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नर्सरी एडमिशन शुरू: स्कूलों में नहीं दिख रही भीड़, सर्कुलर पर भ्रम की स्थिति बरकरार

नयी दिल्ली: नए साल की शुरुआत के साथ ही नर्सरी एडमिशन को लेकर आपाधापी शुरू हो गई. गौर करने लायक बात यह है कि इस साल की शुरुआत में परिवार वालों की वैसी भीड़ नज़र नहीं आ रही जैसी हर साल आती है. बीते सोमवार को शुरू हुई एडमिशन की प्रक्रिया तीन महीनों तक चलेगी. एक और बड़ी बात ये है कि इस साल लगभग सभी स्कूल एडमिशन प्रक्रिया को ऑनलाइन बनाने जा रहे हैं, वहीं परिवार वाले दिल्ली के शिक्षा निदेशालय के उस सर्कुलर को लेकर भी उहापोह में है जिसमें डीडीए की ज़मीन पर चल रहे 298 स्कूलों में एडमिशन प्रक्रिया शुरू नहीं करने को कहा गया है. अलगे आदेश तक डीडीए की जमीन पर चलने वाले स्कूल नहीं लेंगे एडमिशन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नर्सरी एडमिशन की दौड़ डीडीए जमीन पर चल रहे करीब 298 स्कूलों के मानदंड के बारे में भ्रम के साथ शुरु हुई क्योंकि दिल्ली सरकार ने उन स्कूलों में एडमिशन प्रक्रिया पर रोक लगा दी है. सरकार ने यहां पिछले सप्ताह डीडीए और सरकारी जमीन पर चलने वाले 298 प्राइवेट स्कूलों को शिक्षा निदेशालय के नए नोटिफिकेशन जारी किये जाने तक अगले सेशन के नर्सरी एडमिशन पर रोक लगा दी है. इन स्कूलों को लेकर जानकारी नहीं होने पर परिवार वालों ने अलग-अलग स्कूलों में जाकर जानकारी लेने की कोशिश की लेकिन उनके अधिकारियों ने उन्हें वापस भेज दिया. वहीं दूसरी ओर सरकार ने कहा है कि इसके लिए मंजूरी जल्द प्राप्त होगी और परिवार वालों को घबराने की जरूरत नहीं है. सरकारी अधिकारियों ने दावा किया कि यह कदम स्कूलों को नर्सरी कक्षाओं में प्रवेश में एकतरफा फैसले से स्कूलों को रोकेगा. जल्द जारी किया जाएगा आदेश: शिक्षा मंत्री, सिसोदिया उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, ‘‘मैंने उपराज्यपाल से उनके शपथ ग्रहण समारोह में इस मुद्दे के बारे में बात की. मुझे आशा है कि हम एक या दो दिन में मंजूरी प्राप्त करेंगे और फिर इन स्कूलों में प्रवेश के लिए दिशानिर्देश भी जारी किये जाएंगे.’’ इन स्कूलों में नये दिशानिर्देशों में आवेदक के आवास और स्कूल के बीच दूरी का मानदंड लागू करना शामिल है. इन स्कूलों को 75 प्रतिशत सीटें पास के इलाकों में रहने वाले छात्रों से भरना होगा. हालांकि आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार है. प्रवेश प्रक्रिया आनलाइन है लेकिन अभिभावकों ने बाकी के 1400 प्राइवेट स्कूलों में दिशानिर्देशों, मानदंडों और एडमिशन प्रक्रिया के बारे में स्पष्ट जानकारी हासिल करने के लिए स्कूलों का दौरा किया. एडमिशन के बारे में पता करने एल्कॉन इंटरनेशनल स्कूल आईं एक महिला रूचिका भट्ट ने कहा, ‘‘हमने अखबारों में एडमिशन के बारे में पढ़ा लेकिन बहुत भ्रम की स्थिति है. मैंने सरकारी वेबसाइट देखी लेकिन इसमें यह साफ नहीं है कि कौन से स्कूल डीडीए की जमीन पर बने हैं.’’
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Source: IOCL


























