Coronavirus: नोएडा में पार्कों में आना-जाना पूरी तरह से बंद, प्राधिकरण ने जारी किया आदेश
कोरोना संक्रमित मरीजों के लिहाज़ से बात की जाए तो फिलहाल नोएडा में कुल मरीजों की संख्या 137 तक पहुंच गई है. हालांकि राहत की खबर यह है कि इन 137 मरीजों में से 81 मरीज स्वस्थ भी हो गए हैं. फिलहाल नोएडा में कोरोना संक्रमित मरीज़ों की संख्या 56 है.

नोएडा: कोरोना आपातकाल के दौरान पूरे देश में 3 मई तक के लिए लॉकडाउन की घोषणा की गई है. केंद्र सरकार, राज्य सरकारें और प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रही हैं कि लोग अपने घरों में रहे जिससे कि लॉकडाउन को सफल बनाया जा सके और कोरोना को मात दी जा सके. दिल्ली से सटे नोएडा प्रशासन ने तो नोएडा की सीमा को भी सील कर दिया गया है जिससे कि लोग नोएडा से बाहर आ जा ना सके और जिसको आना जाना है वह प्रशासन से अनुमति लेने के बाद ही आ जा सके. लेकिन इन सबके बीच नोएडा प्रशासन के सामने लगातार इस तरह की शिकायतें आ रही थी कि लोग लॉकडॉउन का उल्लंघन कर सुबह और शाम सैर के लिए पार्कों में निकल रहे हैं. जिसके बाद अब नोएडा प्रशासन ने एक आदेश जारी कर साफ कर दिया है की कि पार्कों में आने जाने पर अगले आदेश तक पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा.
नोएडा प्राधिकरण ने जारी किया आदेश, पार्कों के इस्तेमाल पर पूरी तरह लगे रोक
नोएडा प्राधिकरण की तरफ से जारी किए आदेश में साफ तौर पर कहा गया है कि केंद्र सरकार ने पूरे देश में 3 मई तक के लिए लॉक डाउन की घोषणा की है. सरकार के इस ऐलान के बाद ही स्थानीय प्रशासन ने यह साफ कर दिया था कि लोग पार्कों में कम से कम निकलें. लेकिन फिर भी लगातार ऐसी शिकायतें आ रही है की नोएडा में अभी भी बड़ी संख्या में लोग सुबह शाम के वक़्त पार्क में सैर के लिए निकल रहे हैं जो कि लॉक डॉन का उल्लंघन है. इसी को देखते हुए सभी आरडब्लूए से अपील की गई है कि वह यह सुनिश्चित करें कि लोग सुबह शाम के वक्त पार्कों में सैर के लिए ना निकले और लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन करें.
नोएडा में हालात पहले से बेहतर, लेकिन लड़ाई लंबी नोएडा में सील किये गए इलाकों की यानी कि जो इलाके रेड जोन में है तो ऐसे इलाकों की संख्या 24 है. जबकि ऑरेंज जोन में आने वाले इलाकों की संख्या 10 और ग्रीन जोन में आने वाले इलाके लाखों की संख्या 16 है. यानी पिछले कुछ दिनों में नोएडा में हालात सुधरे तो हैं लेकिन लड़ाई अभी लंबी है और उस को सफल बनाने के लिए जरूरी है कि लोग अपने घरों में रहे.
Source: IOCL

























