लगातार बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली सरकार ने बदली टेस्टिंग पॉलिसी, इन लोगों की जांच पर रहेगा फोकस
दिल्ली में बीते कुछ दिनों से लगातार संक्रमण के 1000 से ज्यादा मामले रोजाना आ रहे हैं. प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 25 हजार से ज्यादा पहुंच गई है, जबकि 600 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है.

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच covid-19 के रोगियों की जांच के लिए सरकार ने नये दिशानिर्देश जारी किए हैं. दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक की तरफ से दो जून को जारी आदेश के मुताबिक कोरोना की जांच के लिए संशोधित नीति ऐसे रोगियों के लिए है, जिनमें इस वायरस के लक्षण हों.
इन लोगों की होगी जांच
दिल्ली में बीते कुछ दिनों में संक्रमण के मामलों में भारी बढ़ोतरी हुई है. लगातार हजार से ज्यादा मामले राजधानी में आ रहे हैं, जबकि मृतकों की संख्या भी बढ़ रही है. इसको देखते हुए ही दिल्ली सरकार ने जांच के लिए तय नीति में ये संशोधन किया है.
नए आदेश में कहा गया है कि अब सिर्फ ऐसे लोगों का टेस्ट हो जो पिछले 14 दिनों में अंतरराष्ट्रीय यात्रा से लौटे हों और उनमें बीमारी के लक्षण हैं. इसके साथ ही लैब टेस्ट में संक्रमित मामलों के संपर्क में आने वाले जिन लोगों में लक्षण हैं, उनके भी टेस्ट किए जाएं.
इनके अलावा स्वास्थ्यकर्मियों की जांच के लिए भी इस दिशानिर्देश जारी किए गए हैं. इसके मुताबिक कोरोना कंटेनमेंट जोन में काम करने वाले फ्रंटलाइन वर्कर्स में से जिनमें भी लक्षण पाए जाएंगे उनकी भी जांच होगी.
सांस संबंधी मरीजों की भी होगी जांच
संशोधित गाइडलाइन में सांस संबंधी बीमारी से ग्रस्त रोगियों की जांच को भी शामिल किया गया है. इसके अलावा अन्य कई तरह के दिशानिर्देश जारी किए गए हैं. दिल्ली में दिल्ली में कोविड-19 के मृतकों की संख्या 650 तक पहुंच गई जबकि संक्रमितों की कुल संख्या 25,004 हो गई है.
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