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Xप्लेन: फ्लाइट कैंसिल, ट्रेन लेट और खराब सड़क! बरसात में कैसे करें सुरक्षित सफर?

Monsoon Travel Guide: उत्तराखंड में 109 सड़कें बंद, हिमाचल में 152 सड़कें बंद, असम में 78 मौतें, गुजरात में 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और तेलंगाना में 183.5 मिमी बारिश का कहर जारी है.

इस बार मानसून ने देश के कई इलाकों में अपना रौद्र रूप दिखाया है. मुंबई से लेकर दिल्ली और असम से लेकर गुजरात तक बारिश ने प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोल दी है. आसमान से बरसते पानी ने हवाई जहाजों की लैंडिंग रोक दी, रेल की रफ्तार रोक दी और सड़कों को नदियों में बदल दिया. अब सवाल है कि मानसून के इस मौसम में सफर करना कितना सुरक्षित है और करना पड़े तो कैसे करें...

हवाई यात्रा: जब आसमान से बारिश ने उतरने नहीं दिया

हैदराबाद से जयपुर आई इंडिगो की फ्लाइट बुधवार को करीब 44 मिनट तक आसमान में चक्कर लगाती रही. तेज बारिश और हवा के कारण विमान को रनवे छूने के बाद दोबारा उड़ान भरनी पड़ी. आखिरकार मौसम में सुधार होने के बाद विमान की जयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग कराई गई. इस विमान में करीब 120 पैसेंजर थे.

इससे पहले मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 17 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द   करना पड़ा था. इसके अलावा 365 फ्लाइट्स देरी से संचालित हुईं, जिससे हजारों यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा.

फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म के मुताबिक, खराब मौसम के कारण 5 उड़ानों का रूट बदलकर दूसरे शहरों के एयरपोर्ट पर उतारा गया. कम विजिबिलिटी और रनवे पर पानी भरने की वजह से विमानों की सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ मुश्किल हो गया था. इंडिगो, एयर इंडिया, अकासा एयर और स्पाइसजेट समेत सभी प्रमुख एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की. इसमें फ्लाइट स्टेटस ऑनलाइन चेक करने और एयरपोर्ट जाने से पहले अतिरिक्त समय रखने की सलाह दी गई.

दिल्ली भी बारिश से अछूती नहीं रही. दिल्ली एयरपोर्ट पर भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण 15 फ्लाइट्स डायवर्ट हुईं. मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया था. बारिश और गरज के साथ मौसम में अचानक बदलाव आया, जिससे विजिबिलिटी कम हो गई और एयरपोर्ट पर उड़ान संचालन प्रभावित हुआ. इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मानसून के मौसम में दिल्ली जैसे बड़े एयरपोर्ट पर भी अचानक मौसम बिगड़ने से हजारों यात्रियों की यात्रा प्रभावित हो सकती है.

रेल यात्रा: जब पटरियों पर उतर आया पानी

मुंबई-पुणे रेल मार्ग: भूस्खलन ने काटा रेल संपर्क

मुंबई और पुणे के बीच रेल यातायात के लिए यह मानसून सबसे भयावह साबित हुआ. बारिश के कारण कर्जत-लोनावला घाट सेक्शन में बड़ा भूस्खलन हो गया. मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने बताया कि पहला भूस्खलन ठाकुरवाड़ी के पास हुआ, जबकि दूसरा हादसा खंडाला और मंकी हिल के बीच मध्य लाइन पर तड़के करीब 3:05 बजे हुआ. लगातार हो रही बारिश के कारण मलबा रेलवे ट्रैक पर आ गया, जिससे मुंबई-पुणे मार्ग पर रेल परिचालन रोकना पड़ा.

इस भूस्खलन के चलते तीनों रेलवे लाइनें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं. मरम्मत का काम जारी रहा, लेकिन मुश्किल इलाके और खतरनाक कामकाजी परिस्थितियों के कारण सामान्य सेवाओं को पूरी तरह बहाल करने में देरी होती रही.

सेंट्रल रेलवे ने 17 जुलाई तक 30 लंबी दूरी और इंटरसिटी ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द कर दिया था. इनमें 14 रोजाना चलने वाली ट्रेनें, तय तारीखों पर चलने वाली आठ सेवाएं और आठ स्पेशल ट्रेनें शामिल थीं. डेक्कन क्वीन, डेक्कन एक्सप्रेस, इंटरसिटी एक्सप्रेस, CSMT-हैदराबाद एक्सप्रेस और चेन्नई एग्मोर जैसी प्रमुख ट्रेनें इस सूची में शामिल थीं.

6 जुलाई को भी रेलवे ने कुल 16 ट्रेनों को रद्द कर दिया था. यात्रियों की सुविधा के लिए मुंबई-पुणे रूट पर रोजाना 200 अतिरिक्त बस ट्रिप चलाने की घोषणा की गई. रेलवे ने यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन का ताजा स्टेटस जरूर जांचने की अपील की.

इस घटना ने दिखा दिया कि मानसून में पहाड़ी रास्तों पर रेल यात्रा कितनी जोखिम भरी हो सकती है. भूस्खलन जैसी घटनाएं न केवल यात्रा को प्रभावित करती हैं, बल्कि यात्रियों की जान को भी खतरे में डाल सकती हैं.

असम: बाढ़ ने रोकी ट्रेनें, 9 रद्द, 6 डायवर्ट, 10 शॉर्ट टर्मिनेट

असम में भी मानसून ने अपना कहर बरपाया. 20 जुलाई 2026 को असम के ऊपरी इलाकों में भारी बारिश के कारण दिखो नदी का जलस्तर बढ़ गया. तिनसुकिया डिवीजन के शिवसागर जिले में शिमलगुड़ी शहर, स्टेशन यार्ड और रेलवे कॉलोनी में बाढ़ आ गई. शिमलगुड़ी इलाके में पानी रेलवे ट्रैक के ऊपर से बह रहा था, जिससे रेल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई.

नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे ने ट्रेनों और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शिमलगुड़ी-नामतिआली और शिमलगुड़ी-सेलेंगहाट सेक्शन पर ट्रेनों का परिचालन अगले आदेश तक रोक दिया.

इस बाढ़ के कारण 9 ट्रेनों को रद्द किया गया, 6 ट्रेनों के रूट बदलकर डायवर्टेड रूट से चलाया गया और 10 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट और शॉर्ट ऑरिजिनेट किया गया. डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया से चलने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों का रूट बदलकर रंगिया-रंगापारा के रास्ते भेजा जा रहा था.

असम में 6 जिले बाढ़ में घिर गए और 37 हजार लोग प्रभावित हुए. रेल-रोड सेवाएं बुरी तरह बाधित रहीं. इस हालात ने साफ कर दिया कि मानसून में नदी किनारे बसे इलाकों में यात्रा करना कितना जोखिम भरा हो सकता है.

सड़क यात्रा: जब कारें तैरने लगीं, पेड़ गिरने लगे

मुंबई में निचले इलाकों की सड़कों पर कई फीट पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई. सड़कों पर जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर थी कि कई जगहों पर कारें पानी में तैरती नजर आईं. महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) ने मुंबई-पुणे के बीच सड़क यात्रा न करने की सलाह जारी की.

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भी भारी लैंडस्लाइड हुई, जिससे हाईवे बंद कर दिया गया. जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बारिश और भूस्खलन के कारण बाधित हुआ. देश के कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात बन गए. कहीं पेड़ गिरे, तो कहीं सड़कें नदी बनीं. कई राज्यों में 28 लोगों की जान क्लाउडबर्स्ट, फ्लैश फ्लड्स और भूस्खलन में चली गई.

तो मानसून में कैसे करें सुरक्षित सफर?

बारिश के इस मौसम में अगर सफर करना ही पड़े, तो यह काम करें...

हवाई यात्रा के लिए टिप्स

क्या करें:

  • सुबह जल्दी की फ्लाइट बुक करें: दोपहर में तूफान और बारिश ज्यादा होती है, इसलिए सुबह की फ्लाइट्स में देरी की संभावना कम होती है. मौसम विभाग के मुताबिक, आमतौर पर दोपहर बाद मौसम ज्यादा खराब होता है.
  • फ्लाइट स्टेटस ऑनलाइन चेक करें: एयरपोर्ट जाने से पहले एयरलाइंस की वेबसाइट या ऐप पर फ्लाइट स्टेटस जरूर देखें. इससे आप अनावश्यक रूप से एयरपोर्ट पर फंसने से बच सकते हैं.
  • एयरपोर्ट पहुंचने का अतिरिक्त समय रखें: रास्ते में जलभराव हो सकता है, इसलिए कम से कम 2-3 घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंचें. सामान्य दिनों में जहां 1.5 घंटे काफी होते हैं, वहीं बारिश में 3-4 घंटे का समय निकालना बुद्धिमानी है.
  • एयरलाइंस की एडवाइजरी फॉलो करें: मौसम खराब होने पर एयरलाइंस एडवाइजरी जारी करती हैं. उन्हें गंभीरता से लें और उनके निर्देशों का पालन करें.
  • ट्रेन या बस का बैकअप प्लान रखें: अगर आपकी फ्लाइट कैंसिल हो जाए, तो ट्रेन या बस का विकल्प रखें. कई बार फ्लाइट कैंसिल होने पर अगली फ्लाइट में सीट मिलना मुश्किल हो जाता है.

क्या न करें:

  • बिना चेक किए एयरपोर्ट न जाएं: हो सकता है आपकी फ्लाइट पहले ही कैंसिल या डायवर्ट हो चुकी हो. एयरपोर्ट जाने से पहले ऑनलाइन स्टेटस जरूर चेक करें.
  • अगर मौसम बहुत खराब है तो यात्रा टालें: जान से ज्यादा कीमती कुछ नहीं है. अगर मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है, तो अनावश्यक यात्रा से बचें.
  • कैब सर्ज प्राइसिंग पर घबराएं नहीं: बारिश में कैब के दाम कई गुना बढ़ सकते हैं. मेट्रो या ट्रेन का विकल्प भी देखें और पहले से प्लान करें.

रेल यात्रा के लिए टिप्स

क्या करें:

  • ट्रेन के लेट होने या रद्द होने पर: IRCTC ऐप या रेलवे की वेबसाइट पर ट्रेन स्टेटस चेक करें. रेलवे अक्सर मौसम खराब होने पर पहले से ट्रेन रद्द करने की सूचना देता है.
  • जलभराव वाले रास्ते: जिन रूट्स पर बारिश का रेड अलर्ट हो, वहां ट्रेन से सफर न करें. खासकर पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन का खतरा अधिक होता है.
  • खाना-पानी और दवाइयां: ट्रेन के घंटों लेट होने पर ये चीजें काम आएंगी. कई बार ट्रेन लंबे समय तक बीच रास्ते में फंस जाती है, जहां खाने-पीने की व्यवस्था नहीं होती.
  • रेलवे हेल्पलाइन नंबर: मुश्किल में काम आएंगे. रेलवे की हेल्पलाइन 139 पर कॉल करके ट्रेन की स्थिति जानी जा सकती है.
  • कैंसिल ट्रेन का रिफंड लें: अगर आपकी ट्रेन कैंसिल हो जाती है, तो रेलवे पूरा रिफंड देता है. ऑनलाइन टिकट का रिफंड अपने आप हो जाता है, जबकि काउंटर टिकट के लिए रिफंड फॉर्म भरना पड़ता है.

क्या न करें:

  • बिना टिकट यात्रा न करें: बारिश में टिकट चेकिंग सख्त हो सकती है और जुर्माना लग सकता है.
  • भूस्खलन वाले रास्ते: मुंबई-पुणे का कर्जत-लोनावला घाट सेक्शन, जहां भूस्खलन हो चुका है, वहां यात्रा करने से बचें.
  • ट्रेन रुकने पर पटरियों पर न उतरें: पानी की तेज धारा बहा सकती है. पटरियों पर पानी होने पर वहां उतरना जानलेवा हो सकता है.

सड़क यात्रा के लिए टिप्स

क्या करें:

  • IMD के अलर्ट पर नजर रखें: रेड/ऑरेंज अलर्ट वाले इलाकों में सड़क यात्रा से बचें. मौसम विभाग की वेबसाइट और ऐप पर अलर्ट चेक करते रहें.
  • कार में इमरजेंसी किट: टॉर्च, पानी की बोतल, दवा, मोबाइल चार्जर, रेनकोट, जंपर केबल, टो रोप और अतिरिक्त कपड़े रखें.
  • धीमी गति से गाड़ी चलाएं: हाइड्रोप्लानिंग (पानी पर फिसलना) का खतरा होता है. बारिश में सड़क फिसलन भरी हो जाती है, इसलिए गति कम रखें.
  • ओवरब्रिज और नीचले इलाकों से बचें: वहां सबसे पहले पानी भरता है. जलभराव वाले रास्तों पर न जाएं.
  • बारिश में बचाव: तेज हवा और बारिश में पेड़ गिर सकते हैं, जिससे गाड़ी क्षतिग्रस्त हो सकती है या जान भी जा सकती है.

क्या न करें:

  • पानी में गाड़ी न चलाएं: अगर पानी 6 इंच से ज्यादा है तो गाड़ी न चलाएं. कार बह सकती है या इंजन में पानी चला जाएगा, जिससे इंजन खराब हो सकता है.
  • रात में पहाड़ी रास्तों पर यात्रा: भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है. पहाड़ी रास्तों पर दिन में ही यात्रा करें और मौसम साफ होने का इंतजार करें.
  • सोशल मीडिया पर अफवाह: हमेशा IMD या प्रशासनिक सूचनाओं पर ध्यान दें. सोशल मीडिया पर कई बार झूठी खबरें वायरल हो जाती हैं, जिससे अनावश्यक दहशत फैलती है.
  • बिना प्लानिंग के लंबी यात्रा: मानसून में लंबी यात्रा से पहले पूरी प्लानिंग करें और बैकअप विकल्प रखें.

उत्तराखंड में 109 सड़कें बंद, चारधाम यात्रा स्थगित

30 जुलाई 2026 का हाल बताता है कि भारत में मानसून ने कितनी भयावह शकल ले ली है. उत्तराखंड में 109 सड़कें बंद, चारधाम यात्रा स्थगित, हिमाचल में 152 सड़कें बंद, असम में 78 मौतें, 300,000 से ज्यादा लोग प्रभावित, गुजरात में 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 8 में रेड अलर्ट, तेलंगाना में 183.5 मिमी बारिश और उड़ीसा में बाढ़ से 5 लाख से अधिक प्रभावित हैं.

मानसून 2026 ने दिखाना शुरू कर दिया है कि बारिश कितनी तबाही मचा सकती है. फ्लाइट्स कैंसिलेशन, ट्रेंनें डायवर्ट और सड़क हादसों के सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि हजारों यात्रियों की मुश्किलों की कहानी है. इस मौसम में सबसे सुरक्षित और बेहतर सफर वही है जो आप बिना जोखिम के करें.

ज़ाहिद अहमद इस वक्त ABP न्यूज़ में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. टेलीविजन और डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में उन्हें करीब 9 साल का तजुर्बा है. इससे पहले वे 3 बड़े मीडिया संस्थानों में भी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. वे ओरिजिनल सेक्शन की एक्सप्लेनर टीम में सीनियर सब एडिटर रहे. ज़ाहिद आउटपुट डेस्क, बुलेटिन प्रोड्यूसिंग और बॉलीवुड सेक्शन को बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर लीड भी कर चुके हैं. देश-विदेश, सियासत, कारोबार, एजुकेशन, एंटरटेनमेंट, चुनाव और समाजी मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़ है. आसान लहजे में असरदार और भरोसेमंद एक्सप्लेनर पेश करना उनकी पहचान है.

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