चुनाव आयोग से मिलीं ममता बनर्जी, SIR का मुद्दा उठाया, जानें क्या बोले CEC ज्ञानेश कुमार?
बंगाल में चुनावी साल में चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा है. पहले विरोध कर रही टीएमसी ने सोमवार को ममता बनर्जी के नेतृत्व में चुनाव आयोग से मुलाकात की.

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़े मुद्दे उठाए. चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने उनके सवालों का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि कानून का राज सर्वोपरि रहेगा और कोई भी व्यक्ति यदि कानून अपने हाथ में लेता है तो उसके खिलाफ आयोग को प्राप्त संवैधानिक शक्तियों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
इस दौरान आयोग के संज्ञान में यह भी लाया गया कि तृणमूल कांग्रेस के कुछ विधायक और कार्यकर्ता चुनाव आयोग और विशेष रूप से CEC के खिलाफ खुलेआम अपमानजनक और धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं. साथ ही चुनाव अधिकारियों को धमकाने के भी आरोप सामने आए हैं.
'किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा'
इसके अलावा, पश्चिम बंगाल में कुछ स्थानों पर ERO (एसडीओ/बीडीओ) कार्यालयों में तोड़फोड़ की घटनाएं भी हुई हैं, जिनमें तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और विधायकों की भूमिका बताई जा रही है. चुनाव आयोग ने साफ तौर पर कहा कि SIR से जुड़े कार्यों में लगे अधिकारियों पर किसी भी तरह का दबाव, बाधा या हस्तक्षेप बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह किसी भी व्यक्ति या संगठन की ओर से हो. बैठक में बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) के मानदेय का मुद्दा भी उठाया गया.
हर बीएलओ को 18000 रुपये देने हैं
आयोग को बताया गया कि प्रति BLO कुल 18,000 रुपये देने हैं, लेकिन अब तक केवल 7,000 रुपये ही जारी किए गए हैं. आयोग ने निर्देश दिया कि शेष राशि बिना किसी और देरी के समय पर जारी की जाए. इसके साथ ही यह चिंता भी जताई गई कि SIR कार्य के लिए तैनात किए गए EROs/AEROs का स्तर सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) या तहसीलदार स्तर का नहीं है, जो प्रशासनिक दृष्टि से एक गंभीर विषय है.
Source: IOCL


























