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GST से आई गुड न्यूज़, अब 177 सामानों पर टैक्स 28% से घटाकर 18% हुआ

जीएसटी काउंसिल ने बड़ा फैसला किया है. 28 फीसदी जीएसटी के दायरे में आने वाले 228 वस्तुओं में से 177 का टैक्स कम कर 18 फीसदी कर दिया है. ये बदलाव कारोबारियों से लेकर आम आदमी के लिए राहत की खबर है .

गुवाहाटी/नई दिल्ली: जीएसटी से नाराज़ आम जनता और कारोबारियों के लिए अच्छी खबर है. जीएसटी काउंसिल की बैठक में 177 सामानों पर जीएसटी दर घटाने का फैसला किया गया है. ऐसे 228 सामान जिनपर अब तक 28 फीसदी टैक्स लगते थे, अब उनमें से 177 सामान पर 18 फीसदी टैक्स लगेंगे और बाकी 50 सामान पर 28 फीसदी टैक्स लगेंगे.

जीएसटी काउंसिल का ये फैसला जनता, कारोबारियों और मोदी सरकार तीनों के लिए राहत की खबर है. आम जनता और कारोबारी जीएसटी की महंगी दर से खासे नाराज़ थे तो मोदी सरकार की जमकर आलोचना हो रही थी.

जीएसटी काउंसिल के फैसले के बारे में ABP न्यूज़ को जानकारी देते हुए काउंसिल के अध्यक्ष और बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि अब तक 227 आइटम्स ऐसे थे जिनपर 28 फीसदी टैक्स लगते थे, अब उनकी संख्या घटाकर 50 कर दी गई है. उन्होंने कहा कि 117 सामान पर अब 18 फीसदी टैक्स लगेंगे.

हालांकि, उनका कहना था कि जिन सामानों पर टैक्स की दर घटाई गई है उनपर पहले भी 25 से 30 फीसदी टैक्स लगता था.

किन-किन सामानों के दर होंगे सस्ते

जीएसटी काउंसिल ने जिन सामानों के दर घटाए हैं उनमें रोजमर्रा के इस्तेमाल की कई वस्तुएं हैं. इनमें प्लास्टिक और लकड़ी के सामान भी शामिल हैं.  डियोडेरेंट,  टूथ ब्रश, शेविंग क्रीम, कॉस्मेटिक आइटम्स और शैम्पू के दाम कम हो गए हैं.

इसी तरह ग्रेनाइट मार्बल के दाम भी अब कम हो गए हैं.

ये सामान हो सकता है सस्ता

- घर बनाने का सामान - एसी रेस्टोरेंट में खाना - सैनेटरी के सामान - वॉलपेपर - स्टेशनरी - घड़ियां - खेल का सामान

इससे पहले, जेटली ने कहा था कि पुरानी व्यवस्था के तहत, केंद्रीय उत्पाद कर भी लागत में ही शामिल होती थी. इसलिए लोग यह महसूस नहीं करते थे और उत्पाद कर, वैट और अन्य करों को जोड़कर कुल 31 फीसदी तक कर चुकाते थे. इसी को ध्यान में रखते हुए 28 फीसदी का जीएसटी स्लैब बनाया गया था.

उन्होंने कहा, "जीएसटी परिषद ने पिछली 3-4 बैठकों में करीब 100 सामानों पर कर की दरें घटाई हैं. इसके तहत कई वस्तुओं पर कर की दर 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी और 18 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी किया गया. हम धीरे-धीरे उन्हें कम कर रहे हैं. हमारा विचार राजस्व संग्रहण को तटस्थ रखना है."

अधिकारियों ने कुछ वक्त पहले ही कहा था कि परिषद विभिन्न सामानों पर करों की दरें कम करने के बारे में विचार कर रही है, जिसमें हैंडमेड फर्नीचर, प्लास्टिक उत्पाद और रोजमर्रा के सामान जैसे शैंपू समेत अन्य चीजें शामिल हैं.

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