प्याज की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार का फैसला, तय हुई स्टॉक करने की लिमिट
देश के कई हिस्सों में प्याज 80 रुपये किलो तक बिक रहा है. इसे नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने प्याज के निर्यात पर रोक लगा दी है और भंडारण की भी सीमा तय की गई है.

नई दिल्ली: प्याज की बढ़ती कीमतों को देखते हुए सरकार ने इसके स्टॉक की लिमिट तय करने का फैसला लिया है. इस फैसले के मुताबिक कोई भी तय सीमा से अधिक प्याज का भंडारण नहीं कर सकेगा. खुदरा व्यापारियों के लिए प्याज के भंडारण की 100 कुंतल है तो वहीं थोक व्यापारियों के लिए यह सीमा 500 कुंतल है.
प्याज को लेकर एक और बड़ा फैसला लेते हुए सरकार ने इसके निर्यात पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, ''प्याज निर्यात नीति में संशोधन किया गया है और अगले आदेश तक के लिए रोक दिया गया. प्याज की सभी किस्मों का निर्यात तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया गया है.''
दिल्ली समेत देश के ज्यादातर हिस्सों में प्याज 50 से 80 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है. सरकार को बढ़ती प्याज की कीमतों की वजह से आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है.
इस हफ्ते की शुरुआत में, प्याज की कीमतों में हो रही वृद्धि को रोकने के लिए केंद्र ने कई निर्णय लिए थे. प्रत्यक्ष खुदरा बिक्री के लिए राज्यों को केंद्र के साथ उपलब्ध 35,000 टन के स्टॉक का उपयोग करने को कहा गया था.
दिल्ली सरकार बेच रही 23.90 रुपये प्रति किलो प्याज नेफेड को दिल्ली में प्याज का वितरण सफल, मदर डेयरी, नेशनल कोऑपरेटिव कन्ज्यूमर्स फेडरेशन (एनसीसीएफ) और इसके अपने आउटलेट्स के माध्यम से 24 रुपये प्रति किलो की दर से करने को निर्देशित किया गया था. वहीं दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने शनिवार से 23.90 रुपये प्रति किलो प्याज बेचने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, "दिल्ली सरकार 70 मोबाइल वैन और राशन की 400 दुकानों के माध्यम से सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में 23.90 रुपये प्रति किलो के हिसाब से प्याज उपलब्ध कराएगी."
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