राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' की एक महीने का रिपोर्ट कार्ड, कोटा से देहरादून तक कैसे की तैयार जमीन?
Chhatron ki Goonj: कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि पार्टी ने देशभर में छात्रों के बीच जाकर पेपर लीक, शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर अभियान चलाया. 28 शहरों के लिए 28 कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए हैं.

- राहुल गांधी 17 जुलाई 2026 को देहरादून में छात्रों से मिलेंगे।
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी 17 जुलाई, 2026 को उत्तराखंड के देहरादून में 'छात्रों की गूंज' अभियान के दूसरे बड़े कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे हैं. इससे पहले इस अभियान की शुरुआत 17 जून को राजस्थान के कोटा से हुई थी. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि एक महीने के अंतराल में कांग्रेस ने इस अभियान को लेकर जमीनी स्तर पर क्या तैयारी की? अब सवाल उठता है कि राहुल गांधी ने कोटा में 17 जून को कार्यक्रम किया. अब 17 जुलाई को देहरादून में करेंगें. आखिर उन्होंने महीने का गैप क्यों दिया?
क्या है राहुल गांधी के अभियान का उद्देश्य?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कोटा कार्यक्रम के बाद पार्टी ने 'छात्रों की गूंज' अभियान को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे संगठनात्मक अभियान के रूप में पूरे देश में चलाया. पार्टी ने अपने सभी अग्रिम और प्रकोष्ठ संगठनों को निर्देश दिए कि वे NSUI के साथ मिलकर जिला स्तर तक छात्रों के बीच पहुंचें और पेपर लीक, भर्ती घोटालों, महंगी शिक्षा और शिक्षा व्यवस्था की कमियों जैसे मुद्दों पर संवाद करें.
भाजपा ने लगाए आरोप, तो कांग्रेस ने किया पलटवार
इसी दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि छात्रों का मुद्दा उठाने के बाद राहुल गांधी विदेश चले गए. हालांकि, कांग्रेस का दावा है कि राहुल गांधी की अनुपस्थिति में भी संगठन स्तर पर अभियान लगातार चलता रहा और विभिन्न विभागों ने देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए. कांग्रेस ने देश के 28 शहरों को इस अभियान के लिए चिन्हित किया और प्रत्येक शहर के लिए अलग-अलग को-ऑर्डिनेटर नियुक्त किए. इन शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस, नुक्कड़ सभाएं, छात्र संवाद और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए गए.
कांग्रेस पार्टी के अलग-अलग विभागों ने मिलकर चलाया अभियान
कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी ने एबीपी न्यूज से कहा कि विभाग ने देशभर में छात्रों के बीच जाकर पेपर लीक और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर अभियान चलाया. उन्होंने बताया कि 28 शहरों के लिए 28 कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए गए हैं, जो लगातार कार्यक्रमों का संचालन कर रहे हैं.
महिला कांग्रेस ने भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई. महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने एबीपी न्यूज को बताया कि संगठन ने 28 शहरों के लिए 28 महिला कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए हैं. इनकी जिम्मेदारी छात्राओं और युवाओं के बीच पहुंचकर शिक्षा और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर जागरूकता फैलाना और कांग्रेस के अभियान को आगे बढ़ाना है.
ओबीसी कांग्रेस ने भी अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार दिया. ओबीसी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जयहिंद ने ABP न्यूज से कहा कि राहुल गांधी के निर्देश पर बेंगलुरु समेत कई राज्यों में कार्यक्रम आयोजित किए गए. उन्होंने दावा किया कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक संगठन ने कोऑर्डिनेटर के जरिए छात्रों के बीच पहुंचकर अभियान चलाया.
इसके अलावा, कांग्रेस के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति विभागों ने भी 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत देशभर में छात्र संवाद, नुक्कड़ सभाएं और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए. इन विभागों ने भी 28 चिन्हित शहरों में कोऑर्डिनेटर के माध्यम से अभियान को आगे बढ़ाया.
अब इस अभियान का दूसरा बड़ा पड़ाव 17 जुलाई को देहरादून में होगा, जहां राहुल गांधी छात्रों के साथ सीधा संवाद करेंगे. पार्टी के मुताबिक, इस कार्यक्रम का फोकस पेपर लीक, भर्ती घोटाले, महंगी शिक्षा, शिक्षा व्यवस्था की खामियां और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दे होंगे.


















