'अगर उनके पास 20 सांसद तो...', TMC के बागी नेताओं को लेकर फायर हुईं महुआ, जानें क्या कहा
तृणमूल कांग्रेस से कई नेताओं के पार्टी छोड़ने को लेकर महुआ मोइत्रा का बयान आया है. उन्होंंने कहा कि अगर उनके पास कोई लेटर होता तो वो अबतक सामने आ गया होता.

तृणमूल कांग्रेस से कई नेताओं के पार्टी छोड़ने और पाला बदलने की अटकलों के बीच टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने एक इंटरव्यू में उन दावों को खारिज कर दिया है कि बागी गुट को 20 सांसदों का समर्थन हासिल है. उन्होंने तर्क दिया कि अगर इतनी संख्या में सांसद साथ होते, तो अब तक कोई लेटर सामने आ गया होता और शक्ति प्रदर्शन भी हो चुका होता.
सुष्मिता देव के इस्तीफे को लेकर हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए मोइत्रा ने कहा कि संख्या साबित करने की जिम्मेदारी उन लोगों की है जो दावा कर रहे हैं. वे दावा कर रहे हैं कि उनके पास 16 हैं उनके पास 20 हैं ऐसे में ये जिम्मेदारी उन्हीं की है. अगर सच में उनके पास 20 होते तो मुझे यकीन है कि कोई चिट्ठी सामने आती और (बीजेपी के साथ) एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस होती. मैं पूरे भरोसे के साथ कह सकती हूं कि उनके पास 20 सांसद नहीं हैं.
मोइत्रा ने तर्क दिया कि सिर्फ सांसदों का एक ग्रुप साथ होने से दलबदल विरोधी कानून के तहत कोई मान्यता प्राप्त गुट नहीं बन जाता. उन्होंने आगे कहा कि इसके लिए पूरी पार्टी के दो-तिहाई सदस्यों को अलग होकर बीजेपी में शामिल होना होगा. उन्होंने कहा कि दलबदल विरोधी कानून लागू न होने के लिए सिर्फ विधानसभा के नहीं बल्कि पूरी पार्टी के दो-तिहाई सदस्यों को अलग होना होगा. इसके अलावा उन्हें बीजेपी में शामिल भी होना होगा.
बागी सांसदों को लेकर क्या बोलीं महुआ
उन्होंने आगे कहा कि अगर उनके पास 20 सांसद होते भी, तो उन्हें क्या मिलता? वे (TMC से) अलग बैठ सकते हैं. अलग बैठने के अलावा लोकसभा या विधानसभा में किसी अलग गुट या ब्लॉक को मान्यता मिलने की कोई गुंजाइश नहीं है. वे बंगाल में खुद को काकोली कांग्रेस या शताब्दी कांग्रेस या BJP की B-टीम कह सकते हैं और अलग बैठ सकते हैं. इसलिए वे अलग बैठने और बीजेपी को वोट करने के लिए स्वतंत्र हैं. कोई उन्हें रोक नहीं सकता लेकिन इससे उनका लोकसभा करियर खत्म हो जाएगा.
TMC के 20 सांसदों का दावा
बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा है कि बागी गुट ने NDA को समर्थन करने का फैसला किया है. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लगभग 20 सांसदों का समर्थन हासिल है. बागी नेताओं को दल-बदल विरोधी कार्रवाई से बचने के लिए TMC के 28 लोकसभा सदस्यों में से कम से कम 19 यानी पार्टी के कुल सांसदों के दो-तिहाई सदस्यों की जरूरत है. उन्होंने पहले कहा था कि हमने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर NDA को औपचारिक रूप से समर्थन देने का फ़ैसला किया है. उसके बाद कहा कि लेटर स्पीकर तक पहुंच चुका है और हमने एक अलग गुट के तौर पर बैठने के लिए अलग व्यवस्था की मांग की है.
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