लालू के बेटे को जमीन दान देने वाली बीजेपी सांसद को दान का पता नहीं

नई दिल्लीः आरजेडी प्रमुख लालू यादव के बेटे और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप की जमीन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. तेज प्रताप को जमीन दान ने वाली बीजेपी सांसद रमा देवी ने अब इसे लेकर बड़ा खुलासा किया है. रमा देवी ने बताया है कि ये जमीन इलाके के विकास के लिए दान दी गई थी.
एबीपी न्यूज से बात करते हुए रमा देवी ने बताया, "मैंने ये जमीन अपने पति बृजबिहारी प्रसाद के कहने पर इलाके के विकास के लिए दान में दी थी." हालांकि, जमीन के कागजात में सेवा के बदले दान की बात की गई.
क्या है ये पूरा जमीन मामला?
बिहार बीजेपी के बड़े नेता सुशील मोदी ने खुलासा किया है कि बीजेपी सांसद रमा देवी ने लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप को जमीन दान में दी थी. लगभग 13 एकड़ जमीन 1992 में तेज प्रताप यादव को दान में दी गई. जिस वक्त ये दान दिया गया उस वक्त तेज प्रताप की उम्र महज 3 साल 8 महीने थी. ये जमीन सेवा के नाम पर दी गई. दी गयी जमीन मुजफ्फरपुर के मौजा किशुनगंज, थाना कुढ़नी में पड़ती है. सुशील मोदी का कहना है कि जिस वक्त ये जमीन दान में दी गई उस वक्त रमा देवी पार्टी लालू की पार्टी में नहीं थीं. ऐसे में उन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी. लेकिन बड़ा सवाल ये है कि महज 3 साल की उम्र में तेजप्रताप ने रमा देवी की ऐसी कौन सी सेवा कर दी जिसके एवज में उन्होंने इतनी बड़ी जमीन दान की.
दानपत्र में क्या लिखा है?
दान दी गई जमीन के लिए दानपत्र में लिखा है कि तेज प्रताप रमादेवी का प्यारा है जिन्हें रमा देवी बहुत प्रयार और मुहब्बत करती हैं. वो रमादेवी की खुशी का ख्याल रखते हैं. वो नाबालिग हैं फिर भी जहां तक संभव होता है वहां तक रमा देवी की सेवा करते हैं. इसे देखकर रमा देवी की इच्छा हुई की वो अपनी जिंदगी में ही तेजप्रताप को गिफ्ट करें.
कहानी के पीछे की कहानी
दरअसल, 1992 में जब रमा देवी ने लालू के बेटे को ज़मीन दान दी तब रमा देवी के पति लालू की सरकार में कद्दावर मंत्री थे. लालू के करीबियों में शुमार किए जाते थे. रमा देवी के पति बृजबिहारी का शुमार बिहार के बाहुबली नेताओं में होता था. 90 के शुरुआती दशक में मुजफ्फरपुर में बृजबिहारी की तूती बोलती थी और हर तरफ उनके नाम की चर्चा रहती थी.























