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अगर हवा रुकी तो दिल्ली-एनसीआर बन जाएगा गैस चैंबर

पिछले कुछ सालों से दिल्ली-एनसीआर में सर्दी शुरू होने के साथ ही प्रदूषण बढ़ने की समस्या आ खड़ी होती है. इसकी एक बड़ी वजह पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को माना जाता है.

नई दिल्ली: क्या दिल्ली समेत पूरे एनसीआर के लिए आने वाले अगले कुछ दिन मुश्किल बढ़ाने वाले हैं? सवाल ये कि क्या एक बार फिर दिल्ली-एनसीआर गैस चैंबर में तब्दील होने वाला है? यह सवाल इस वजह से उठ रहे हैं क्योंकि दिल्ली एनसीआर में लगातार प्रदूषण स्तर बढ़ता जा रहा है. आंकड़ों के मुताबिक, लगातार बढ़ रहे प्रदूषण स्तर में पराली का योगदान भी बढ़ गया है. आलम यह है कि दिल्ली-एनसीआर में मौजूदा प्रदूषण में 40 फीसदी योगदान पराली जलाने की वजह से हो रहे प्रदूषण का है.

दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ सालों से सर्दियों के आगमन के साथ ही प्रदूषण बढ़ने की समस्या बढ़ जाती है और इस प्रदूषण बढ़ने की एक बड़ी वजह पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को माना जाता है. इस साल भी पराली से होने वाला प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है. आलम यह है कि पिछले 3-4 दिनों के दौरान ही देश की राजधानी दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में जो कुल प्रदूषण दर्ज किया गया है उसमें पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण का योगदान 1 नवंबर को 40 फीसदी तक पहुंच गया है. यानी कि कुल प्रदूषण का करीब करीब आधा प्रदूषण पराली की वजह से हो रहा है. यह जानकारी मिनिस्ट्री ऑफ अर्थ साइंसेज के आंकड़ों के मुताबिक निकल के सामने आई है.

मिनिस्ट्री ऑफ अर्थ साइंसेज के आंकड़ों के मुताबिक, 1 नवंबर को जहां दिल्ली-एनसीआर में कुल प्रदूषण में पराली का योगदान 40 फीसदी था तो वहीं 31 अक्टूबर को ये योगदान 32 फीसदी का था. 30 अक्टूबर को यह योगदान 19 फीसदी था तो 29 अक्टूबर को 36 फीसदी था. यानी कि पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण का योगदान दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण स्तर बढ़ाने में साफ तौर पर देखा जा सकता है.

गनीमत की बात यह है कि फिलहाल दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में हवा की रफ्तार अच्छी है और इस वजह से गैस चैम्बर जैसे हालात नहीं बन रहे हैं. लेकिन अगर यही हवा की रफ्तार रुक जाती है तो दिल्ली समेत पूरे एनसीआर के गैस चेंबर में तब्दील होते देरी नहीं लगेगी.

इसका अंदाज़ा इसी बात से लग जाता है कि पिछले साल यानी 1 नवंबर 2019 को जब दिल्ली-एनसीआर के कुल प्रदूषण में पराली की वजह से होने वाले प्रदूषण का प्रतिशत 40 फीसदी के पार पहुंचा था तो दिल्ली समेत पूरा एनसीआर गैस चेंबर में तब्दील हो गया था, सांस लेना दूभर हो गया था और हालात बेहद खराब हो गए थे. उस दौरान गैस चैम्बर जैसे हालातों की वजह हवा की रफ्तार थमने को बताया गया था. यानी कुल मिलाकर जब तक दिल्ली-एनसीआर में हवा की रफ्तार अच्छी है तब तक हालात फिर भी बेहतर है लेकिन अगर यही हवा का रुख जाती है तो हालात दूभर हो जाएंगे.

फ़िलहाल मौसम विभाग की मानें तो अगले कुछ दिनों तक दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में हवा की रफ्तार अच्छी बनी रहेगी. जब तक ऐसा रहेगा तब तक दिल्ली समेत समूचा एनसीआर गैस नंबर बनने से बचा रहेगा. लेकिन अगर यही हवा रुक गई तो हमारे आपके लिए मुश्किलों भरे दिन ज्यादा दूर नहीं है.

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