VB-G RAMG Act 2025: मजदूरों की लगी लॉटरी! अब इससे कम नहीं मिलेगी दिहाड़ी, केंद्र सरकार ने आज से लागू कर दिया एक्ट
केंद्र सरकार ने VB-G RAM G एक्ट 2025 के तहत 1 जुलाई 2026 से नई ग्रामीण मजदूरी दरें लागू कर दी हैं. नई व्यवस्था में न्यूनतम मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन तय की गई है. रोजगार गारंटी 125 दिनों तक बढ़ाई गई है.

केंद्र सरकार ने विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (VB-G RAM G) एक्ट 2025 के तहत नई मजदूरी दरों का ऐलान कर दिया है. ये नई दरें 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू हो गई हैं. सरकार का कहना है कि इस फैसले का मकसद ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों की आय बढ़ाना, मजदूरी में राज्यों के बीच अंतर कम करना और मजदूरों को बेहतर आर्थिक सुरक्षा देना है.
इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी बात यह है कि अब न्यूनतम मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन तय की गई है. यानी इस योजना के तहत देश में किसी भी मजदूर को 300 रुपये प्रतिदिन से कम मजदूरी नहीं मिलेगी. इससे उन राज्यों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जहां अब तक मजदूरी दर काफी कम थी.
Government Notifies Revised Wage Rates under the VB–G RAM G Act, 2025
— PIB India (@PIB_India) July 1, 2026
✴️Wage Rates Enhanced Across All States and Union Territories; No Notified Wage Below ₹300; Average Increase of Over 10%
✴️The States of Uttar Pradesh, Bihar, Jharkhand, West Bengal, Assam, Arunachal…
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शिवराज सिंह चौहान का बयान
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि विकास का लाभ हर गरीब परिवार तक पहुंचे. उन्होंने कहा कि VB-G RAM G एक्ट का लागू होना विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है. साथ ही रोजगार गारंटी को बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है, जिससे ग्रामीण परिवारों को ज्यादा काम और बेहतर आमदनी मिल सकेगी. नई मजदूरी दरों के तहत देश के सभी 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मजदूरी बढ़ाई गई है. इनमें 21 राज्यों और प्रशासनिक इकाइयों को सीधे 300 रुपये के नए बेस रेट तक लाया गया है.
मनरेगा और VB-G RAM G में अंतर
पहले मनरेगा के तहत राष्ट्रीय औसत मजदूरी 298.8 रुपये प्रतिदिन थी, जो अब VB-G RAM G के तहत बढ़कर 327.4 रुपये प्रतिदिन हो गई है. इसका मतलब है कि औसतन 28.6 रुपये प्रतिदिन की बढ़ोतरी हुई है. पूरे देश में औसतन मजदूरी में 10 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि हुई है. इससे पहले कई राज्यों में मजदूरी 300 रुपये से कम थी और सबसे कम मजदूरी 241 रुपये प्रतिदिन थी. नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे सभी राज्यों को 300 रुपये या उससे ऊपर की श्रेणी में ला दिया गया है. इससे ग्रामीण मजदूरों की आय में सुधार होगा और राज्यों के बीच मजदूरी का अंतर भी कम होगा.
सरकारन ने किन राज्यों पर दिया खास ध्यान?
सरकार ने खास ध्यान उन राज्यों पर दिया है जहां मजदूरी पहले से कम थी. अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में मजदूरी में सबसे ज्यादा लगभग 24.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. इसके अलावाउत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, असम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्यों में भी अच्छी बढ़ोतरी की गई है. जिन राज्यों में पहले से मजदूरी ज्यादा थी, वहां भी मजदूरी बढ़ाई गई है. अब हरियाणा में मजदूरी 409 रुपये प्रतिदिन, गोवा में 406 रुपये, केरल में 401 रुपये और सिक्कम के ऊंचाई वाले ग्राम पंचायत क्षेत्रों में 450 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है. सरकार ने कहा है कि नई मजदूरी दरें पूरी तरह पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से तय की गई हैं. इसमें वार्षिक समीक्षा और मजदूरी के नए बेस रेट दोनों को ध्यान में रखा गया है ताकि मजदूरों को सही और न्यायपूर्ण मजदूरी मिल सके.
125 दिनों तक मजदूरी वाला रोजगार देने की गारंटी
VB-G RAM G एक्ट 2025 के तहत अब हर योग्य ग्रामीण परिवार को 125 दिनों तक मजदूरी वाला रोजगार देने की गारंटी होगी. सरकार को उम्मीद है कि इससे गांवों में आय बढ़ेगी, लोगों की खरीदने की ताकत मजबूत होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी. सरकार का मानना है कि यह फैसला गरीब कल्याण, अंत्योदय और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को मजबूत करेगा. इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि देश के विकास का लाभ गांवों और ग्रामीण परिवारों तक भी बराबरी से पहुंचे.
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