एक्सप्लोरर

Interfaith Marriage: 'कुछ चुनिंदा राजनीतिक हित के इशारे पर...', धर्मांतरण पर कानून को लेकर SC में उठे सवाल तो बोली केंद्र सरकार

Interfaith Marriage: सुप्रीम कोर्ट ने 6 जनवरी, 2021 को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ नए और विवादास्पद कानूनों का परीक्षण करने पर सहमति व्यक्त की थी.

Interfaith Marriage Supreme Court: कई बीजेपी राज्यों ने अंतर-धार्मिक विवाहों के कारण होने वाले धर्मांतरण को रोकने के लिए कानून बनाए हैं. इसको लेकर सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ के एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. अब केंद्र सरकार ने एनजीओ की याचिका को लेकर सवाल उठाए हैं.

केंद्र सरकार ने आरोप लगाया है कि ये गैर सरकारी संगठन (NGO) 'कुछ चुनिंदा राजनीतिक हित के इशारे पर' अपने नाम का इस्तेमाल करने की अनुमति देता है.  केंद्र ने कोर्ट को बताया कि वह दंगा प्रभावित लोगों की पीड़ा का फायदा उठाकर पैसा इकट्ठा करने का दोषी है.

संयुक्त सचिव ब्रह्म शंकर ने दिया हलफनामा
गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव ब्रह्म शंकर द्वारा दाखिल एक हलफनामे में कहा गया, "मैं बताना चाहता हूं कि याचिकाकर्ता सार्वजनिक हित में काम करने का दावा करता है लेकिन वह लोक हितों को परे रखकर अन्य उद्देश्यों के लिए विषयों को चुनता है."

हलफनामे में कहा गया, "मैं कहना चाहता हूं कि न्यायिक कार्यवाही की एक श्रृंखला से अब यह स्थापित हो गया है कि याचिकाकर्ता नंबर 1 कुछ चुनिंदा राजनीतिक हित के इशारे पर अपने दो पदाधिकारियों के माध्यम से अपने नाम का इस्तेमाल करने की अनुमति देता है और इस तरह की गतिविधि से कमाई भी करता है."

जानबूझकर गुप्त रूप से...
केंद्र ने कहा कि उसने याचिकाकर्ता के इशारे पर संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत किसी भी समान या अन्य राहत प्रदान किए जाने का विरोध करने के सीमित उद्देश्य के लिए केवल प्रारंभिक हलफनामा दायर किया है. हलफनामे में कहा गया, "मैं कहना चाहता हूं कि लोक हित की सेवा की आड़ में, याचिकाकर्ता जानबूझकर गुप्त रूप से धार्मिक और सांप्रदायिक आधार पर समाज को विभाजित करने के प्रयास में विभाजनकारी राजनीति करता है."

असम में इस तरह की गतिविधि हो रही हैं
हलफनामे में कहा गया कि कानून का स्थापित सिद्धांत है कि संवैधानिक अदालत में याचिकाकर्ता की पृष्ठभूमि और साख पर गौर किया जाता है. केंद्र ने हलफनामे में अन्य राज्यों में याचिकाकर्ता संगठन की इसी तरह की गतिविधियों का आरोप लगाया और कहा कि वर्तमान में असम में इस तरह की गतिविधि हो रही हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने 6 जनवरी, 2021 को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ नए और विवादास्पद कानूनों का परीक्षण करने पर सहमति व्यक्त की थी, जो अंतर-धार्मिक विवाहों के कारण धर्म परिवर्तन को विनियमित करते हैं. उत्तराखंड के कानून में जबरन या प्रलोभन के जरिए धर्म परिवर्तन के दोषी पाए जाने वालों के लिए दो साल जेल की सजा का प्रावधान है. ये प्रलोभन नकद, रोजगार या भौतिक लाभ के रूप में हो सकता है.

एनजीओ की दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि ये प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 21 और 25 का उल्लंघन करते हैं क्योंकि वे राज्य को किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अपनी पसंद के धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता का दमन करने का अधिकार देते हैं.

यह भी पढ़ें: Parliament Session 2023: अडानी, बीबीसी और संघीय व्यवस्था के मुद्दे पर संसद में हंगामे के आसार, कल पेश होगा आर्थिक सर्वेक्षण

 

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

CM हिमंत बिस्वा सरमा ने 16 मंत्रियों को दी बड़ी जिम्मेदारी, असम के 35 जिलों का बनाया ‘गार्जियन’
CM हिमंत बिस्वा सरमा ने 16 मंत्रियों को दी बड़ी जिम्मेदारी, असम के 35 जिलों का बनाया ‘गार्जियन’
हत्या को अंजाम देने 1400 KM का सफर, DU प्रोफेसर देबस्मिता पॉल के मर्डर केस में बड़ा खुलासा, पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी
हत्या को अंजाम देने 1400 KM का सफर, DU प्रोफेसर के मर्डर केस में बड़ा खुलासा, पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी
मोदी सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष! इंडिया गठबंधन की बैठक कल, 23 दल होंगे शामिल, ममता पर होंगी निगाहें
मोदी सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष! इंडिया गठबंधन की बैठक कल, 23 दल होंगे शामिल
झूमकर आया मॉनसून! देशभर में पकड़ी रफ्तार, जानें यूपी-बिहार और दिल्ली में कब होगी बारिश
झूमकर आया मॉनसून! देशभर में पकड़ी रफ्तार, जानें यूपी-बिहार और दिल्ली में कब होगी बारिश

वीडियोज

Chaar Ki Chaal | Ghazipur Encounter | Sanjay Nishad: कमलेश चौधरी एनकाउंटर पर महा-संग्राम!
दुनिया की पहली Electric Car से EV Revolution तक | 200 साल की कहानी | #autolive
बॉलीवुड न्यूज़: जाह्नवी कपूर की कथित प्राइवेट चैट सोशल मीडिया पर वायरल
Spoiler Alert:😱Vaishnavi-Parth के रिश्ते में Reyansh का जहर, गलतफहमियां बढ़ाने की रची साजिश #sbs
Bengal Latest News: पुलिस से बचने के लिए TMC कार्यकर्ता का अनोखा जुगाड़ फेल! | Breaking

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
झूमकर आया मॉनसून! देशभर में पकड़ी रफ्तार, जानें यूपी-बिहार और दिल्ली में कब होगी बारिश
झूमकर आया मॉनसून! देशभर में पकड़ी रफ्तार, जानें यूपी-बिहार और दिल्ली में कब होगी बारिश
'बस बहुत हो गया अब हम अपनी मस्जिदों पर...' संभल में बुलडोजर एक्शन पर भड़के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क
'बस बहुत हो गया अब हम अपनी मस्जिदों पर...' संभल में बुलडोजर एक्शन पर भड़के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क
भारत की कप्तानी मिलने के बाद आई श्रेयस अय्यर की पहली प्रतिक्रिया, जानें क्या कुछ कहा
भारत की कप्तानी मिलने के बाद आई श्रेयस अय्यर की पहली प्रतिक्रिया, जानें क्या कुछ कहा
शाहरुख-रजनीकांत नहीं, इंडिया का सबसे महंगा एक्टर बना ये हीरो, एक फिल्म के लिए वसूले 300 करोड़!
शाहरुख-रजनीकांत नहीं, इंडिया का सबसे महंगा एक्टर बना ये हीरो, एक फिल्म के लिए वसूले 300 करोड़!
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर आया BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का पहला रिएक्शन, कहा- 'विदेश में बैठे...'
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर आया BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का पहला रिएक्शन, कहा- 'विदेश में बैठे...'
'हम भारत को खुले...', लिपुलेख विवाद पर नेपाल के विदेश मंत्री का बड़ा बयान, जानें क्या कहा
'हम भारत को खुले...', लिपुलेख विवाद पर नेपाल के विदेश मंत्री का बड़ा बयान, जानें क्या कहा
AC के साथ सीलिंग फैन चलाने से क्यों बढ़ती है ठंडक और कैसे कम हो सकता है बिजली का बिल? जानिए पूरी सच्चाई
AC के साथ सीलिंग फैन चलाने से क्यों बढ़ती है ठंडक और कैसे कम हो सकता है बिजली का बिल? जानिए पूरी सच्चाई
जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद क्या होगा कॉकरोच जनता पार्टी का अगला कदम? अभिजीत दीपके ने कर दिया क्लीयर
जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद क्या होगा कॉकरोच जनता पार्टी का अगला कदम? अभिजीत दीपके ने कर दिया क्लीयर
Embed widget