एक्सप्लोरर

समाजवादी पार्टी में महाभारत: एक नज़र मुलायम के राजनीतिक सफर पर

नई दिल्ली:  मुलायम सिंह ने समाजवादी पार्टी को उसकी स्थापना के बाद से ही यूपी की सबसे अहम पार्टियों में शुमार करा दिया. मुलायम की वजह से समाजवादी पार्टी ने 25 साल में चार बार मुख्यमंत्री दिए. मुलायम सिंह यादव भारतीय राजनीति के दिग्गज चेहरों में से एक हैं. कहते हैं मुलायम सिंह यादव के साथ यदि किसी ने उन्हें किसी भी रूप में फायदा पहुंचा दिया तो वो उस व्यक्ति को ताउम्र याद रखते हैं. मुलायम की इन्हीं खासियत की वजह से समाजवादी पार्टी के साइकिल के पहियों को घूमते हुए आज 25 साल पूरे हो रहे हैं. 4 नवंबर 1991 को लखनऊ के बेगम हजरत महल पार्क में जब मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी की स्थापना की थी, तब से अबतक पार्टी एक लंबा सफर तय कर चुकी है. समाजवादी पार्टी के 25 साल के इतिहास में कई बड़ी कामयाबियां दर्ज हैं. इस पार्टी के दम पर ही मुलायम सिंह यादव तीन बार खुद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने और महज 38 साल की उम्र में उनके बेटे अखिलेश यादव की भी सीएम के रूप में ताजपोशी हुई. समाजवादी पार्टी को देश की सबसे ताकतवर क्षेत्रीय पार्टियों में से एक बनाने में जिस शख्स ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई वो हैं 77 साल के मुलायम सिंह यादव. मुलायम को सिंह को नजदीक से जानने वाले बताते हैं कि यदि एक बार कोई भी व्यक्ति पार्टी के हित में कोई अच्छा काम कर दे तो वो ताउम्र मुलायम सिंह यादव के लिए उनका करीबी हो जाता है. यही वजह है कि समाजवादी पार्टी के रजत जयंति समारोह की पूरी जिम्मेदारी उसी गायत्री प्रजापति को दी गई है जिसे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बिल्कुल पसंद नहीं करते और अपने मंत्रिमंडल से बाहर निकाल चुके हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि प्रजापति शुरू से पार्टी के साथ हर मुश्किल घड़ी में चट्टान की तरह खड़े रहे हैं. मुलायम सिंह का सक्रिय राजनीतिक करियर 1967 में शुरू हुआ जब वह पहली बार उत्तर प्रदेश विधान सभा के लिए चुने गए. बड़े स्तर पर मुलायम सिंह की सियासत का पहला अध्याय 1977 में शुरू होता है. यह कांग्रेस विरोध का दौर था तब उत्तर प्रदेश में संघियों और सोशलिस्टों की मिली-जुली सरकार थी. मुलायम सिंह यादव उस सरकार में सहकारिता मंत्री थे. उसी दौरान मुलायम जाने-माने समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्रा के संपर्क में आए. मुलायम सिंह यादव ने 1980 में तब के उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े समाजवादी नेता लोकबंधु राजनारायण का साथ छोड़कर चौधरी चरण सिंह का हाथ थाम लिया. 1989 में जब उत्तर प्रदेश सरकार का गठन होने वाला था तब मुख्यमंत्री पद की दौड़ में दो नेता थे मुलायम सिंह और अजित सिंह. मुलायम सिंह जनाधार वाले नेता थे, जबकि अजित सिंह अमेरिका से लौटे थे. वी. पी. सिंह हर हाल में अजित सिंह को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे. मुलायम सिंह को यह मंजूर नहीं था. मुख्यमंत्री का नाम तय करने के लिए गुजरात के समाजवादी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री चिमनभाई पटेल को लखनऊ भेजा गया. वे उस समय उत्तर प्रदेश के जनता दल प्रभारी थे. वी. पी. सिंह का दबाव उनके ऊपर था कि अजित को फाइनल करें. यहां मुलायम सिंह यादव ने जबरदस्त राजनीतिक होशियारी दिखाई. चिमनभाई पटेल ने लखनऊ से लौटते ही मुलायम सिंह के नाम पर ठप्पा लगा दिया. मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं. उनके चाहने वाले उन्हें नेताजी कह कर पुकारते हैं. mulayam मुलायम सिंह को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान अयोध्या मुद्दे से मिली. 1990 में मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने विवादास्पद बाबरी मस्जिद को बचाने के लिए कारसेवकों पर गोली चलाने का आदेश दे दिया था. 1992 में बाबरी मस्जिद टूटने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति सांप्रदायिक आधार पर बंट गई और मुलायम सिंह को राज्य के मुस्लिमों का समर्थन हासिल हुआ. अल्पसंख्यकों के प्रति उनके रुझान को देखते हुए कहीं-कहीं उन पर “मौलाना मुलायम” का ठप्पा भी लगा. मुलायम सिंह दो दशक से ज्यादा समय से राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय हैं.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

लद्दाख को 3,350 करोड़ की सौगात देकर बोले पीएम मोदी- 'हमारा फोकस युवाओं पर'
लद्दाख को 3,350 करोड़ की सौगात देकर बोले पीएम मोदी- 'हमारा फोकस युवाओं पर'
Live: राहुल गांधी के SC पहुंचने पर वकील ने कहा- आहत हैं, CJI बोले- हमें कोई धमका नहीं सकता
Live: राहुल गांधी के SC पहुंचने पर वकील ने कहा- आहत हैं, CJI बोले- हमें कोई धमका नहीं सकता
'BJP को मजबूत करेंगे', राज्यपाल बनने पर बोले ब्रज मोहन राम तो भड़के नवीन पटनायक
'BJP को मजबूत करेंगे', राज्यपाल बनने पर बोले ब्रज मोहन राम तो भड़के नवीन पटनायक
अंकिता भंडारी के मां-बाप को पुलिस ने हिरासत में लिया, गुस्से में शशि थरूर, बोले- 'समझाने की जरूरत...'
अंकिता भंडारी के मां-बाप को पुलिस ने हिरासत में लिया, गुस्से में शशि थरूर, बोले- 'समझाने की जरूरत...'

वीडियोज

सजा-ए-मौत का नीला ड्रम!
CJP को भी 'हाइजैक' कर लेंगे राहुल ?
थम नहीं रहा घमासान... कैसे निकलेगा समाधान? सटीक विश्लेषण
घुसपैठिया और SIR, 2029 की 'जंग' तैयार!
Vasudha: Vasudha के प्यार में रस्में भूला Dev, दादी ने कान पकड़कर सिखाया सबक!

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
अंकिता भंडारी के मां-बाप को पुलिस ने हिरासत में लिया, गुस्से में शशि थरूर, बोले- 'समझाने की जरूरत...'
अंकिता भंडारी के मां-बाप को पुलिस ने हिरासत में लिया, गुस्से में शशि थरूर, बोले- 'समझाने की जरूरत...'
पंजाब में राहुल के अंकल को कांग्रेस में वापस लाएंगे सचिन पायलट? बयान से मिले ये संकेत
पंजाब में राहुल के अंकल को कांग्रेस में वापस लाएंगे सचिन पायलट? बयान से मिले ये संकेत
10 अक्टूबर को CJP नेताओं को हिरासत में क्यों लिया? सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली पुलिस कमिश्नर का जवाब
10 अक्टूबर को CJP नेताओं को हिरासत में क्यों लिया? सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली पुलिस कमिश्नर का जवाब
Box Office: बुधवार को फिर 'दृश्यम 3' ने मारी बाजी, 'हनुमान अंश' का कमाल जारी, 'द वन' का हुआ बंटाधार
बुधवार को फिर 'दृश्यम 3' ने मारी बाजी, 'हनुमान अंश' का कमाल जारी, जानें- कलेक्शन
अर्शदीप सिंह की चोट पर आया बड़ा अपडेट, पांचवें टी20 से बाहर?
अर्शदीप सिंह की चोट पर आया बड़ा अपडेट, पांचवें टी20 से बाहर?
आशुतोष रांका, सौरव के तिहाड़ जाते ही CJP की रत्ना सिंह को मिल रही धमकी, बोलीं- '₹2 वाले...'
आशुतोष रांका, सौरव के तिहाड़ जाते ही CJP की रत्ना सिंह को मिल रही धमकी, बोलीं- '₹2 वाले...'
अनुप्रिया पटेल की बढ़ेंगी मुश्किलें? दिव्या मित्तल ने कर दिया बड़ा ऐलान
अनुप्रिया पटेल की बढ़ेंगी मुश्किलें? दिव्या मित्तल ने कर दिया बड़ा ऐलान
डॉ. कलाम के 5 विचार, जो छात्रों को देते हैं लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा
डॉ. कलाम के 5 विचार, जो छात्रों को देते हैं लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा
Embed widget