पढ़ाई करने पर पिटाई, घर से भागी लड़की के बचाव में आया दिल्ली हाईकोर्ट

नई दिल्ली: पढ़ाई की इच्छा जाहिर करने पर लगातार पिटाई से तंग आकर घर से भागी एक लड़की के बचाव में गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट आया. कोर्ट ने पुलिस को लड़की की सुरक्षा करने और सरकारी स्कूल में उसकी पढ़ाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
दिल्ली हाईकोर्ट ने लड़की की पढ़ाई का रास्ता किया साफ
दिल्ली हाईकोर्ट ने उस लड़की की विधवा मां से भी हलफनामा लिया कि वह अपनी बेटी की पढ़ाई की राह में नहीं आएगी, जिसे 9वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर किया गया था. जस्टिस मुरलीधर और जस्टिस हरिशंकर की पीठ ने लड़की और उसकी मां की बातों को धैर्यपूर्वक सुना और उसके बाद निर्देश जारी किए.
'वह सीधा स्कूल जाएगी और आप उसे नहीं रोकेंगी'
हाईकोर्ट ने लड़की की मां से कहा, यह लड़की किसी बड़े शिक्षण संस्थान में पढ़ाने को नहीं कह रही है. वह सिर्फ किसी स्कूल में पढ़ना चाहती है. वह सीधा स्कूल जाएगी और आप उसे नहीं रोकेंगी.
पति की मृत्यु के बाद रोज-रोज का खर्च जुटाना भी मुश्किल
इस पर लड़की ने कोर्ट से कहा कि वह दो मई को लगातार पिटाई किए जाने और घर पर काम करने को कहे जाने की वजह से घर से भाग गई थी, वहीं मजदूर का काम करने वाली उसकी मां ने कहा कि पति की मृत्यु के बाद रोज-रोज का खर्च जुटाना भी उनके लिए मुश्किल हो रहा है.
बेटी का पता लगाने के लिए पुलिस से मदद की मांग
आपको बता दें कि लड़की की मां ने एक वकील की मदद से हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उसने अपनी बेटी का पता लगाने के लिए पुलिस से मदद की मांग करते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. लड़की यह कहते हुए घर से भाग गई थी कि वह अपनी शादीशुदा बड़ी बहन के साथ रहने जा रही है.
Source: IOCL

























