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भारत और नीदरलैंड ने एक स्वर में कहा, 'आतंकवाद के लिए दोहरे मापदंड नहीं'

द हेग: भारत और नीदरलैंड ने आतंकवाद की समस्या पर ध्यान देने में दोहरे मानदंडों के इस्तेमाल की कड़ी निंदा करते हुए आज कहा कि किसी भी सूरत में आतंकवादी कृत्यों को जायज नहीं ठहराया जा सकता. आतंकवाद एवं हिंसक चरमपंथ के प्रसार से उपज रहे गंभीर खतरे को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीदरलैंड के उनके समकक्ष मार्क रूत्ते ने आतंकवाद से मुकाबले एवं हिंसक चरमपंथ की तरफ बढ़ने की क्षमता रखने वाले कट्टरपंथ को रोकने को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जतायी. द्विपक्षीय बैठक के बाद दोनों नेताओं ने एक संयुक्त बयान में एक समग्र दृष्टिकोण के जरिये आतंकवाद के खात्मे के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा एक एकीकृत एवं सामूहिक प्रयास की जरूरत पर भी जोर दिया. बयान के अनुसार दोनों प्रधानमंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी सूरत में आतंकवादी कृत्यों को जायज नहीं ठहराया जा सकता और आतंकवाद को लेकर रत्ते भर भी बर्दाश्त नहीं करने की नीति होनी चाहिए.
उन्होंने पुष्टि की कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का मकसद ''ना केवल आतंकवादियों, आतंकी संगठनों एवं नेटवर्को को बाधित करना और दंडित करना होना चाहिए बल्कि आतंकवाद को बढ़ावा देने, मदद देने एवं उसका विपोषण करने, आतंकियों, आतंकी समूहों को पनाह देने तथा उनके गुणों का झूठा बखान करने वालों की पहचान करना, उनकी जवाबदेही तय करना और उनके खिलाफ कड़े उपाय करना होना चाहिए.'' दोनों नेताओं ने आतंकवाद की समस्या पर ध्यान देने में दोहरे मानदंडों के इस्तेमाल की कड़ी निंदा की और द्विपक्षीय स्तर एवं बहुपक्षीय व्यवस्था दोनों ही तरह से सहयोग मजबूत करने पर भी सहमत हुए. बयान के अनुसार इस संदर्भ में मोदी और रूत्ते ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से संबंधित व्यापक संधि को लेकर बातचीत जल्द पूरी करने का आहवान किया. मोदी तीन देशों के अपने दौरे के अंतिम पड़ाव के तहत नीदरलैंड में हैं. इससे पहले वह पुर्तगाल एवं अमेरिका की यात्रा पर थे.Sharing my remarks on the importance of India-Netherlands ties and talks with @MinPres @markrutte. https://t.co/mS5YXrp2Zp pic.twitter.com/TcksxbvLyq
— Narendra Modi (@narendramodi) June 27, 2017
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Source: IOCL

























