगल रहा सूरज, मानसून आखिर कहां पहुंचा?
पूर्वोत्तर में बाढ़ से बहे पुल, यूपी-दिल्ली में अब भी आग उगल रहा सूरज, मानसून आखिर कहां पहुंचा?
वैभव से बड़ा भविष्य कौन? गौतम गंभीर पर भड़के मोहम्मद कैफ, रोहित शर्मा का जिक्र कर दे दिया बड़ा बयान
वैभव से बड़ा भविष्य कौन? गौतम गंभीर पर भड़के मोहम्मद कैफ, रोहित शर्मा का जिक्र कर दे दिया बड़ा बयान
Cocktail 2 BO Collection Day 11:'वेलकम टू द जंगल' के आगे दूसरे मंडे भी चला 'कॉकटेल 2' का जादू, 11वें दिन खूब कूटे नोट, अब तोड़ेगी इस फिल्म का रिकॉर्ड
'वेलकम टू द जंगल' के आगे दूसरे मंडे भी चला 'कॉकटेल 2' का जादू, 11वें दिन खूब कूटे नोट
बचा कौन रहा था? 3 महीने पहले ही चढ़ावा चोरी का चल गया था पता! राम मंदिर ट्रस्ट ने फिर भी कर दी गलती
बचा कौन रहा था? 3 महीने पहले ही चढ़ावा चोरी का चल गया था पता! राम मंदिर ट्रस्ट ने फिर भी कर दी गलती
ऐसा क्रेज कि मिनटों में बिक गई इस Ferrari की सारी यूनिट्स, परफॉर्मेंस से फीचर्स तक जानिए सब
ऐसा क्रेज कि मिनटों में बिक गई इस Ferrari की सारी यूनिट्स, परफॉर्मेंस से फीचर्स तक जानिए सब
रेलवे में 6,565 टेक्नीशियन पदों पर भर्ती, आवेदन 30 जून से शुरू; जानें सैलरी
रेलवे में 6,565 टेक्नीशियन पदों पर भर्ती, आवेदन 30 जून से शुरू; जानें सैलरी
Embed widget